
Chhattisgarh के दंतेवाड़ा में नक्सलियों का सबसे बड़ा आत्मसमर्पण!
सरकार देगी पुनर्वास और आर्थिक सहायता
नई दिल्ली, चंडीगढ़, 1 दिसंबर (विश्ववार्ता) Chhattisgarh के दंतेवाड़ा जिले में 37 नक्सलियों ने सरेंडर किया है। मिनपा जैसी घटना में शामिल नक्सली ने अपने 36 साथियों के साथ आत्मसमर्पण किया है। इस समर्पण के साथ ही एक और टीम बिखरती हुई नजर आ रही है, इन सभी नक्सलियों के ऊपर 65 लाख का इनाम घोषित था। दंतेवाड़ा पुलिस अधीक्षक गौरव राय ने बताया कि पूना मारगेम जिसका अर्थ पुनर्वास से पुनर्जीवन पहल पर भरोसा जताते हुए नक्सली हिंसा का मार्ग छोड़कर शांति और प्रगति के मार्ग को अपना रहे हैं और समाज की मुख्यधारा में शामिल हो रहे है। surrender
27 नक्सलियों पर था कुल ₹65 लाख का इनाम surrender
आत्मसमर्पण करने वालों में 27 नक्सली ऐसे थे, जिन पर भारी इनाम घोषित था. इनमें कुमली उर्फ अनीता मंडावी, गीता मड़कम, रंजन मंडावी और भीमा उर्फ जहाज कलमू प्रमुख नाम हैं. इन सभी पर 8-8 लाख रुपये का इनाम था. बाकी कई नक्सलियों पर 5 लाख, 2 लाख, 1 लाख और 50 हजार तक के इनाम की घोषणा थी.
बस्तर रेंज के एसपी गौरव राय के मुताबिक ‘पूना मारगेम’ पहल इलाके में शांति स्थापित करने की दिशा में एक प्रभावी अभियान बनकर उभरी है. इस मॉडल के जरिए सैकड़ों नक्सली हिंसा छोड़कर सामान्य जीवन अपनाने लगे हैं.
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पुलिस अधिकारियों ने बताया कि आत्मसमर्पण करने वाले सभी नक्सलियों को सरकार की पुनर्वास नीति के तहत तुरंत 50,000 रुपये की सहायता दी जाएगी. इसके साथ ही कौशल विकास प्रशिक्षण, कृषि भूमि और पुनर्वास से जुड़ी तमाम सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाएंगी, ताकि वे सम्मानजनक जीवन शुरू कर सकें. chhattisgarh maoists
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