
1 मई से पैसे निकालना हो जाएगा महंगा
ATM से कैश निकालने वालों को बड़ा झटका! जानें कितना देना होगा चार्ज
HDFC, PNB और IndusInd Bank ने जारी किए नए चार्ज
यह खबर आपके लिए महत्वपूर्ण
चंडीगढ़, 30 अप्रैल (विश्ववार्ता) 1 मई 2025 से कई नियम बदलने जा रहे हैं। इनका असर आपकी हमारी जिंदगी पर हो सकता है। नए नियम एटीएम से पैसों की निकाली, ओला-उबर के किराए और ट्रेन टिकट से जुड़े हैं। अगर आप भी एटीएम से पैसे निकालने के लिए अलग-अलग बैंकों का इस्तेमाल करते हैं, तो यह खबर आपके लिए महत्वपूर्ण हो सकती है। आने वाले महीने यानी 1 मई 2025 से एटीएम से पैसे निकालने के चार्ज में बढ़ोतरी होने वाली है। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने एटीएम इंटरचेंज फीस बढ़ाने की मंजूरी दे दी है, जिसके बाद एटीएम से पैसे निकालने पर आपकी जेब पर ज्यादा बोझ पड़ेगा।
अब तक, अगर आप अपने बैंक के एटीएम के अलावा किसी दूसरे नेटवर्क के एटीएम से पैसे निकालते थे, तो आपको हर ट्रांजैक्शन पर 17 रुपये का शुल्क देना पड़ता था। लेकिन अब यह बढ़कर 19 रुपये हो जाएगा। इसके अलावा, अगर आप दूसरे बैंक के एटीएम से बैलेंस चेक करते थे, तो इसके लिए 6 रुपये का शुल्क लिया जाता था, जिसे अब बढ़ाकर 7 रुपये कर दिया जाएगा।
व्हाइट लेवल एटीएम ऑपरेटर्स की मांग
यह फीस बढ़ाने की मांग व्हाइट-लेवल एटीएम ऑपरेटर्स द्वारा की जा रही थी। उनका कहना था कि बढ़ती लागत के कारण पुरानी फीस अब उनके लिए कम पड़ रही है। इसके बाद NPCI के प्रस्ताव को भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने मंजूरी दे दी है। इस बढ़ोतरी से छोटे बैंकों पर दबाव और बढ़ सकता है, क्योंकि वे दूसरे बैंकों के एटीएम नेटवर्क पर ज्यादा निर्भर रहते हैं।
क्या है व्हाइट लेवल एटीएम ?
व्हाइट लेवल एटीएम वह होते हैं, जो सरकारी और प्राइवेट बैंकों के एटीएम की तरह काम करते हैं, लेकिन इन्हें निजी कंपनियां या गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियां (NBFCs) लगाती हैं। इन एटीएम से आप डेबिट या क्रेडिट कार्ड से पैसे निकाल सकते हैं, बैलेंस चेक कर सकते हैं, और अन्य सामान्य एटीएम सेवाओं का लाभ उठा सकते हैं।
फ्री ट्रांजैक्शन लिमिट
बैंक अपने ग्राहकों को हर महीने एक निश्चित संख्या में फ्री एटीएम ट्रांजैक्शन की सुविधा प्रदान करते हैं। मेट्रो शहरों में, ग्राहकों को अपने होम बैंक के अलावा किसी अन्य बैंक के एटीएम से 5 फ्री ट्रांजैक्शन मिलते हैं, जबकि नॉन-मेट्रो सिटीज में यह लिमिट 3 है। इसके बाद होने वाले ट्रांजैक्शन पर शुल्क लिया जाता है, जो अब बढ़ा दिया गया है।






















