
Punjab CM Mann ने Amritsar तीर्थयात्रियों को ले जाने वाली बसों के पहले जत्थे को दिखाई हरी झंडी
इस पहल का उद्देश्य लोगों की पवित्र स्थलों पर मत्था टेकने की इच्छा को करना है पूरा
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अपना मानसिक संतुलन खो बैठे हैं, इसलिए गैर-ज़िम्मेदाराना बयान दे रहे हैं
केंद्र सरकार में पदों की लालसा में भाजपा में शामिल हुए कांग्रेस नेता केवल ‘सुपात्र मंत्री’ हैं
धूरी (संगरूर), 10 नवंबर (विश्व वार्ता):- पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा योजना के तहत तीर्थयात्रियों को पवित्र शहर अमृतसर के धार्मिक स्थलों के दर्शन कराने के लिए बसों के पहले जत्थे को हरी झंडी दिखाई।
श्रद्धालुओं से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यह यात्रा नौवें गुरु, श्री गुरु तेग बहादुर जी के 350वें शहीदी दिवस को समर्पित है। उन्होंने कहा कि यह योजना 29 अक्टूबर, 2025 को बरवाल गाँव से शुरू की गई थी और इन श्रद्धालुओं का चयन पारदर्शी ड्रॉ के माध्यम से किया गया है। भगवंत सिंह मान ने कहा कि यह पंजाब सरकार द्वारा पवित्र स्थलों की तीर्थयात्रा को सुगम बनाकर पंजाबियों के बीच सामाजिक और धार्मिक सद्भाव को मज़बूत करने की एक विनम्र पहल है। cm mann has ordered buses to take pilgrims to amritsar for darshan

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह पहल उन वरिष्ठ नागरिकों की हार्दिक इच्छा पूरी कर रही है जो पवित्र धार्मिक स्थलों के दर्शन करने के लिए तरस रहे थे। उन्होंने कहा कि इस योजना के तहत श्रद्धालुओं को श्री हरमंदिर साहिब, दुर्गियाना मंदिर, भगवान वाल्मीकि तीर्थ स्थल, जलियाँवाला बाग, विभाजन संग्रहालय और अमृतसर के अन्य धार्मिक एवं ऐतिहासिक स्थलों के दर्शन कराए जाएँगे। भगवंत सिंह मान ने कहा कि यह योजना सभी जातियों, धर्मों, आय वर्गों और हर क्षेत्र के लोगों के लिए है।
मुख्यमंत्री ने आगे जानकारी देते हुए कहा कि राज्य सरकार ने तीर्थयात्रियों के लिए तीन दिन और दो रातों के निःशुल्क प्रवास की व्यापक व्यवस्था की है। उन्होंने कहा कि यात्रा के लिए 50 वर्ष और उससे अधिक आयु के तीर्थयात्रियों का पंजीकरण किया गया है और पंजीकरण के लिए मतदाता पहचान पत्र अनिवार्य किया गया है। भगवंत सिंह मान ने कहा कि तीर्थयात्रियों को एसी बसें, एसी होटल में आवास और भोजन निःशुल्क प्रदान किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यात्रियों की सहायता के लिए प्रत्येक बस में एक सहायक होगा और किसी भी आपात स्थिति में तत्काल सहायता प्रदान करने के लिए एक चिकित्सा दल भी तीर्थयात्रियों के साथ रहेगा। उन्होंने कहा कि यात्रा समापन के बाद सभी तीर्थयात्रियों को प्रसाद वितरित किया जाएगा। भगवंत सिंह मान ने कहा कि पंजाब महान गुरुओं, देवी-देवताओं, साधु-संतों और शहीदों की पवित्र भूमि है, जिन्होंने हमें आपसी भाईचारे, सद्भाव और एकता का संदेश दिया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वह स्वयं को सौभाग्यशाली मानते हैं कि ईश्वर ने उन्हें इस नेक कार्य के माध्यम से लोगों की सेवा करने का अवसर दिया। उन्होंने कहा कि यह योजना महान गुरुओं की शिक्षाओं और दर्शन के अनुरूप तैयार की गई है, जिन्होंने लोगों को भाईचारे, एकता और शांति का संदेश दिया। भगवंत सिंह मान ने कहा कि राज्य में समाज का एक बड़ा वर्ग किसी न किसी कारण से देश भर के इन पवित्र स्थानों की यात्रा नहीं कर पाता था।
मुख्यमंत्री ने कहा कि अब राज्य सरकार ने श्रद्धालुओं को देश और राज्य भर के विभिन्न पवित्र स्थानों के दर्शन कराने के लिए यह योजना शुरू की है। उन्होंने सभी श्रद्धालुओं से नौवें गुरु श्री गुरु तेग बहादुर जी के शहीदी दिवस की याद में विभिन्न जिलों और श्री आनंदपुर साहिब में आयोजित किए जा रहे विभिन्न धार्मिक समारोहों और प्रमुख कार्यक्रमों में सक्रिय रूप से भाग लेने की अपील की। भगवंत सिंह मान ने कहा कि राज्य सरकार ने इस ऐतिहासिक अवसर को मनाने के लिए पहले ही कई कार्यक्रमों की रूपरेखा तैयार कर ली है।
एक प्रश्न के उत्तर में, मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य कांग्रेस प्रमुख अपना मानसिक संतुलन खो चुके हैं, जिसके कारण वह गैर-जिम्मेदाराना और तर्कहीन बयान दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस तरह के बेतुके बयान किसी सामान्य या समझदार व्यक्ति द्वारा नहीं दिए जाते। उन्होंने कहा कि तरनतारन चुनावों में अपनी पार्टी की स्पष्ट हार को देखकर राज्य कांग्रेस प्रमुख घबरा गए हैं, जिसके कारण वह इस तरह के घृणित कार्य कर रहे हैं। भगवंत सिंह मान ने कहा कि कूड़े के ढेर और भाजपा नेताओं के घरों से क्रमशः वीवीपैट और ईवीएम पर्चियों का बरामद होना भारत के चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली के साथ-साथ स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनावों पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगाता है।
मुख्यमंत्री ने चिंता व्यक्त की कि भारत के चुनाव आयोग की गिरती विश्वसनीयता लोकतंत्र के लिए घातक साबित हो सकती है। उन्होंने कहा कि अगर कोई राजनीतिक दल ईवीएम और वोट चोरी पर सवाल उठा रहा है, तो चुनाव आयोग को अपनी स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए। भगवंत सिंह मान ने कहा कि चुनाव आयोग इस पर चुप है, लेकिन भाजपा उसके प्रवक्ता के रूप में काम कर रही है, जो पूरी तरह से गलत है।
मुख्यमंत्री ने दोहराया कि केंद्र की भाजपा नीत एनडीए सरकार पिछले दरवाजे से पंजाब विश्वविद्यालय में घुसने की कोशिश कर रही है, जिसे किसी भी कीमत पर ऐसा नहीं होने दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि अपनी स्थापना के बाद से ही पंजाब विश्वविद्यालय, चंडीगढ़ हमारे राज्य की भावनात्मक, सांस्कृतिक, साहित्यिक और समृद्ध विरासत का हिस्सा रहा है। भगवंत सिंह मान ने खेद व्यक्त करते हुए कहा कि विश्वविद्यालय के अस्तित्व को बदलने के लगातार प्रयास किए जा रहे हैं, लेकिन पंजाब सरकार छात्रों के व्यापक हितों को ध्यान में रखते हुए ऐसी किसी भी योजना को सफल नहीं होने देगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि भाजपा पंजाब विरोधी मानसिकता से ग्रस्त है, जिसके कारण वह राज्य को बर्बाद करने पर तुली हुई है।
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