
Supreme Court: आवारा कुत्तों पर सुप्रीम कोर्ट ने सुरक्षित रखा फैसला
राज्यों से एक सप्ताह में मांगी लिखित दलीलें
– कोर्ट ने रखा फैसला सुरक्षित
नई दिल्ली, चंडीगढ़, 29 जनवरी,(विश्ववार्ता) सुप्रीम कोर्ट ने सभी राज्यों की दलीलें सुनने के एक दिन बाद आवारा कुत्तों के मुद्दे पर अपना फैसला सुरक्षित रख लिया। कोर्ट ने केंद्र और राज्य सरकारों की ओर से पेश हुए डॉग लवर्स, डॉग बाइट विक्टिम्स, एनिमल राइट्स एक्टिविस्ट्स और वकीलों समेत सभी पार्टियों को सुनने के बाद सुनवाई पूरी की। कोर्ट ने सभी पार्टियों को एक हफ्ते के अंदर लिखित दलीलें जमा करने का आदेश दिया है।
इससे पहले बुधवार को, सुप्रीम कोर्ट ने कई राज्यों द्वारा आवारा कुत्तों की नसबंदी न करने, डॉग पाउंड न बनाने और एजुकेशनल और दूसरे इंस्टीट्यूशन्स के कैंपस से कुत्तों को न हटाने पर कड़ी नाराजगी जताई थी। जस्टिस विक्रम नाथ, जस्टिस संदीप मेहता और जस्टिस एनवी अंजारिया की बेंच ने कहा, ये सभी हवा में किले बना रहे हैं। असम को छोड़कर, किसी भी राज्य ने आवारा कुत्तों के काटने की घटनाओं का डेटा जमा नहीं किया है। Order in stray Dogs case
कोर्ट ने असम से जुड़े डेटा पर भी हैरानी जताई, जहां 2024 में कुत्तों के काटने के 1.66 लाख मामले सामने आए, जबकि वहां सिर्फ एक डॉग सेंटर है। कोर्ट ने यह भी कहा कि अकेले जनवरी 2025 में 20,900 लोगों को कुत्तों ने काटा, जो बहुत चिंता की बात है।
कोर्ट ने गोवा, कर्नाटक, मध्य प्रदेश, झारखंड और गुजरात की दलीलें भी सुनीं और आवारा जानवरों को स्कूलों और अस्पतालों में घुसने से रोकने के लिए बाड़ लगाने के निर्देशों का पालन न करने पर कड़ी फटकार लगाई। कोर्ट ने कहा कि राज्य सरकारें सिर्फ कहानियां सुना रही हैं, ज़मीनी स्तर पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। Order in stray Dogs case
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