Life Style: सर्दियों में रोज कितना पानी पीना चाहिए ?
ठंड में प्यास को इग्नोर करना पड़ सकता है भारी
चंडीगढ़ 20 नवंबर 2025 (विश्व वार्ता) सर्दियों का मौसम शुरू होते ही शरीर में पानी की कमी से जुड़े स्वास्थ्य जोखिम बढ़ जाते हैं, क्योंकि ठंडे मौसम में लोगों की प्यास कम महसूस होती है और वे कम पानी पीते हैं। ऐसे में डॉक्टरों का मानना है कि रोजाना 500 मिलीलीटर से कम पानी पीना शरीर के लिए गंभीर समस्याओं का कारण बन सकता है। सबसे पहले किडनी पर इसका सीधा असर पड़ता है। पानी की कमी से किडनी को शरीर के अपशिष्ट पदार्थों को फिल्टर करने में कठिनाई होती है, जिससे यूरिन की मात्रा कम हो जाती है और शरीर से विषाक्त पदार्थ बाहर नहीं निकल पाते। लंबे समय तक यह आदत किडनी की कार्यक्षमता को नुकसान पहुँचा सकती है और किडनी स्टोन या अन्य किडनी संबंधी बीमारियों का खतरा बढ़ा सकती है। Tips winter hydration risks
इसके अलावा, शरीर में पानी की कमी ब्लड वॉल्यूम को घटा देती है, जिससे मस्तिष्क तक पहुंचने वाली ऑक्सीजन की मात्रा कम हो जाती है। इससे थकान, मूड स्विंग और ध्यान केंद्रित करने में कठिनाई जैसी समस्याएं हो सकती हैं। मसल्स को पर्याप्त ऑक्सीजन और पोषक तत्व नहीं मिलने से मांसपेशियों में दर्द और कमजोरी भी महसूस हो सकती है। खासकर शारीरिक व्यायाम करने वालों और ऑफिस में लंबे समय तक बैठे रहने वालों को इससे अतिरिक्त थकान और ऊर्जा की कमी का सामना करना पड़ सकता है। Tips winter hydration risks
पानी की कमी का असर पाचन तंत्र पर भी पड़ता है। जल शरीर में भोजन के पचने की प्रक्रिया में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। जब पानी कम पीते हैं, तो पाचन धीमा हो जाता है, जिससे कब्ज, अपच और पेट की गैस जैसी समस्याएं बढ़ सकती हैं। इसके अलावा भूख भी प्रभावित हो सकती है और शरीर को जरूरी पोषण नहीं मिल पाता।
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