दिशा सालियान के पिता ने आदित्य ठाकरे और अनिल देशमुख को 500 करोड़ रुपये का मानहानि भेजा नोटिस
– 7 दिन के अंदर माफी, बयान वापस लेने और 500 करोड़ रुपये का मांगा मुआवजा
आदित्य ठाकरे ने आरोपों से किया इनकार
नई दिल्ली, 17 सितंबर (विश्व वार्ता) – दिवंगत एक्टर सुशांत सिंह राजपूत की पूर्व मैनेजर दिशा सालियान के पिता सतीश सालियान ने शिवसेना (UBT) नेता आदित्य ठाकरे और महाराष्ट्र के पूर्व गृह मंत्री अनिल देशमुख को 500 करोड़ रुपये का मानहानि नोटिस भेजा है। नोटिस में दोनों के कुछ कथित बयानों पर आपत्ति जताई गई है। सतीश सालियान ने नोटिस के जरिए बयान वापस लेने, सार्वजनिक रूप से माफी मांगने और 500 करोड़ रुपये के मुआवजे की मांग की है। दोनों नेताओं को इन मांगों पर कार्रवाई करने के लिए 7 दिन का समय दिया गया है।
2020 में हुई थी दिशा सालियान की मौत
28 साल की दिशा सालियान की 8 जून, 2020 को मुंबई के मलाड इलाके में एक ऊंची इमारत से गिरने से मौत हो गई थी। पुलिस ने इस घटना को एक्सीडेंट के तौर पर रजिस्टर किया और एक्सीडेंटल डेथ रिपोर्ट (ADR) फाइल की। 6 दिन बाद एक्टर सुशांत सिंह राजपूत की भी मौत हो गई। दिशा के पिता ने शुरू में कहा कि किसी भी क्रिमिनल कॉन्सपिरेसी का कोई शक नहीं है। बाद में, उन्होंने FIR रजिस्टर करने और मामले की नए सिरे से जांच की मांग करते हुए बॉम्बे हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। पिटीशन में आदित्य ठाकरे, डिनो मोरिया और सूरज पंचोली समेत कई लोगों से जुड़े आरोपों की जांच की मांग की गई थी। अब, लगभग 6 साल बाद, इस केस की जांच सेंट्रल ब्यूरो ऑफ़ इन्वेस्टिगेशन (CBI) कर रही है। Disha salian father defamation notice to Adtya thackeray and anil deshmukh
नोटिस में आदित्य ठाकरे पर क्या आरोप है? लीगल नोटिस में दावा किया गया है कि आदित्य ठाकरे ने कथित तौर पर सतीश सालियान की इंसाफ की मांग को पॉलिटिकल मकसद से जोड़ा और उनके इरादों पर सवाल उठाया। नोटिस में इन आरोपों को झूठा, बेबुनियाद और बदनाम करने वाला बताया गया है। नोटिस में यह भी आरोप है कि ठाकरे ने कथित तौर पर दावा किया कि CBI ने दिशा सालियान केस की जांच पहले ही कर दी थी और उन्हें ‘क्लीन चिट’ दे दी थी। सतीश सालियान के नोटिस के मुताबिक, इसका इस्तेमाल उनकी जांच की मांग को गैर-जरूरी दिखाने के लिए किया गया था।
नोटिस में यह भी कहा गया है कि आदित्य ठाकरे ने कथित तौर पर सतीश सालियान से कहा था कि उन्हें ‘परेशान करने के लिए एक टूल की तरह इस्तेमाल किया जा रहा है’, जिसका कथित तौर पर अनिल देशमुख ने भी समर्थन किया था।
देशमुख के बयान का भी ज़िक्र किया गया
नोटिस के मुताबिक, 23 मार्च, 2025 को अनिल देशमुख ने दिशा सालियान केस को आदित्य ठाकरे को बदनाम करने की ‘साज़िश’ कहा था। नोटिस में दावा किया गया है कि इस बयान को बड़े पैमाने पर पब्लिसिटी मिली और सतीश सालियान की इमेज को नुकसान पहुँचा।
सतीश सालियान ने दोनों नेताओं से बिना शर्त और पब्लिक में लिखकर माफ़ी माँगी है। नोटिस में यह भी कहा गया है कि माफ़ी को बड़े अखबारों, टीवी चैनलों और डिजिटल प्लेटफॉर्म पर पब्लिश और ब्रॉडकास्ट किया जाना चाहिए। इसके अलावा, दोनों नेताओं के ऑफिशियल सोशल मीडिया अकाउंट पर कम से कम 3 मिनट का वीडियो माफ़ीनामा पोस्ट करने की माँग की गई है।
आदित्य ठाकरे ने आरोपों से किया इनकार
आदित्य ठाकरे ने बुधवार को दिशा सालियान से किसी भी तरह के कनेक्शन से इनकार किया था। उन्होंने ‘X’ पर कहा कि वह दिशा से कभी नहीं मिले और न ही उनसे जान-पहचान रखते हैं। ठाकरे ने इस केस से अपना नाम जोड़ने को ‘बिना सबूत’ के कैरेक्टर एसेसिनेशन की कोशिश बताया और कहा कि यह मामला लगभग 6 साल से पॉलिटिकल और पर्सनल वजहों से उठाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि बिना किसी ‘गलत इरादे से ध्यान भटकाने’ और कैरेक्टर एसेसिनेशन के ऑफिशियल री-इन्वेस्टिगेशन होनी चाहिए। FIR में नामजद दूसरे लोगों ने भी अपने ऊपर लगे आरोपों से इनकार किया है।
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