
Breaking news PM Modi Meeting News: वैश्विक उथल-पुथल के बीच पीएम मोदी ने की बड़ी बैठक
बल मार्केट में जारी टेंशन के बीच पीएम मोदी ने शनिवार को ‘प्रधानमंत्री की आर्थिक सलाहकार परिषद’ (ईएसी-पीएम) के सदस्यों के साथ एक अहम बैठक की. इस हाई लेवल मीटिंग का उद्देश्य मौजूदा वैश्विक चुनोंतियों का डटकर मुकाबला करना और भारतीय अर्थव्यवस्था की रफ्तार को और तेज करना था।
आधिकारिक सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार बैठक के दौरान देश में सुधारों के लिए उठाए जाने वाले कदमों पर चर्चा हुई. परिषद के सदस्यों ने आम नागरिक के लिए जीवन की सुगमता और इंडस्ट्री के लिए कारोबारी सुगमता को और बेहतर बनाने से जुड़े अलग-अलग नीतिगत सुधारों पर विचार विमर्श हुआ। meeting amid global economic crisis pm modi
बैठक में सिर्फ घरेलू मोर्चे पर ही नहीं, बल्कि वैश्विक स्थितियों पर भी चर्चा हुई. सूत्रों ने बताया कि मिडिल ईस्ट में जारी टेंशन का भारत पर क्या संभावित असर हो सकता है, इसका बारीकी से आकलन किया गया.साथ ही ईएसी-पीएम के सदस्यों ने इस दौरान मौजूदा आर्थिक स्थिति और भविष्य की चुनौतियों को लेकर अपना विश्लेषण भी प्रस्तुत किया।
यह बैठक ऐसे समय पर हुई जब दुनिया में अनिश्चितता और भू-राजनीतिक तनाव बढ़ रहे हैं, लेकिन इसके बावजूद भारत की अर्थव्यवस्था तेज गति से बढ़ रही है. वित्त वर्ष 2025-26 की जनवरी से मार्च वाली तिमाही में जीडीपी ग्रोथ लगभग 7.8% रहने का अनुमान है, जो काफी मजबूत मानी जा रही है. पूरे वित्त वर्ष में भी भारत की आर्थिक वृद्धि दर करीब 7.7% रही।
वैश्विक आर्थिक अस्थिरता, पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में बढ़ती अनिश्चितताओं के बीच प्रधानमंत्री Narendra Modi ने शनिवार को प्रधानमंत्री की आर्थिक सलाहकार परिषद (EAC-PM) की एक महत्वपूर्ण बैठक की अध्यक्षता की। बैठक का मुख्य उद्देश्य विश्व स्तर पर उत्पन्न आर्थिक चुनौतियों के भारत पर पड़ने वाले संभावित प्रभावों का आकलन करना और उनसे निपटने के लिए रणनीति तैयार करना था।
बैठक में परिषद के सदस्यों ने पश्चिम एशिया में जारी तनाव, वैश्विक व्यापार मार्गों में संभावित बाधाओं, ऊर्जा कीमतों में उतार-चढ़ाव तथा आपूर्ति श्रृंखला (सप्लाई चेन) पर पड़ने वाले प्रभावों का विस्तृत विश्लेषण प्रस्तुत किया। विशेषज्ञों ने बताया कि यदि अंतरराष्ट्रीय हालात और बिगड़ते हैं तो इसका असर तेल की कीमतों, परिवहन लागत, आयात-निर्यात तथा महंगाई पर पड़ सकता है।
प्रधानमंत्री ने बैठक में भारत की आर्थिक वृद्धि दर को बनाए रखने के लिए ठोस कदम उठाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि वैश्विक चुनौतियों के बावजूद भारत को निवेश, उत्पादन और रोजगार सृजन के क्षेत्र में अपनी गति बनाए रखनी होगी। बैठक में “Ease of Living” और “Ease of Doing Business” से जुड़े सुधारों को और तेज करने, विदेशी निवेश आकर्षित करने तथा उद्योगों के लिए अनुकूल वातावरण तैयार करने पर विशेष चर्चा हुई।
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