पंजाब में बिजली संकट गहराया: डिमांड बढ़ी, प्रोडक्शन कैपेसिटी पर दबाव
चंडीगढ, , 10 सिंतबर, 2026 (विश्ववार्ता) पंजाब इस समय बिजली की कमी से जूझ रहा है। एक तरफ बिजली की डिमांड तेज़ी से बढ़ी है, तो दूसरी तरफ राज्य का अपना प्रोडक्शन डिमांड से कम पड़ रहा है। हाल के डेटा के मुताबिक, राज्य की बिजली बनाने की कैपेसिटी और मौजूदा प्रोडक्शन पर बढ़ता दबाव इस संकट की बड़ी वजह बन गया है। धान की फसल के लिए ट्यूबवेल पर निर्भरता और कम बारिश ने खेती के सेक्टर में बिजली की डिमांड बढ़ा दी है। 2 सितंबर को पंजाब की मैक्सिमम पावर डिमांड 16,343 MW तक पहुंच गई। पिछले साल इसी दिन यह 6,830 MW थी।
पंजाब का अपना पावर प्रोडक्शन भी दबाव में है। हाल की रिपोर्ट्स के मुताबिक, कुल प्रोडक्शन 4,200-4,600 MW के आसपास रहा, जबकि डिमांड करीब 16 हजार MW तक पहुंच गई है। इस वजह से PSPCL को सेंट्रल पूल से एक्स्ट्रा बिजली लेनी पड़ रही है।
कोयले की अवेलेबिलिटी को लेकर भी विवाद है। पंजाब सरकार ने इस संकट की वजह कोयले की कमी बताई है, जबकि केंद्रीय कोयला मंत्रालय ने कहा है कि PSPCL प्लांट्स के पास कोयले का काफ़ी स्टॉक है और अगस्त में इन प्लांट्स का औसत PLF सिर्फ़ 42 परसेंट था। बिजली की मांग में रिकॉर्ड बढ़ोतरी और थर्मल प्लांट्स में कोयले की कमी ने जेनरेशन कैपेसिटी पर बहुत ज़्यादा दबाव डाला है।
राज्य में बिजली का जेनरेशन घटकर लगभग 1,500 मेगावाट (MW) रह गया है, जिसकी वजह से घरेलू और इंडस्ट्रियल सेक्टर्स में बिना बताए कटौती की जा रही है। बिजली की कमी की वजह से लुधियाना, मंडी गोबिंदगढ़, जालंधर और मोहाली समेत कई इंडस्ट्रियल एरिया में कटौती की गई है। इसके साथ ही घरेलू और खेती-बाड़ी करने वाले कंज्यूमर्स को भी बिना शेड्यूल के बिजली कटौती का सामना करना पड़ रहा है।
एक्सपर्ट्स के मुताबिक, बढ़ती मांग के बीच नई बिजली जेनरेशन कैपेसिटी जोड़ना और मौजूदा प्लांट्स की परफॉर्मेंस को बेहतर बनाना पंजाब के लिए एक बड़ी चुनौती बन गया है। पंजाब के थर्मल प्लांट्स की तीन यूनिट्स आज पूरी तरह से बंद हैं। तलवंडी साबो में मौजूद प्राइवेट थर्मल प्लांट की एक यूनिट भी आज पूरी तरह से बंद है। तलवंडी साबो में एक यूनिट बंद होने से पंजाब का कुल बिजली उत्पादन 4,800 MW से घटकर करीब 4,500 MW रह गया है। इसके साथ ही राजपुरा में मौजूद प्राइवेट थर्मल प्लांट कई दिनों से अपनी क्षमता से आधे से भी कम बिजली बना रहा है। इसके अलावा रोपड़ में सरकारी थर्मल प्लांट की एक यूनिट और गोइंदवाल में एक यूनिट आज पूरी तरह बंद है।
इन दिनों पंजाब में बिजली की मांग 16,000 MW से ज़्यादा है। बिजली की मांग बढ़ रही है, लेकिन प्रोडक्शन कम हो रहा है। मांग और प्रोडक्शन के बीच के अंतर को कम करने के लिए पंजाब स्टेट पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड सेंट्रल पूल से बिजली ले रहा है। आज PSPCL सेंट्रल पूल से करीब 11,770 MW बिजली खरीद रहा है। PSPCL को सेंट्रल पूल से महंगी बिजली खरीदने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। बिजली कटौती हो रही है।
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