मोहाली सत्संग भवन में हुआ निरंकारी बच्चों समागम
अपने माता-पिता और बुजुर्गों की सेवा करना अपने जीवन का लक्ष्य बनाएं-ओ.पी.निरंकारी
मोहाली, 12 जून (सतीश कुमार पप्पी ) सतगुरु माता सुदीक्षा जी महाराज के आशीर्वाद से संत निरंकारी सत्संग भवन मोहाली में एक भव्य निरंकारी बॉल कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में मोहाली फेज-6, टीडीआई सिटी, सैदपुर, खरड़, कुराली, बनूड़ से साध संगत के बच्चों ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम में बच्चों द्वारा भजन, कविता, प्रेरणादायक कव्वाली, नाटक और विचारों की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ दी गईं। इन सभी प्रस्तुतियों का अर्थ यही था कि बच्चों का जीवन सुन्दर रूप से विकसित हो और वे अपने माता-पिता एवं शिक्षकों का सम्मान करें तथा सकारात्मक दृष्टिकोण रखें।
इस अवसर पर चंडीगढ़ जोन के जोनल प्रभारी ओ.पी. बच्चों द्वारा दी गई प्रस्तुतियों की सराहना करते हुए निरंकारी ने कहा कि जो बच्चे बचपन में सकारात्मक जीवन जीते हैं और अपनी पढ़ाई पर विशेष ध्यान देते हैं, खेल-कूद और सक्रिय गतिविधियों के लिए भी आवश्यक समय निकालते हैं, वे भविष्य में समाज के काम आते हैं। उन्होंने आगे कहा कि अगर पढ़ाई के विषयों में रुचि बरकरार रखी जाए तो कोई भी विषय कठिन नहीं है. साथ ही जो बच्चे अध्यात्म से जुड़ते हैं वे एक सुसंस्कृत एवं सुन्दर समाज के निर्माण में अपना महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं।
ऐसे आयोजनों में भाग लेने से बच्चे अनुशासन, सम्मान और एक-दूसरे की मदद करने की भावना भी सीखते हैं। उन्होंने आगे कहा कि अपने माता-पिता और बुजुर्गों की सेवा करना अपने जीवन का लक्ष्य बनाएं। जो बच्चे अपने माता-पिता की सेवा करते हैं या अपने बड़ों का सम्मान करते हैं ये जीवन में सदैव प्रगति करते हैं।
इस अवसर पर मोहाली शाखा संयोजक डॉ. जे. के. चीमा जी जोनल प्रभारी ओ. पी. ने निरंकारी जी एवं सभी बच्चों एवं उनके अभिभावकों का धन्यवाद किया और कहा कि सतगुरु के वचनों को न केवल सुनना चाहिए बल्कि इन वचनों को जीवन में अपनाना चाहिए। सतगुरु माता जी भी यही संदेश दे रही हैं कि सुखी जीवन जीने के लिए हमें रचनात्मक जीवन जीना चाहिए।























