UN में नेतन्याहू के भाषण का बड़े पैमाने पर देशों ने किया बॉयकॉट
– विरोध में हॉल से चले गए बाहर
नई दिल्ली, चंडीगढ, 25 सिंतबर, 2026 (विश्ववार्ता) इज़राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने गुरुवार को यूनाइटेड नेशंस जनरल असेंबली (UNGA) में भाषण दिया। जैसे ही वह स्टेज पर पहुंचे, करीब 75 देशों के प्रतिनिधियों ने विरोध में उनकी हूटिंग की और कई प्रतिनिधि हॉल से बाहर चले गए। इस दौरान नेतन्याहू करीब 3 मिनट तक चुपचाप खड़े रहे। इसके बाद उन्होंने कहा कि अगर यहां कोई और “कायर” है, तो वह भी चला जाए। हालांकि, गैलरी में नेतन्याहू के समर्थक मौजूद थे। उन्होंने तालियों से उनका स्वागत किया और ‘अम यिसराइल चाई’ (इज़राइल के लोग ज़िंदा हैं) के नारे लगाए।
नेतन्याहू ने अपने भाषण में गाजा, ईरान और लेबनान में इज़राइल के मिलिट्री ऑपरेशन का ज़िक्र किया। उन्होंने 7 अक्टूबर, 2023 के हमले का ज़िक्र करते हुए गाजा में इज़राइली मिलिट्री ऑपरेशन का बचाव किया। उन्होंने कहा कि जिस तरह हमास के लड़ाकों ने इज़राइलियों को मारा, वह बहुत भयानक था और ऐसे डर की कल्पना भी नहीं की जा सकती। नेतन्याहू ने कहा कि दुश्मनों को लगा कि इज़राइल टूट जाएगा, लेकिन ऐसा नहीं हुआ और इज़राइल “शेरों की तरह लड़ा”।
गाज़ा में इज़राइल के खिलाफ़ नरसंहार के आरोपों को खारिज़ करते हुए, नेतन्याहू ने इसे “21वीं सदी का सबसे बड़ा झूठ” कहा। उन्होंने कहा कि इज़राइल ने नरसंहार नहीं किया, बल्कि नरसंहार को रोका। उन्होंने दावा किया कि अगर हमास के समर्थकों को मौका मिलता, तो वे हर यहूदी को मार डालते। भाषण के दौरान, नेतन्याहू ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की तारीफ़ की, जबकि न्यूयॉर्क के मेयर ममदानी और कुछ यूरोपीय नेताओं की बुराई की।
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