

World Lung Cancer Day के अवसर पर Bhagwant Mann government ने मुफ्त कैंसर उपचार और रोकथाम के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई
‘मुख्यमंत्री सेहत योजना’ के तहत 708 फेफड़ों के कैंसर रोगियों को 3.43 करोड़ रुपये का कैशलेस उपचार प्रदान किया गया
‘मुख्यमंत्री सेहत योजना’ के तहत फेफड़ों के कैंसर संबंधी कैशलेस उपचार का लाभ लेने में बठिंडा, संगरूर और फरीदकोट सबसे आगे
कोई भी मरीज आर्थिक तंगी के कारण समय पर फेफड़ा कैंसर के उपचार से वंचित न रहे: डा. बलबीर सिंह
भारत में सबसे कम तम्बाकू सेवन वाले राज्य के रूप में पंजाब की पहचान हमारी रोकथाम अभियानों की सफलता का प्रत्यक्ष प्रमाण: डा. बलबीर सिंह
चंडीगढ़,दिल्ली, 1 अगस्त, 2026 (विश्ववार्ता) वस के अवसर पर भगवंत मान सरकार ने एक सरल लेकिन अत्यंत महत्वपूर्ण संदेश दिया है कि कोई भी व्यक्ति केवल इस कारण से फेफड़ों के कैंसर के खिलाफ जंग न हारे क्योंकि वह उपचार का खर्च वहन नहीं कर सकता। मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना (MMSY) के माध्यम से राज्य सरकार न केवल जीवन-रक्षक उपचार का खर्च उठा रही है, बल्कि बीमारी होने से पहले ही इसकी रोकथाम के लिए भी लगातार काम कर रही है। World Lung Cancer Day
आंकड़े बताते हैं कि यह प्रतिबद्धता अब लोगों के लिए वास्तविक सहारा बन रही है। अब तक योजना के तहत 708 फेफड़ा कैंसर रोगियों को पूरी तरह से कैशलेस उपचार प्रदान किया गया है, जिसके लिए 3.43 करोड़ रुपये के क्लेम मंजूर किए जा चुके हैं। इससे सैकड़ों परिवारों को अस्पताल के खर्चों की चिंता से मुक्ति मिली है और वे अपने परिवार के सदस्यों के स्वास्थ्य पर ध्यान केंद्रित कर सके हैं।
इस अवसर पर पंजाब के स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री डा. बलबीर सिंह ने कहा कि फेफड़ों का कैंसर दुनिया के सबसे घातक कैंसरों में से एक है, लेकिन यह ऐसी बीमारी भी है जिसमें परहेज और समय पर इलाज से परिणामों में बड़ा सुधार लाया जा सकता है। उन्होंने कहा, “मुख्यमंत्री सेहत योजना के माध्यम से हम यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि लोगों को इलाज के खर्च की चिंता किए बिना समय पर इलाज मिले। हमारी जिम्मेदारी केवल उपचार प्रदान कराने तक सीमित नहीं है। हम यह भी सुनिश्चित करना चाहते हैं कि लोग समय पर अस्पताल पहुंचें और किसी भी मरीज के लिए मानक स्वास्थ्य सेवाएं लेने के लिए आर्थिक तंगी कोई बाधा न बने।”
तम्बाकू नियंत्रण के क्षेत्र में पंजाब की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि राज्य ने पूरे देश के लिए एक मिसाल कायम की है। उन्होंने कहा, “विश्व फेफड़ा कैंसर दिवस पर राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण (NFHS-6) द्वारा भारत में सबसे कम तम्बाकू सेवन वाले राज्य के रूप में पंजाब को मिली मान्यता हमारी निरंतर जागरूकता अभियानों, प्रभावी तम्बाकू नियंत्रण उपायों और लोगों की सक्रिय भागीदारी की सफलता का प्रतीक है। यह उपलब्धि हमारे इस विश्वास को और मजबूत करती है कि फेफड़ों के कैंसर के खिलाफ रोकथाम ही सबसे प्रभावी हथियार है। मैं हर नागरिक से अपील करता हूं कि वह तम्बाकू से दूर रहे, स्वस्थ जीवन शैली अपनाए और स्वस्थ, कैंसर-मुक्त पंजाब के निर्माण में अपना योगदान दे।”punjab news
विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार फेफड़ा कैंसर आज भी विश्व स्तर पर कैंसर से होने वाली मौतों का सबसे बड़ा कारण है और तम्बाकू का सेवन इसका सबसे बड़ा कारक बना हुआ है। भारत में भी तम्बाकू की बढ़ती खपत और बीमारी की देर से पहचान के कारण इसका बोझ लगातार बढ़ रहा है। ऐसे हालातों में रोकथाम, जागरूकता और समय पर जांच पहले से भी अधिक महत्वपूर्ण हो गई है।
पंजाब राज्य स्वास्थ्य एजेंसी (SHA) से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार, मुख्यमंत्री सेहत योजना के तहत लाभ प्राप्त करने वाले 708 मरीजों में से 413 पुरुष हैं, जिनके उपचार पर 1,89,68,865 रुपये खर्च किए गए हैं, जबकि 295 महिलाओं को 1,53,19,215 रुपये की लागत वाला कैशलेस उपचार प्रदान किया गया है।
उम्र के अनुसार विश्लेषण बताता है कि सबसे अधिक 286 लाभार्थी 61 से 75 वर्ष आयु वर्ग से संबंधित हैं, जिनके उपचार पर 1,34,56,310 रुपये खर्च किए गए। इसके बाद 46 से 60 वर्ष आयु वर्ग के 247 मरीजों को 1,24,83,240 रुपये का उपचार प्रदान किया गया। योजना के तहत 31 से 45 वर्ष आयु वर्ग के 100, 19 से 30 वर्ष आयु वर्ग के 9 और 13 से 18 वर्ष आयु वर्ग के 2 किशोर मरीजों को भी सहायता मिली है, जो यह दर्शाते हैं कि फेफड़ा कैंसर विभिन्न आयु वर्गों के लोगों को प्रभावित कर सकता है।
जिला-वार आंकड़ों के अनुसार बठिंडा में सबसे अधिक 179 मरीजों को 1,46,02,300 रुपये की लागत से उपचार मिला। इसके बाद संगरूर में 163 मरीजों के उपचार के लिए 56,62,600 रुपये और फरीदकोट में 149 मरीजों के उपचार के लिए 37,85,760 रुपये के क्लेम मंजूर किए गए। इसके अलावा अमृतसर (55 मरीज), जालंधर (42), पटियाला (20), एस.ए.एस. नगर (19), लुधियाना (11), फतेहगढ़ साहिब (1) और पठानकोट (1) के मरीजों ने भी इस योजना का लाभ लिया। इन जिलों में कुल 640 लाभार्थियों को 3,17,04,235 रुपये का उपचार प्रदान किया गया।
डा. बलबीर सिंह ने लोगों से अपील की कि वे हर प्रकार के तम्बाकू से दूर रहें, लगातार खांसी, सीने में दर्द, बिना किसी कारण वजन घटना और सांस लेने में तकलीफ जैसे चेतावनी संकेतों को नजरअंदाज न करें और ऐसे लक्षण दिखने पर तुरंत डॉक्टरी सलाह लें। उन्होंने जोर देकर कहा कि समय पर बीमारी की पहचान होने से मरीज के बचने की संभावना और उपचार के परिणामों में काफी सुधार होता है।
स्वास्थ्य मंत्री ने आगे कहा कि भगवंत मान सरकार कैंसर की स्क्रीनिंग को और मजबूत करने, गुणवत्तापूर्ण उपचार तक पहुंच का विस्तार करने और मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना का लाभ हर पात्र परिवार तक पहुंचाने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा, “योजना के तहत मंजूर किया गया हर दावा एक ऐसे मरीज का प्रतिनिधित्व करता है जिसे जीवन का दूसरा मौका मिला है और ऐसे परिवार की भी, जिसे इलाज के भारी खर्च के बोझ से राहत मिली है।”
इसके अलावा, पंजाब सरकार स्वास्थ्य और तंदुरुस्ती को बढ़ावा देने वाली समग्र पहुंचों को भी प्रोत्साहित कर रही है। वर्ष 2023 के दौरान ‘कैंसर नर्सिंग’ में प्रकाशित एक अध्ययन (PubMed) में पाया गया कि योग से संबंधित सांस लेने के व्यायाम फेफड़ा कैंसर की सर्जरी के बाद मरीजों में लक्षणों को कम करने और स्वास्थ्य की प्रक्रिया को बेहतर बनाने में सहायक साबित होते हैं। पंजाब सरकार की ‘सीएम की योगशाला’ पहल का उद्देश्य नियमित योग और ध्यान को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने के लिए प्रोत्साहित करके लोगों की शारीरिक और मानसिक तंदुरुस्ती को बेहतर बनाना है।























