
Punjab Weather : बाढ ने आम जन से लेकर हर वर्ग को किया प्रभावित, अब तक 2.5 लाख से अधिक लोग प्रभावित
AAP के सभी सांसद-विधायक देंगे एक माह की सैलरी, केजरीवाल ने की देशवासियों से अपील
प्रमुख नदियाँ सतलुज, व्यास और रावी उफान पर
चंडीगढ, 2 सिंतबर (विश्ववार्ता) Punjab Weather : Punjab इस समय भंयानक बाढ की मार झेल रहा है, जिससे हर तरफ समाज का हर वर्ग एक आस लगाये देख रहा है। पंजाब मे अब तक करीब 2.56 लाख लोग बाढ़ की चपेट में आ चुके हैं। बाढ़ संबंधी घटनाओं में लगभग 30 लोगों की जान जा चुकी है और कई घायल हैं। सबसे बड़ा असर किसानों पर पड़ा है। लगभग 3 लाख एकड़ फसल पूरी तरह बर्बाद हो चुकी है, जिसमें मुख्य रूप से धान की खेती शामिल है। पशुधन की भी बड़े पैमाने पर हानि हुई है, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को गहरा झटका लगा है। सैकड़ों गांवों में बिजली और पेयजल सेवाएँ ठप हो गई हैं। पीने के पानी की भारी किल्लत है और कई लोग खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर हैं। all aap mps and mla donate salary
आम आदमी पार्टी के प्रमुख अरविंद केजरीवाल ने कहा कि जब भी देश पर संकट आता है तो पंजाब हमेशा आगे खड़ा रहा है। अब पंजाब खुद मुश्किल में है। उन्होंने देश के लोगों से अपील की है कि इस कठिन समय में पंजाब की हर तरह से मदद करें। आम आदमी पार्टी के सभी सांसद और विधायक अपनी एक महीने की सैलरी पंजाब मुख्यमंत्री राहत कोष में देंगे।
इन दिनों भीषण बाढ़ की मार झेल रहा है। अगस्त के आखिरी सप्ताह से लेकर सितंबर की शुरुआत तक लगातार बारिश और उत्तर भारत के पहाड़ी राज्यों हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर में मूसलधार बारिश के चलते राज्य की प्रमुख नदियाँ सतलुज, व्यास और रावी उफान पर हैं। नदियों का जलस्तर खतरे के निशान को पार कर चुका है, जिससे कई मैदानी इलाकों में जलभराव की स्थिति बन गई है।
गुरदासपुर, अमृतसर, तरनतारन, होशियारपुर, फाजिल्का, लुधियाना और मानसा जैसे जिलों में बाढ़ का असर सबसे अधिक देखने को मिल रहा है। कई गांव पूरी तरह पानी में डूब गए हैं, और स्थानीय लोगों को सुरक्षित स्थानों पर शरण लेने के लिए मजबूर होना पड़ा है।
बाढ़ की गंभीरता को देखते हुए राज्य सरकार ने एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें तैनात की हैं। बचाव कार्य युद्धस्तर पर चल रहा है। प्रभावितों को नावों और अस्थायी पुलों के ज़रिए सुरक्षित स्थानों तक पहुँचाया जा रहा है। कई स्कूल, पंचायत घर और गुरुद्वारे अस्थायी राहत शिविरों में तब्दील कर दिए गए हैं, जहाँ भोजन, पानी, दवाइयाँ और आवश्यक सामान मुहैया कराया जा रहा है। बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए, सरकार ने 3 सितंबर तक सभी स्कूल बंद रखने का आदेश दिया है।
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने केंद्र सरकार से 60,000 करोड़ रुपये की लंबित राशि जारी करने की मांग की है, साथ ही बाढ़ प्रभावित किसानों के लिए प्रति एकड़ न्यूनतम 50,000 रुपये मुआवज़ा देने की सिफारिश की है। पंजाब सरकार ने कहा है कि वह इस मुआवज़े में 25त्न की हिस्सेदारी खुद वहन करेगी। इसके अलावा मुख्यमंत्री ने एसडीआरएफ मुआवज़ा नीति में संशोधन की भी अपील की है, जिससे कृषि प्रधान राज्यों को समय पर राहत मिल सके।























