
National News: CM Mamata बनर्जी ने Amit Shah को लेकर दिया बड़ा बयान
पढिये क्या है पूरी खबर
पश्चिम बंगाल, चंडीगढ, 09 अक्तूबर (विश्ववार्ता) – पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री Mamata Banerjee (राष्ट्रीय) ने बुधवार को कोलकाता में कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah कार्यवाहक प्रधानमंत्री की तरह व्यवहार कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को शाह पर ज़्यादा भरोसा नहीं करना चाहिए।
ममता बनर्जी ने शाह की तुलना मीर जाफ़र से की। मुख्यमंत्री ने यह बयान 5 अक्टूबर को ओडिशा के कटक में दुर्गा पूजा विसर्जन समारोह के दौरान हुई हिंसा और बिहार में एसआईआर (विशेष अधिकार) पर प्रतिक्रिया देते हुए दिया। ममता ने कहा, “कटक में स्थिति बहुत खराब है। भाजपा और बजरंग दल ने वहाँ सांप्रदायिक हिंसा को बढ़ावा दिया है।”
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मुख्यमंत्री ममता बनर्जी (राष्ट्रीय) ने कहा, “भाजपा और बजरंग दल देश को नुकसान पहुँचा रहे हैं। मैंने कई सरकारें देखी हैं, लेकिन इतनी अहंकारी और तानाशाही सरकार कभी नहीं देखी। उन्हें याद रखना चाहिए कि वे आज सत्ता में हैं, लेकिन कल नहीं भी रह सकते। कोई भी चीज़ हमेशा के लिए नहीं रहती। वे 15 दिनों में एसआईआर कैसे बन सकते हैं?”
मिरिक पुल दुर्घटना पर प्रधानमंत्री मोदी की टिप्पणियों पर प्रतिक्रिया देते हुए, ममता बनर्जी ने कहा, “बंगाल गुजरात नहीं है। 2022 में, गुजरात के मोरबी में एक पुल गिरने से 130 से ज़्यादा लोग मारे गए थे।” National News:
राज्य सरकार ने राहत अभियान तेज़ कर दिया है। अब तक 500 राहत किट वितरित की जा चुकी हैं, जिनमें कंबल, चावल, दालें, सूखा राशन और दूध शामिल हैं। लगभग 1,000 फंसे हुए पर्यटकों को 45 बसों में सुरक्षित निकाला गया है।
मिरिक में अस्थायी पुल 15 दिनों में बनकर तैयार हो जाएगा और नया पुल अगले मानसून से पहले बनकर तैयार हो जाएगा। वह अगले हफ़्ते राहत कार्यों की निगरानी के लिए बाढ़ प्रभावित इलाकों का व्यक्तिगत रूप से दौरा करेंगी।
ममता (राष्ट्रीय) ने केंद्र सरकार पर बाढ़ राहत के लिए धनराशि जारी न करने का आरोप लगाते हुए कहा कि भाजपा चुनावों के लिए तो धन इकट्ठा करती है, लेकिन आपदा राहत के लिए नहीं। पिछले हफ़्ते उत्तर बंगाल में लगातार बारिश और भूस्खलन में 32 लोगों की मौत हो गई और कई लापता हो गए। Amit Shah
मीर जाफ़र (राष्ट्रीय) कौन थे? – मीर जाफ़र बंगाल के नवाब सिराजुद्दौला का सेनापति था और भारतीय इतिहास में विश्वासघात का प्रतीक माना जाता है। उसने 1757 के प्लासी के युद्ध में अंग्रेजों से हाथ मिलाकर सिराजुद्दौला के साथ विश्वासघात किया। मीर जाफ़र ने ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी के साथ एक गुप्त समझौता किया, जिसके परिणामस्वरूप सिराजुद्दौला की हार हुई और भारत में ब्रिटिश शासन की नींव पड़ी। बाद में अंग्रेजों ने मीर जाफ़र को बंगाल का नवाब नियुक्त किया। Amit Shah
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