
Punjab Mandi Board ने वर्ल्ड यूनियन ऑफ होलसेल मार्केट्स का मेजर इनोवेशन अवॉर्ड जीतकर रचा इतिहास
Punjab Mandi Board के चेयरमैन हरचंद सिंह बरसट ने चीन में आयोजित कांफ्रेंस में पुरस्कार किया प्राप्त
एस.ए.एस. नगर (मोहाली), 7 नवंबर 2026 ( सतीश कुमाप पप्पी) : – पंजाब मंडी बोर्ड के चेयरमैन स. हरचंद सिंह बरसट के नेतृत्व में पंजाब मंडी बोर्ड ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक नया इतिहास रचा है। पंजाब मंडी बोर्ड ने चीन के तियानजिन में आयोजित वर्ल्ड यूनियन ऑफ होलसेल मार्केट्स (डब्ल्यू.यू.डब्ल्यू.एम.) की कांफ्रेंस के दौरान मेजर इनोवेशन अवॉर्ड जीता है, जिसे पंजाब मंडी बोर्ड के चेयरमैन स. हरचंद सिंह बरसट द्वारा प्राप्त किया गया। इस दौरान डॉ. जे. एस. यादव (एम.डी. नेशनल काउंसिल ऑफ स्टेट एग्रीकल्चरल मार्केटिंग बोर्ड्स और डायरेक्टर डब्ल्यू.यू.डब्ल्यू.एम.) भी मौजूद रहे। यह भारत के कृषि मंडीकरण क्षेत्र के इतिहास में एक मील पत्थर है। Punjab Mandi Board
यह भारत के कृषि मंडीकरण क्षेत्र के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि है, क्योंकि वर्ल्ड यूनियन ऑफ होलसेल मार्केट्स के इतिहास में पहली बार भारत के किसी बोर्ड को अंतरराष्ट्रीय सम्मान प्राप्त हुआ है। यह उपलब्धि पंजाब के लिए विश्व स्तर पर गर्व की बात है और पंजाब के खेतीबाड़ी मंडीकरण ढांचे के विश्वस्तरीय होने को दर्शाती है।
यह पुरस्कार कृषि थोक मंडी के विकास में नई पहलकदमियों के लिए पंजाब मंडी बोर्ड को दिया गया है। पंजाब का चयन स्मार्ट, टिकाऊ और ऊर्जा-कुशल थोक मंडियों पर दी गई प्रस्तुति के लिए किया गया, जिसमें खेतीबाड़ी थोक मंडियों को आधुनिक, वित्तीय रूप से लाभदायक, तकनीक-सक्षम, टिकाऊ और भाइचारक-मुखी सार्वजनिक संपत्तियों में बदलने के राज्य के एकीकृत प्रयासों को उजागर किया गया।
इस पुरस्कार के लिए विश्व के विभिन्न मार्केटिंग बोर्डों से प्रस्ताव प्राप्त हुए थे। अंतरराष्ट्रीय जूरी द्वारा सभी प्रस्तावों का बारीकी से मूल्यांकन करने के उपरांत पंजाब मंडी बोर्ड को विजेता चुना गया। जूरी ने मंडियों के आधुनिकीकरण, पारदर्शिता, बुनियादी ढांचे के विकास, टिकाऊ विकास को बढ़ावा देने और किसानों व जनता के कल्याण के लिए पंजाब द्वारा अपनाए गए नवीनतम दृष्टिकोण की सराहना की। पंजाब की पुरस्कार विजेता पहलकदमियां यह दर्शाती हैं कि थोक मंडियां पारंपरिक खरीद-बिक्री वाले स्थानों से आगे बढ़कर ग्रामीण विकास, तकनीकी प्रगति, पर्यावरण स्थिरता और जन कल्याण के महत्वपूर्ण केंद्रों के रूप में कैसे विकसित हो सकती हैं।
इस दौरान स. हरचंद सिंह बरसट ने बताया कि पंजाब मंडी बोर्ड ने एक विशाल कृषि विपणन नेटवर्क विकसित किया है, जिसमें 158 मार्केट कमेटियां, 152 मुख्य यार्ड, 285 सब-यार्ड और 1,485 सीजनल खरीद केंद्र शामिल हैं। बोर्ड ने इस विशाल नेटवर्क के आधुनिकीकरण और किसानों व मंडी से जुड़े लोगों के लिए इसके योगदान को और मजबूत करने की दिशा में काम किया है।
उन्होंने बताया कि मंडी बोर्ड द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों के विकास के साथ-साथ बोर्ड की आय बढ़ाने पर भी विशेष प्राथमिकता दी जा रही है। मंडी बोर्ड ने वर्ष 2022-23 से अब तक मंडियों की खुली ई-ऑक्शन के माध्यम से 1,846 प्लॉट बेचे हैं, जिससे 746 करोड़ रुपये की आय हुई है। बोर्ड द्वारा थोक मंडियों में किसान पेट्रोल पंप भी शुरू किए जा रहे हैं, जिससे किसानों को लाभ पहुंचाने के साथ-साथ आय के अतिरिक्त स्रोत पैदा हो रहे हैं और ग्रामीण रोजगार को भी बढ़ावा मिलेगा।
स. बरसट ने बताया कि पंजाब की मंडियों को आधुनिक तकनीक से लैस करते हुए मंडियों के प्रवेश द्वारों पर बूम बैरियर और वे-ब्रिज लगाने से पारदर्शिता और आय की निगरानी को मजबूती मिली है। आधार से जुड़ी किसान रजिस्ट्रेशन, ऑनलाइन जे-फॉर्म, भूमि मैपिंग और क्यूआर कोड वाले जे-फॉर्म सहित डिजिटल पहलों ने कृषि विपणन में पारदर्शिता और कार्यकुशलता को और बढ़ाया है।
पंजाब मंडी बोर्ड द्वारा विशाल ग्रामीण लिंक सड़क नेटवर्क का रखरखाव किया जाता है। 654 नए शेड बनाए गए हैं और 36 थोक मंडियों में रूफटॉप सोलर प्लांट लगाए गए हैं। इसके अलावा, सप्लाई चेन को मजबूत करने और जल्द खराब होने वाली वस्तुओं के कुशल रखरखाव व सुरक्षा के लिए रेलवे यार्डों के पास गोदाम और कोल्ड स्टोर बनाने की दिशा में भी काम किया जा रहा है।
पर्यावरण स्थिरता और स्वच्छता पंजाब के बदलाव का एक और महत्वपूर्ण पहलू हैं। फल और सब्जी मंडियों में निर्धारित खाद्य स्वच्छता मानकों का पालन किया जाता है, जबकि सफाई व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए मशीनी सफाई प्रणालियां शुरू की गई हैं। बठिंडा होलसेल मंडी पंजाब की पहली मंडी बनी है, जिसे ईट राइट फ्रूट एंड वेजिटेबल मार्केट का सर्टिफिकेशन प्राप्त हुआ है। बोर्ड द्वारा बड़े स्तर पर पौधारोपण अभियान भी चलाया गया है और फलों व सब्जियों के कचरे को खाद में बदलने के लिए एक पायलट बायो-वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट भी शुरू किया गया है।
पंजाब मंडी बोर्ड द्वारा किसानों के कल्याण के साथ-साथ शिक्षा और कृषि खोज को भी प्रोत्साहित किया जा रहा है। इसके तहत दुर्घटना मुआवजा, खेतीबाड़ी के छात्रों के लिए छात्रवृत्ति और फसलों की कटाई के बाद के प्रबंधन से संबंधित खोज को सहयोग दिया जा रहा है। मंडियों के बुनियादी ढांचे का उपयोग आम लोगों की सुविधाओं के लिए भी किया जा रहा है।
पंजाब मंडी बोर्ड के चेयरमैन स. हरचंद सिंह बरसट ने कहा कि यह पंजाब और पूरे देश के लिए बेहद गर्व का क्षण है। मेजर इनोवेशन अवॉर्ड जीतना और डब्ल्यू.यू.डब्ल्यू.एम. के इतिहास में पहली बार यह अंतरराष्ट्रीय मान्यता भारत के नाम करना एक शानदार उपलब्धि है। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय जूरी का धन्यवाद किया, जिन्होंने स्मार्ट, टिकाऊ और ऊर्जा-कुशल थोक मंडियों के विषय के तहत पंजाब द्वारा किए जा रहे नये प्रयासों को मान्यता दी और प्राप्त प्रस्तावों में से पंजाब को विजेता चुना।
उन्होंने आगे कहा कि यह ऐतिहासिक पुरस्कार जीतना पूरे भारत के लिए गर्व की बात है। डब्ल्यू.यू.डब्ल्यू.एम. के इतिहास में पहली बार भारत के किसी बोर्ड को यह विशेष अंतरराष्ट्रीय सम्मान प्राप्त हुआ है। पंजाब की यह सफलता दर्शाती है कि भारत की कृषि थोक मंडियां नवाचार, स्थिरता, ऊर्जा कुशलता, पारदर्शिता और ग्रामीण विकास के क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय मानक स्थापित करने में सक्षम हैं।
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