
विभाजनकारी राजनीति और समुदायों में संघर्ष पैदा करने की कोशिशें लोकतंत्र के लिए अधिक घातक और हमारे शहीदों के आदर्शों के विरुद्ध : Chief Minister Bhagwant Singh Mann
– यह वह भारत नहीं है, जिसके लिए शहीद-ए-आज़म भगत सिंह और उनके साथियों ने अपनी जानें कुर्बान कीं: Chief Minister Bhagwant Singh Mann
– हमने बेअदबी के खिलाफ सख्त कानून बनाया है, जो यह सुनिश्चित करेगा कि कोई भी दोषी कानूनी खामियों का फायदा उठाकर सजा से न बच सके : मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान
– बेअदबी की घटनाओं से जुड़े रहे और श्रद्धालुओं पर गोलियां चलाने के आदेश देने वाले लोग इस कानून का कभी समर्थन नहीं करेंगे : मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान
खटकड़ कलां/बलाचौर, चंडीगढ़, 6 मई, (विश्ववार्ता) पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज देश भर में चल रही विभाजनकारी राजनीति पर तीखा हमला बोलते हुए चेतावनी दी कि समुदायों के बीच संघर्ष पैदा करने के लिए रची जा रही साजिशें देश को उन आदर्शों से दूर धकेल रही हैं, जिनके लिए शहीद-ए-आज़म भगत सिंह और अन्य शहीदों ने कुर्बानियां दीं थी। शहीद भगत सिंह के पैतृक गांव खटकड़ कलां में माथा टेकने के बाद “शुक्राना यात्रा” के दौरान विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि पंजाब सरकार ने बेअदबी के खिलाफ सख्त कानून बनाया है, जो यह सुनिश्चित करेगा कि कोई भी दोषी कानूनी खामियों का फायदा उठाकर सजा से न बच सके।
अपने एक्स हैंडल पर कुछ तस्वीरें साझा करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि “आज मैं शहीद-ए-आज़म सरदार भगत सिंह जी के जन्म स्थान खटकड़ कलां की पवित्र धरती पर नतमस्तक होकर हमारे शहीदों की बेमिसाल कुर्बानियों को श्रद्धांजलि अर्पित की।” उन्होंने कहा कि शुक्राना यात्रा में शामिल हुए बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं द्वारा उठाया गया हर कदम हमारे लिए बहुत मायने रखता है।
उन्होंने पोस्ट में आगे लिखा, “प्रभु की अपार कृपा से, हमें बेअदबी के खिलाफ सख्त कानून बनाने का अवसर मिला है, जिसके लिए हम गुरु साहिब के आभारी हैं। श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी का सार्वभौमिक संदेश हमें ‘सरबत दे भले’ का मार्ग दिखाता है। लोगों की धार्मिक भावनाओं की रक्षा और जनता की भलाई सुनिश्चित करने के लिए हमारा काम निरंतर जारी रहेगा।”
“शुक्राना यात्रा” के दौरान विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए Chief Minister Bhagwant Singh Mann ने कहा कि पंजाब सरकार तो अपना कर्तव्य समझते हुए हमारे महान शहीदों के बताए रास्ते पर चल रही है, लेकिन शहीद भगत सिंह और उनके साथियों द्वारा देखा गया आजादी का सपना अभी भी अधूरा है। यह वह भारत नहीं है, जिसके लिए हमारे शहीदों ने अपनी जानें कुर्बान कीं। आज फूट डालने वाली राजनीति और समुदायों के बीच संघर्ष पैदा करने की लगातार कोशिशें की जा रही हैं। यह लोकतंत्र और राष्ट्रवाद की भावना के खिलाफ है।
Chief Minister Bhagwant Singh Mann ने कहा कि पंजाब सरकार स्वतंत्रता सेनानियों के सपनों को पूरा करने के लिए निरंतर काम कर रही है और शहीदों की कुर्बानियों को कभी भी बेकार नहीं जाने देगी। उन्होंने कहा कि एक विश्व स्तरीय संग्रहालय बनाया जा रहा है ताकि दुनिया भर के लोग इसका दौरा करें और उन्हें पता चले कि भारत की आजादी तोहफों या मेहरबानियों से नहीं, बल्कि शहीद-ए-आज़म भगत सिंह, शहीद राजगुरु और शहीद सुखदेव जैसे अनमोल हीरों की महान कुर्बानियों के जरिए हासिल की गई थी।
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि उन्होंने तख्त श्री केसगढ़ साहिब में माथा टेककर “शुक्राना यात्रा” की शुरुआत की है, जिसका श्रद्धालुओं ने फूलों और सिरोपाओं से स्वागत किया। उन्होंने कहा कि इस शुक्राने की हकदार कोई विशेष व्यक्ति नहीं, बल्कि वह प्रभु है, जिसने पंजाब सरकार को श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की बेअदबी की घटनाओं को रोकने के लिए सख्त कानून बनाने की जिम्मेदारी सौंपी है।
“सर्वशक्तिमान प्रभु ने हमें श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की बेअदबी के खिलाफ सख्त कानून लाने और लागू करने का बल बख्शा है और हम प्रभु द्वारा हमें दी गई इस जिम्मेदारी के लिए शुक्राना करने के लिए इस यात्रा पर निकले हैं।”
लोगों, खासकर माताओं और बहनों का धन्यवाद करते हुए जो गर्मी के बावजूद बड़ी संख्या में पहुंचीं, मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि बेअदबी की हर घटना ने लाखों लोगों की भावनाओं को गहरा आघात पहुंचाया है। उन्होंने कहा कि जहां लोग हमेशा उम्मीद करते थे कि दोषियों को सजा मिलेगी, वहीं कानूनी खामियों का फायदा उठाकर दोषी मानसिक स्थिति का बहाना बनाकर अक्सर सजा से बचते रहे।
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि “ज्यादातर मामलों में दोषी यह कहकर सजा से बच जाते थे कि उनका मन परेशान है या वे मानसिक रूप से अस्थिर हैं। लेकिन अगर कोई वास्तव में मानसिक रूप से अस्थिर है तो वह सिर्फ श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी को ही निशाना क्यों बनाता है? वह रेलगाड़ी के इंजन से नहीं टकराता या बिजली के तारों को क्यों नहीं छूता?” उन्होंने कहा कि दरअसल सच्चाई यह है कि ज्यादातर घटनाएं जानबूझकर और योजनाबद्ध तरीके से की गईं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसी खामियों का फायदा उठाकर दोषियों को बच निकलने से रोकने के लिए, पंजाब सरकार ने कानून में सख्त प्रावधान किए हैं, जिसके तहत अगर किसी दोषी को चिकित्सकीय रूप से मानसिक रूप से अस्थिर घोषित किया जाता है, तो भी उस व्यक्ति के माता-पिता, अभिभावकों या देखभाल करने वालों को आपराधिक आरोपों का सामना करना पड़ेगा।
उन्होंने आगे कहा कि कानून के तहत कम से कम 10 साल के लिए कोई जमानत नहीं होगी और गंभीर मामलों में सजा उम्रकैद तक बढ़ सकती है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि यह कानून कानूनी विशेषज्ञों के साथ व्यापक परामर्श के बाद तैयार किया गया है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि भविष्य में कोई भी कमी या संशोधन इसे कमजोर न करे।
उन्होंने आगे कहा कि “सर्वशक्तिमान प्रभु ने हमें यह कानून लाने के लिए सूझबूझ और बल बख्शा है। हमने इसे ध्यान से तैयार किया है ताकि भविष्य में कोई इसे कमजोर न कर सके।”
अकाली नेतृत्व पर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि बादल परिवार कभी भी ऐसे कानून का समर्थन नहीं करेगा क्योंकि उनके अपने नाम बेअदबी की घटनाओं से जुड़े हुए थे। उन्होंने कहा कि लोगों ने उनका साथ यह मानकर दिया कि वे बाबा नानक की विरासत का प्रसार करते हैं, लेकिन उन्हीं के कार्यकाल के दौरान सड़कों पर बाबा नानक की बाणी रौंदी गई। उन्होंने शांतिपूर्वक प्रदर्शन कर रहे श्रद्धालुओं पर पानी की तोपें और गोलियां चलाने के आदेश दिए। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि ऐसे लोगों से और क्या उम्मीद की जा सकती है? जब से यह कानून पारित हुआ है, पंजाब में अकाली दल का एक भी नेता दिखाई नहीं दे रहा क्योंकि उन्हें डर है कि उनके नाम सामने आ सकते हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बेईमान लोगों पर कभी भी सदा के लिए प्रभु की कृपा नहीं रहती। अकाली नेताओं के पिछले राजनीतिक दावों का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि जो लोग कभी 25 साल पंजाब पर राज करने का दावा करते थे, उन्हें आज चुनाव लड़ने के लिए 25 उम्मीदवार भी नहीं मिल रहे क्योंकि लोगों ने उन्हें राजनीतिक रूप से नकार दिया है।
इससे पहले, बलाचौर में जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि वे यह देखकर बहुत खुश हैं कि यात्रा जहां-जहां भी पहुंच रही है, वहां-वहां बड़ी संख्या में लोगों की भागीदारी देखने को मिल रही है। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार 2022 में लोगों द्वारा सौंपी गई हर जिम्मेदारी को ईमानदारी से निभा रही है और जनता से किए गए हर वादे को पूरा कर रही है।
पंजाब सरकार की उपलब्धियां गिनाते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि पंजाब भर में आम आदमी क्लीनिक खोले गए हैं, जो लोगों को मुफ्त इलाज प्रदान कर रहे हैं, सरकारी स्कूलों की तस्वीर बदली जा रही है, 90% घरों को मुफ्त बिजली मिल रही है, सीवरेज सिस्टम को अपग्रेड किया जा रहा है, अस्पतालों का आधुनिकीकरण किया गया है और पंजाब का हर परिवार ‘मुख्यमंत्री सेहत योजना’ के तहत 10 लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज प्राप्त करने में सक्षम हुआ है।
उन्होंने आगे कहा कि किसानों को दिन में मुफ्त बिजली मिल रही है, लगभग 14000 किलोमीटर पाइपलाइन बिछाई गई हैं और नहरों को पुनर्जीवित किया गया है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि पंजाब का पानी हर खेत तक पहुंचे।
अकालियों पर फिर से हमला करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि जब अकाली सत्ता में थे तो वे कभी भी ऐसा कानून बनाने में सच्ची रुचि नहीं दिखा सके क्योंकि उनके इरादे राजनीतिक स्वार्थों तक सीमित थे। उन्होंने कहा कि राजनीतिक लाभ लेने के लिए बेअदबी की घटनाओं को जानबूझकर होने दिया गया और अकाल तख्त साहिब के सामने गलतियां मानने के बावजूद वे बाद में सार्वजनिक रूप से उनसे मुकर गए। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने चेतावनी देते हुए कहा, “जो लोग श्री अकाल तख्त साहिब के सामने झूठ बोल सकते हैं, वे कभी भी किसी के वफादार नहीं रह सकते। पंजाब के लोगों को ऐसे नेताओं से सावधान रहना चाहिए।”
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