
Aman Arora ने 100-125 प्रतिशत FCI रिटर्न, फास्ट-ट्रैक मंजूरियों के साथ वैश्विक निवेशकों को पंजाब में निवेश का दिया न्योता
* मान सरकार ने फूड प्रोसेसिंग, विनिर्माण, लॉजिस्टिक्स, आई.टी./आई.टी.ई.एस., जी.सी.सी., डेटा सेंटर, हरित ऊर्जा और रोजगार-संबंधी क्षेत्रों में यूएई से निवेश का आह्वान किया
* अमन अरोड़ा ने राजपुरा के 1,100 एकड़ के एकीकृत विनिर्माण क्लस्टर को यूएई निवेशकों के लिए बड़ा अवसर बताया
चंडीगढ, 09 सिंतबर, 2026 (विश्ववार्ता) पंजाब को भारत के अगले बड़े और सबसे पसंदीदा निवेश गंतव्य के रूप में प्रस्तुत करते हुए पंजाब के उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री अमन अरोड़ा ने आज संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के निवेशकों और वैश्विक कारोबारियों को राज्य में निवेश करने का न्योता दिया। उन्होंने उद्योगों को राज्य की नई औद्योगिक एवं व्यापार विकास नीति-2026 के तहत 100 प्रतिशत से 125 प्रतिशत तक वित्तीय प्रोत्साहन, फास्ट-ट्रैक मंजूरियों और सिंगल-विंडो प्लेटफॉर्म ‘इन्वेस्ट पंजाब’ के माध्यम से पूर्ण सहयोग का भरोसा दिया। Dr. Bhim Rao Ambedkar
दुबई में आयोजित वार्षिक निवेश बैठक (ए.आई.एम.) के दौरान निवेशकों और उद्योगपतियों को संबोधित करते हुए श्री अमन अरोड़ा ने कहा कि पंजाब में मजबूत औद्योगिक बुनियादी ढांचा, कुशल युवा, अनुकूल उद्यमशीलता इकोसिस्टम, उन्नत कृषि, रणनीतिक कनेक्टिविटी और व्यापक उपभोक्ता बाजार मौजूद है, जो इसे यूएई तथा वैश्विक निवेशकों के लिए एक आदर्श निवेश गंतव्य बनाता है।
यूएई स्थित निवेशकों, वैश्विक कारोबारियों और पंजाबी समुदाय को पंजाब के औद्योगिक विकास के अगले चरण का हिस्सा बनने का न्योता देते हुए अमन अरोड़ा ने राज्य की प्रगतिशील औद्योगिक एवं व्यापार विकास नीति-2026 को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि इस नीति में विभिन्न निवेशक श्रेणियों और प्राथमिकता वाले क्षेत्रों के लिए बेहतर प्रोत्साहन ढांचा उपलब्ध कराया गया है तथा पंजाब में सिंगल-विंडो प्रणाली के माध्यम से निवेशकों को सुविधाएं प्रदान की जा रही हैं।
अमन अरोड़ा ने कहा, “पंजाब के दरवाजे व्यापार के लिए खुले हैं और राज्य निवेश के लिए पूरी तरह तैयार है। हम चाहते हैं कि निवेशक पंजाब को केवल एक बाजार के रूप में नहीं, बल्कि विनिर्माण, फूड प्रोसेसिंग, प्रौद्योगिकी, लॉजिस्टिक्स और वैश्विक स्तर के कारोबार के संचालन के लिए एक रणनीतिक साझेदार के रूप में देखें। हमारा ध्यान कारोबार करने में आसानी, त्वरित मंजूरियों, नीतिगत स्पष्टता और निवेशकों को अधिकतम सहयोग प्रदान करने पर केंद्रित है।” Aman Arora has 100-125 percent FCI. Invitation to global investors to invest in Punjab with returns, fast-track approvals
इस नीति के तहत पात्र विनिर्माण इकाइयां स्थिर फिक्स्ड कैपिटल इन्वेस्टमेंट (एफ.सी.आई.) के 100 प्रतिशत तक वित्तीय प्रोत्साहन प्राप्त कर सकती हैं, जबकि प्राथमिकता वाले क्षेत्रों तथा सीमावर्ती जिलों और कंडी क्षेत्रों में स्थित इकाइयां एफ.सी.आई. के 125 प्रतिशत तक प्रोत्साहन की पात्र हैं। यह लाभ कुल 500 करोड़ रुपये की सीमा के अधीन है। प्रमुख लाभों में पात्र एफ.सी.आई. के 20 प्रतिशत तक की पूंजी सब्सिडी (अधिकतम 10 करोड़ रुपये तक), पात्र अवधि के लिए शुद्ध एस.जी.एस.टी. की 75 प्रतिशत तक प्रतिपूर्ति तथा लागू शर्तों के अधीन पात्र नई इकाइयों के साथ-साथ विस्तार करने वाली मौजूदा इकाइयों के लिए बिजली शुल्क में 100 प्रतिशत छूट शामिल है।
यह नीति रोजगार के अवसर पैदा करने के साथ-साथ प्राथमिकता एवं उभरते क्षेत्रों में निवेश को भी प्रोत्साहित कर रही है। इसके तहत निवेशक अपने कारोबार और रोजगार योजनाओं के साथ प्रोत्साहनों को जोड़ सकते हैं। यह ढांचा न केवल नई परियोजनाओं, बल्कि मौजूदा औद्योगिक इकाइयों के विस्तार और आधुनिकीकरण को भी लाभ प्रदान करता है।
अमन अरोड़ा ने कहा कि पंजाब फूड प्रोसेसिंग एवं कृषि, विनिर्माण, लॉजिस्टिक्स, टेक्सटाइल, आई.टी./आई.टी.ई.एस., ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (जी.सी.सी.), डेटा सेंटर, नवीकरणीय ऊर्जा, उभरती प्रौद्योगिकियों, कौशल विकास और रोजगार-संबंधी क्षेत्रों में यूएई से निवेश आकर्षित करने के लिए उत्सुक है।
उद्योग मंत्री ने कहा कि ‘इन्वेस्ट पंजाब’ राज्य की निवेशक सुविधा रणनीति का आधार है, जो नियामकीय मंजूरियों, प्रोत्साहनों और सहायता के लिए एकीकृत प्लेटफॉर्म उपलब्ध कराता है। इस डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से निवेशक आवेदन जमा कर सकते हैं, नियामकीय सेवाओं तक पहुंच प्राप्त कर सकते हैं, मंजूरियों को ट्रैक कर सकते हैं, परियोजना-विशिष्ट सुविधा की मांग कर सकते हैं और निवेश से संबंधित निरंतर सहायता प्राप्त कर सकते हैं। इससे प्रक्रियागत देरी में काफी कमी आई है और मंजूरियों के लिए विभिन्न विभागों के चक्कर लगाने की आवश्यकता समाप्त हो गई है।
अमन अरोड़ा ने कहा, “हम चाहते हैं कि दुबई में रहने वाला निवेशक पंजाब से डिजिटल रूप से जुड़ सके, लागू मंजूरियों और प्रोत्साहनों के बारे में पूरी स्पष्टता प्राप्त कर सके तथा ‘इन्वेस्ट पंजाब’ के माध्यम से समर्पित सुविधा प्राप्त कर सके। हमारा उद्देश्य निवेश के विचार से लेकर कारोबार शुरू करने तक की पूरी यात्रा को पूर्वानुमान योग्य, पारदर्शी और निर्बाध बनाना है।”
उन्होंने कहा कि ‘इन्वेस्ट पंजाब’ कार्यालय यूएई के निवेशकों को उपयुक्त अवसरों और स्थानों की पहचान करने से लेकर मंजूरियां प्राप्त करने तथा पात्र प्रोत्साहनों का लाभ उठाने तक हर प्रकार की सुविधा उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने अमृतसर-कोलकाता औद्योगिक कॉरिडोर (ए.के.आई.सी.) पर राजपुरा में विकसित किए जाने वाले 1,100 एकड़ के एकीकृत विनिर्माण क्लस्टर को विनिर्माण और सहायक उद्योगों के लिए एक प्रमुख अवसर के रूप में रेखांकित किया। यह परियोजना महत्वपूर्ण निवेश आकर्षित करने के साथ-साथ बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर भी पैदा करेगी।
अरोड़ा ने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार यूएई के वैश्विक निवेश नेटवर्क और विनिर्माण, कृषि, फूड प्रोसेसिंग, प्रौद्योगिकी तथा मानव संसाधन के क्षेत्र में पंजाब की क्षमताओं का लाभ उठाते हुए यूएई के साथ दीर्घकालिक साझेदारी विकसित करने के लिए प्रतिबद्ध है।
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