National: RBI गवर्नर की चेतावनी: भविष्य में फाइनेंशियल संकट का खतरा बढ़ सकता है
चंडीगढ 04 अक्तूबर, 2026 (विश्ववार्ता) वेस्ट एशिया में चल रहे तनाव के बावजूद, भारत का फाइनेंशियल सिस्टम अभी मजबूत स्थिति में है। हालांकि, रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) के गवर्नर संजय मल्होत्रा ने भविष्य के संभावित खतरों को लेकर सतर्क रहने की जरूरत बताई है। कौटिल्य इकोनॉमिक समिट में बोलते हुए मल्होत्रा ने कहा कि मौजूदा मजबूत फाइनेंशियल स्थिति इस बात की गारंटी नहीं देती कि भविष्य में कोई खतरा नहीं आएगा। लंबे समय तक इकोनॉमिक स्टेबिलिटी रहने से लोग और फाइनेंशियल इंस्टीट्यूशन ज्यादा रिस्क ले सकते हैं, जिससे कर्ज का लेवल भी बढ़ सकता है। Risk of Financial Crisis Could Rise in the Future
उन्होंने कहा कि अगला फाइनेंशियल संकट जरूरी नहीं कि किसी बैंक या फाइनेंशियल इंस्टीट्यूशन से शुरू हो। साइबर अटैक, जियोपॉलिटिकल घटनाएं, टेक्नोलॉजी में रुकावट और एक देश से दूसरे देश में फाइनेंशियल स्पिलओवर भी संकट पैदा कर सकते हैं। RBI गवर्नर के मुताबिक, फाइनेंशियल स्टेबिलिटी सिर्फ बैंकिंग सेक्टर तक ही सीमित नहीं है।
नॉन-बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनियों (NBFCs), स्टॉक मार्केट, डिजिटल पेमेंट सिस्टम, टेक्नोलॉजी इंफ्रास्ट्रक्चर, जरूरी थर्ड-पार्टी सर्विसेज और इंटरनेशनल फाइनेंशियल नेटवर्क को भी मजबूत रखने की जरूरत है। उनके अनुसार, जियोपॉलिटिकल तनाव फाइनेंशियल मार्केट पर दबाव डाल सकते हैं, जबकि बड़े साइबर हमले या टेक्निकल खराबी बैंकिंग और ऑनलाइन पेमेंट सिस्टम पर असर डाल सकती है। इसलिए, फाइनेंशियल सिस्टम को मौजूदा मजबूती के साथ-साथ भविष्य के संभावित खतरों के लिए तैयार रखना ज़रूरी है।
और खबरें पढ़ने के लिए, दिए गए लिंक पर क्लिक करें: https://wishavwarta.in/
























