
DA मुलाजिमों का हक, खैरात नहीं, Punjab govt तुरंत जारी करे बकाया: Sukhjinder Randhawa
रंधावा बोले- हाईकोर्ट के फैसले से मुलाजिमों को बड़ी राहत
जब सरकार ने कर्ज ले रखा है तो फिर डीए की बकाया राशि के भुगतान में देरी क्यों ?
चंडीगढ़, 21 मई, (विश्ववार्ता) कांग्रेस सांसद सुखजिंदर सिंह रंधावा ने पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट की ओर से कर्मचारियों और पेंशनरों के महंगाई भत्ते (डीए) के अधिकार को बरकरार रखने के फैसले का स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि यह फैसला लाखों कर्मचारियों और पेंशनरों के लिए बड़ी राहत लेकर आया है, जिन्हें लंबे समय से अपने बकाया भुगतान का इंतजार था।
उन्होंने कहा कि डीए मुलाजिमों का हक है, कोई खैरात नहीं है। भगवंत मान सरकार को चाहिए कि वह तुरंत डीए की बकाया राशि जारी करे। अब तो पंजाब सरकार ने कर्ज भी ले रखा है। इसी कर्ज से मुलाजिमों का डीए जारी किया जाए। अब सरकार बार-बार स्टे लेने की बेकार कोशिशें न करे। सरकार को अब बिना समय गवाएं अदालत के फैसले को मान लेना चाहिए। DA employees’ right,not bailout,
रंधावा ने कहा कि हाईकोर्ट ने स्पष्ट कर दिया है कि डीए सभी कर्मचारियों और पेंशनरों का अधिकार है। उन्होंने आरोप लगाया कि आप पार्टी की सरकार इस मुद्दे पर लगातार टालमटोल करती रही और कर्मचारियों के अधिकार को देने में देरी करने की कोशिश कर रही है। अदालत के फैसले ने अब सरकार की स्थिति स्पष्ट कर दी है। , Punjab govt should release dues immediately: Sukhjinder Randhawa
उन्होंने कहा कि मौजूदा समय में लगातार बढ़ती महंगाई ने वेतनभोगी वर्ग की आर्थिक स्थिति को बेहद कठिन बना दिया है। रोजमर्रा के खर्च, शिक्षा, स्वास्थ्य और अन्य जरूरतों पर बढ़ते बोझ के कारण कर्मचारी और पेंशनर सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं। ऐसे हालात में डीए की राशि उनके लिए बड़ी राहत साबित हो सकती है।
रंधावा ने पंजाब सरकार से मांग की है कि हाईकोर्ट की ओर से निर्धारित समय सीमा का इंतजार करने के बजाय कर्मचारियों और पेंशनरों की बकाया राशि तुरंत जारी की जाए। उन्होंने कहा कि सरकार को कर्मचारियों के हितों को प्राथमिकता देनी चाहिए, क्योंकि यही वर्ग प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूती देता है।
उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने कर्मचारियों की मांगों को गंभीरता से नहीं लिया तो असंतोष और बढ़ सकता है। वहीं कर्मचारी संगठनों ने भी हाईकोर्ट के फैसले का स्वागत करते हुए जल्द भुगतान की मांग दोहराई है। Punjab govt
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