
Life Style मुंह के बैक्टीरिया क्रोनिक लिवर डिजीज (CLD) के जोखिम की कर सकते हैं भविष्यवाणी
नई दिल्ली,चंडीगढ़, 5 अप्रैल, (विश्व वार्ता) chronic liver disease: एक स्टडी में पाया गया है कि आपके मुंह में मौजूद बैक्टीरिया आपके पेट की हेल्थ पर काफी असर डाल सकते हैं, और क्रोनिक लिवर डिजीज के रिस्क का अंदाज़ा लगा सकते हैं।
हर साल, एडवांस्ड क्रोनिक लिवर डिजीज (ACLD) से दो मिलियन से ज़्यादा लोग मर जाते हैं। नेचर माइक्रोबायोलॉजी जर्नल में पब्लिश हुई स्टडी में, रिसर्चर्स ने 86 मरीज़ों के लार और स्टूल सैंपल में बैक्टीरिया की आबादी को एनालाइज़ किया।
जर्मनी में टेक्निकल यूनिवर्सिटी ऑफ़ म्यूनिख की टीम ने पाया कि लिवर डिजीज के बिगड़ने पर पेट और मुंह के माइक्रोबायोम दोनों में काफी बदलाव आते हैं, जहां मुंह के माइक्रोबायोम में बदलाव बीमारी के शुरुआती स्टेज में ही पता चल जाते थे।
लिवर डिजीज वाले मरीज़ों में, बीमारी बढ़ने के साथ मुंह और आंतों के माइक्रोबायोम एक जैसे होते गए, और मरीज़ों के मुंह और आंतों से लगभग एक जैसे बैक्टीरिया के स्ट्रेन मिले।
TUM में ट्रांसलेशनल माइक्रोबायोम डेटा इंटीग्रेशन की प्रोफेसर मेलानी शिमर ने कहा, “ये स्ट्रेन आम तौर पर मुंह में पाए जाते हैं और हेल्दी आंत में बहुत कम होते हैं। हालांकि, हमने देखा कि जिन मरीज़ों को लिवर की गंभीर बीमारी है, उनमें इन ओरल बैक्टीरिया की संख्या में बढ़ोतरी हुई है।”
शिमर ने आगे कहा, “इससे यह पक्का पता चलता है कि ये बैक्टीरिया मुंह से ट्रांसलोकेट होकर आंत में फैलते हैं।” इसके अलावा, टीम ने कई ओरल बैक्टीरिया की किस्मों की पहचान की जो मरीज़ों की आंत में क्लस्टर बनाते हैं। Life Style
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