
Arrest of Army fugitive: सीमा पार नार्को-आतंकवाद मॉड्यूल से जुड़ा मुख्य व्यक्ति गिरफ्तार; पैसों के लेन-देन में संलिप्त था आरोपी
आरोपी ने पाकिस्तान-आधारित तस्कर के निर्देशों पर हेरोइन तस्करी की कमाई को चैनलाइज़ करने के लिए जानबूझकर अपने बैंक खाते का किया इस्तेमाल: डीजीपी गौरव यादव
— आगे की जांच जारी; आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियों की संभावना: एआईजी एसएसओसी दीपक पारिक
चंडीगढ़/एसएएस नगर, 25 जनवरी:(सतीश कुमार पप्पी) Arrest of Army fugitive मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के निर्देशों के अनुसार पंजाब को नशा मुक्त राज्य बनाने के लिए जारी अभियान के तहत एक इंटेलिजेंस-आधारित कार्रवाई में स्टेट स्पेशल ऑपरेशन सेल (एसएसओसी) एसएएस नगर ने पैसों के लेन-देन में संलिप्त एक व्यक्ति की गिरफ्तारी कर एक अंतर-राज्यीय तथा सीमा पार नार्को-आतंकवाद मॉड्यूल के मुख्य वित्तीय लिंक का पर्दाफाश किया है।
यह जानकारी देते हुए पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) पंजाब गौरव यादव ने बताया कि गिरफ्तार किए गए आरोपी की पहचान सतनाम सिंह (22) के रूप में हुई है, जो संगरूर के गांव पुन्नेवाल का निवासी है। सतनाम सिंह पहले एक निजी कंपनी में टैक्सी चालक के रूप में कार्यरत था और पिछले वर्ष जून में टूरिस्ट वीज़ा पर अज़रबैजान गया था, जहां वह पाकिस्तान-आधारित ड्रग तस्कर के संपर्क में आया। Punjab latest news
यह कार्रवाई भारत-नेपाल सीमा के निकट स्थित रक्सौल कस्बे से एक प्रमुख नार्को-आतंकवादी कारकुन राजबीर सिंह उर्फ फौजी की गिरफ्तारी के बाद सामने आई है, जब वह नेपाल भागने की कोशिश कर रहा था। इस गिरफ्तारी से जुड़े आगे-पीछे के संबंधों की गहन जांच के दौरान यह खुलासा हुआ। आरोपी राजबीर, जो फरवरी 2025 में भारतीय सेना से फरार हो गया था, के बारे में पता चला कि वह चिराग को हेरोइन की आपूर्ति करता था। उल्लेखनीय है कि चिराग को पहले 107 ग्राम हेरोइन, एक 9 एमएम पिस्तौल और जिंदा कारतूसों सहित गिरफ्तार किया गया था।
डीजीपी गौरव यादव ने कहा कि प्रारंभिक जांच से पता चला है कि गिरफ्तार आरोपी सतनाम सिंह ने पाकिस्तान-आधारित ड्रग तस्कर के इशारों पर काम करते हुए हेरोइन तस्करी से होने वाली कमाई को चैनलाइज़ करने के लिए जानबूझकर अपने बैंक खाते और यूपीआई विवरणों का इस्तेमाल कर आतंकवाद की फंडिंग को सुगम बनाया।
डीजीपी ने कहा कि यह नेटवर्क हेरोइन की बरामदगी, अवैध हथियारों की तस्करी तथा नवंबर 2025 में हरियाणा के सिरसा में हुए ग्रेनेड हमले से भी जुड़ा हुआ है।
अधिक जानकारी साझा करते हुए एआईजी एसएसओसी एसएएस नगर दीपक पारिक ने बताया कि राजबीर सिंह उर्फ फौजी की निरंतर जांच और हिरासत में पूछताछ के दौरान यह खुलासा हुआ कि सितंबर 2025 में भारत लौटने के बाद पाकिस्तान-आधारित तस्कर ने दोबारा सतनाम से संपर्क किया और धीरे-धीरे उसे ड्रग नेटवर्क के लिए काम करने के लिए राजी कर लिया तथा वित्तीय लेन-देन के बदले उसे कमीशन की पेशकश की।
पूछताछ के दौरान यह भी सामने आया कि हेरोइन की बिक्री के बाद सतनाम सिंह के खाते में पैसा जमा कराया जाता था और बाद में यह राशि नेटवर्क के अन्य कारकुनों को भेज दी जाती थी। आगे यह भी पता चला कि राजबीर सिंह ने गुरजंट सिंह निवासी तरनतारन के खाते के माध्यम से सतनाम सिंह के खाते में फंड ट्रांसफर किए थे। उल्लेखनीय है कि आरोपी गुरजंट को हरियाणा पुलिस पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है।
एआईजी ने बताया कि आगे की जांच जारी है और आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियां होने की संभावना है।
इस संबंध में थाना एसएसओसी एसएएस नगर में एनडीपीएस एक्ट की धारा 21, आर्म्स एक्ट की धारा 25(1) तथा भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 61(2) के तहत एफआईआर नंबर 14, दिनांक 10.12.2025 को पहले ही दर्ज की जा चुकी है। Punjab latest news























