
राष्ट्रीय स्तर पर SGST की 14 प्रतिशत वृद्धि के मुकाबले Punjab’के SGST नकद संग्रह में अक्टूबर माह के दौरान 28 प्रतिशत की शानदार वृद्धि दर्ज: Harpal Singh Cheema
अक्टूबर माह में पंजाब का कुल जीएसटी संग्रह 14 प्रतिशत बढ़कर 2,716.60 करोड़ रुपये पहुंचा: हरपाल सिंह चीमा
अप्रैल से अक्टूबर के दौरान राष्ट्रीय स्तर पर 15 प्रतिशत वृद्धि के मुकाबले कुल जीएसटी संग्रह में 16.39 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज:Harpal Singh Cheema
वर्ष 2026 में दूसरी बार एसजीएसटी का नकद संग्रह 1,000 करोड़ रुपये के पार, अक्टूबर में 1,030.29 करोड़ रुपये तक पहुंचा:Harpal Singh Cheema
वैट और सीएसटी संग्रह में 23.76 प्रतिशत की शानदार वृद्धि, आंकड़ा 763.49 करोड़ रुपये पहुंचा: Harpal Singh Cheema
कर विभाग ने अक्टूबर माह में 111.12 करोड़ रुपये के जुर्माने लगाए; बालाजी ट्रांसपोर्ट धोखाधड़ी मामले में 20 करोड़ रुपये का कर वसूला: हरपाल सिंह चीमा
आगे की जांच के बाद इसी जीएसटी धोखाधड़ी नेटवर्क से जुड़े चार अन्य ट्रांसपोर्टरों के खिलाफ मामला दर्ज: हरपाल सिंह चीमा
चंडीगढ, 1 नवंबर (विश्ववार्ता) पंजाब के वित्त, योजना, आबकारी एवं कर मंत्री एडवोकेट हरपाल सिंह चीमा ने आज यहां घोषणा की कि पंजाब ने अक्टूबर 2026 के दौरान स्टेट गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स (एसजीएसटी) के नकद संग्रह में 28.29 प्रतिशत की असाधारण वृद्धि दर्ज की है, जबकि राष्ट्रीय स्तर पर एसजीएसटी संग्रह में लगभग 14 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि राजस्व संग्रह के प्रयासों को मजबूत करने, कर अनुपालन में सुधार लाने और कर चोरी रोकने के लिए राज्य सरकार के निरंतर प्रयासों को दर्शाती है। Harpal Singh Cheema
कर संग्रह के ताजा आंकड़ों का खुलासा करते हुए वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा, “पंजाब का एसजीएसटी नकद संग्रह अक्टूबर 2025 के 803.07 करोड़ रुपये से बढ़कर अक्टूबर 2026 में 1,030.29 करोड़ रुपये हो गया है। इस प्रकार 227.22 करोड़ रुपये का अतिरिक्त संग्रह हुआ और 28.29 प्रतिशत की शानदार वृद्धि दर्ज की गई।”
इस उपलब्धि पर प्रकाश डालते हुए वित्त मंत्री चीमा ने बताया, “अप्रैल माह में लगभग 1,182 करोड़ रुपये का संग्रह होने के बाद पंजाब ने वर्ष 2026 के दौरान दूसरी बार 1,000 करोड़ रुपये के एसजीएसटी नकद संग्रह का आंकड़ा पार किया है।” उन्होंने कहा कि वर्ष 2017 में जीएसटी लागू होने के बाद यह पहली बार है, जब पंजाब ने अक्टूबर माह के दौरान 1,000 करोड़ रुपये से अधिक का एसजीएसटी नकद संग्रह हासिल किया है।
वित्त मंत्री ने आगे बताया कि अक्टूबर 2026 के दौरान पंजाब का कुल जीएसटी संग्रह 2,716.60 करोड़ रुपये तक पहुंच गया, जबकि अक्टूबर 2025 में यह 2,393.22 करोड़ रुपये था। इस प्रकार 323.38 करोड़ रुपये की वृद्धि के साथ लगभग 14 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई।
चालू वित्त वर्ष के दौरान राष्ट्रीय रुझान की तुलना में पंजाब के बेहतर प्रदर्शन के बारे में बात करते हुए चीमा ने कहा, “राज्य के कुल संचयी जीएसटी राजस्व में अप्रैल-अक्टूबर 2026 के दौरान 16.39 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है, जबकि इसी अवधि के दौरान राष्ट्रीय स्तर पर कुल जीएसटी संग्रह में लगभग 15 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।” उन्होंने कहा कि पंजाब के राजस्व में लगातार हो रही वृद्धि बेहतर निगरानी, प्रौद्योगिकी आधारित जांच और मजबूत प्रशासन की कार्यकुशलता का प्रत्यक्ष प्रमाण है।
संचयी प्रदर्शन का विवरण साझा करते हुए वित्त मंत्री चीमा ने बताया कि अप्रैल-अक्टूबर 2026 के दौरान पंजाब का कुल जीएसटी संग्रह 18,047.68 करोड़ रुपये तक पहुंच गया, जबकि पिछले वित्त वर्ष की इसी अवधि के दौरान यह 15,505.66 करोड़ रुपये था। इस प्रकार 2,542.02 करोड़ रुपये का अतिरिक्त राजस्व प्राप्त हुआ।
वैट और सीएसटी के तहत शानदार प्रदर्शन का उल्लेख करते हुए वित्त मंत्री ने खुलासा किया कि अक्टूबर 2026 के दौरान इन दोनों कर मदों के तहत संयुक्त संग्रह 23.76 प्रतिशत बढ़कर 763.49 करोड़ रुपये हो गया, जो अक्टूबर 2025 के दौरान 616.93 करोड़ रुपये था। उन्होंने बताया कि इससे 146.56 करोड़ रुपये का अतिरिक्त राजस्व प्राप्त हुआ।
वित्त मंत्री चीमा ने कहा कि जीएसटी, वैट और सीएसटी में हुई यह उत्साहजनक वृद्धि बेहतर निगरानी, नियमों के अनुपालन और प्रभावी प्रशासनिक कदमों के माध्यम से सभी प्रमुख कर स्रोतों से राजस्व बढ़ाने के लिए पंजाब सरकार के व्यापक दृष्टिकोण को दर्शाती है।
विभाग की तेज की गई प्रवर्तन गतिविधियों का उल्लेख करते हुए वित्त मंत्री ने बताया कि आबकारी एवं कर विभाग ने अक्टूबर 2026 के दौरान कर चोरी, वस्तुओं के नियमों के विरुद्ध परिवहन, फर्जी बिलिंग और जीएसटी नियमों के अन्य उल्लंघनों के खिलाफ लगातार कार्रवाई करते हुए 111.12 करोड़ रुपये के जुर्माने लगाए हैं।
उन्होंने कहा कि स्टेट इंटेलिजेंस एंड प्रिवेंटिव यूनिट्स (सिपू ), मोबाइल विंग और फील्ड टीमों ने खुफिया जानकारी के आधार पर सड़कों पर जांच, निरीक्षण और संदिग्ध लेन-देन की पड़ताल तेज कर दी है। वित्त मंत्री चीमा ने कहा, “फर्जी इनपुट टैक्स क्रेडिट, ई-वे बिलों के दुरुपयोग और वास्तविक व्यावसायिक लेन-देन के बिना वस्तुओं के परिवहन को पकड़ने पर विशेष जोर दिया जा रहा है।”
लुधियाना की बालाजी ट्रांसपोर्ट कंपनी से संबंधित बड़े जीएसटी धोखाधड़ी नेटवर्क का उल्लेख करते हुए वित्त मंत्री ने बताया कि विभाग ने इस मामले में 20 करोड़ रुपये का कर वसूल किया है।
वित्त मंत्री चीमा ने बताया कि पहले की गई जांच में लगभग 62 आपस में जुड़ी फर्मों के संदिग्ध बहु-राज्यीय जीएसटी धोखाधड़ी नेटवर्क का पर्दाफाश हुआ था, जिसमें 400 करोड़ रुपये से अधिक की कर चोरी का संदेह था। उन्होंने कहा, “यह नेटवर्क फर्जी चालानों और ई-वे बिलों के माध्यम से बिना हिसाब-किताब वाली वस्तुओं के परिवहन में सहायता कर रहा था। इसमें ऐसे लेन-देन भी शामिल थे, जिनमें कथित माल प्राप्तकर्ताओं ने ऑर्डर देने या माल प्राप्त करने से इनकार कर दिया था।”
वित्त मंत्री ने आगे खुलासा किया कि ई-वे बिल लेन-देन के विस्तृत विश्लेषण और आगे की जांच के बाद उसी माल भेजने वाली और प्राप्त करने वाली फर्मों के नेटवर्क के माध्यम से काम कर रहे चार अन्य ट्रांसपोर्टरों की संदिग्ध संलिप्तता सामने आई है।
उन्होंने बताया कि ये ट्रांसपोर्टर भी बिना किसी वास्तविक लेन-देन और कर अनुपालन के ई-वे बिलों का इस्तेमाल करके माल का परिवहन करवाने का वही धोखाधड़ीपूर्ण तरीका अपना रहे थे। जांच के बाद इसी धोखाधड़ी मामले के संबंध में चार अन्य ट्रांसपोर्टरों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है, जिससे चल रही जांच का दायरा और बढ़ गया है।
पंजाब के राजस्व प्रदर्शन पर टिप्पणी करते हुए वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा, “राष्ट्रीय स्तर पर एसजीएसटी में लगभग 14 प्रतिशत की वृद्धि के मुकाबले पंजाब के एसजीएसटी नकद संग्रह में अक्टूबर के दौरान 28 प्रतिशत की शानदार वृद्धि दर्ज की गई है। यह उत्साहजनक प्रदर्शन और इस वर्ष दूसरी बार 1,000 करोड़ रुपये के एसजीएसटी नकद संग्रह का आंकड़ा पार करना, कर अनुपालन में सुधार और राजस्व प्रशासन को मजबूत करने के लिए हमारी सरकार के निरंतर प्रयासों की सफलता का प्रमाण है।”
उन्होंने आगे कहा, “मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में पंजाब पारदर्शी प्रशासन, प्रौद्योगिकी आधारित कर निगरानी और कर चोरी के खिलाफ सख्त कार्रवाई के माध्यम से अपनी वित्तीय स्थिति को लगातार मजबूत कर रहा है। वित्त वर्ष के पहले सात महीनों के दौरान राज्य के कुल जीएसटी राजस्व में 16 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि, जो राष्ट्रीय स्तर पर लगभग 13 प्रतिशत की वृद्धि से अधिक है, इन प्रयासों के सकारात्मक परिणामों को दर्शाती है।”
कर चोरी के खिलाफ राज्य सरकार के सख्त रुख को दोहराते हुए चीमा ने कहा, “अक्टूबर के दौरान लगाए गए 111.12 करोड़ रुपये के जुर्माने और बालाजी ट्रांसपोर्ट धोखाधड़ी मामले में 20 करोड़ रुपये की वसूली यह साबित करती है कि सरकार संगठित कर चोरी नेटवर्क को सरकारी खजाने को नुकसान पहुंचाने की अनुमति नहीं देगी। हमारी प्रवर्तन रणनीति केवल छोटी-मोटी अनियमितताओं को पकड़ने के बजाय धोखाधड़ीपूर्ण लेन-देन के वास्तविक लाभार्थियों की पहचान करने और पूरे नेटवर्क को ध्वस्त करने पर केंद्रित है।”
ईमानदार करदाताओं के योगदान और विभागीय अधिकारियों के प्रयासों की सराहना करते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि पंजाब सरकार फर्जी बिलिंग, धोखाधड़ीपूर्ण आईटीसी दावों और संगठित कर चोरी के खिलाफ शून्य सहनशीलता की नीति अपनाते हुए वास्तविक करदाताओं को पारदर्शी और व्यापार-अनुकूल वातावरण प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है।
उन्होंने कहा कि कर संग्रह में निरंतर वृद्धि राज्य की जनता के लिए जनकल्याणकारी कार्यक्रमों, बुनियादी ढांचे के विकास, स्वास्थ्य सेवाओं, शिक्षा और अन्य आवश्यक सेवाओं के लिए धन उपलब्ध कराने की पंजाब की वित्तीय क्षमता को और मजबूत करेगी।
और खबरें पढ़ने के लिए दिए गए लिंक पर क्लिक करें: https://wishavwarta.in/





















