
HEALTH & MEDICINE : सिर और गर्दन के कैंसर के मरीज़ों के लिए बेहतर प्रोग्नोसिस देने के लिए नया AI टूल बनाया गया
चंडीगढ, 29 दिसंबर, 2025 (विश्ववार्ता) हेल्थ और मेडिसिन : अमेरिकी रिसर्चर्स की एक टीम ने एक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI)-बेस्ड नॉन-इनवेसिव टूल बनाया और वैलिडेट किया है जो सिर और गर्दन के कैंसर के फैलने के रिस्क का अनुमान लगा सकता है। मास जनरल ब्रिघम के रिसर्चर्स का बनाया यह AI टूल यह अनुमान लगा सकता है कि मरीज़ का ऑरोफैरिंजियल कैंसर – एक तरह का सिर और गर्दन का कैंसर जो गले में होता है – कितना फैलेगा। यह डॉक्टरों को यह बताकर मदद कर सकता है कि किन मरीज़ों को एग्रेसिव ट्रीटमेंट देना चाहिए।
मैसाचुसेट्स के ब्रिघम एंड विमेंस हॉस्पिटल में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस इन मेडिसिन (AIM) प्रोग्राम के सीनियर लेखक बेंजामिन कान, MD, PhD ने कहा, “हमारा टूल यह पहचानने में मदद कर सकता है कि किन मरीज़ों को कई इंटरवेंशन देने चाहिए या वे इम्यूनोथेरेपी या एडिशनल कीमोथेरेपी जैसी इंटेंसिव स्ट्रेटेजी के क्लिनिकल ट्रायल के लिए आइडियल कैंडिडेट होंगे।”
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कान ने आगे कहा, “हमारा टूल यह पहचानने में भी मदद कर सकता है कि किन मरीज़ों को कम इंटेंसिटी वाला ट्रीटमेंट देना चाहिए, जैसे कि सिर्फ़ सर्जरी।” यह रिसर्च जर्नल ऑफ़ क्लिनिकल ऑन्कोलॉजी में पब्लिश हुई है। ऑरोफरीन्जियल कैंसर का ट्रीटमेंट, जिसमें सर्जरी, रेडिएशन थेरेपी और कीमोथेरेपी का कॉम्बिनेशन शामिल है, उसे झेलना मुश्किल हो सकता है और इसके लंबे समय तक चलने वाले नेगेटिव असर हो सकते हैं। इसलिए, मरीज़ों के उन सबग्रुप की पहचान करना ज़रूरी है जिन्हें कम या ज़्यादा इंटेंसिव ट्रीटमेंट तरीकों से फ़ायदा हो सकता है।
इसे पूरा करने का एक तरीका यह पता लगाना है कि क्या मरीज़ को पैथोलॉजिकल एक्सट्रानोडल एक्सटेंशन (ENE) है, जो तब होता है जब कैंसर सेल्स लिम्फ नोड के बाहर आस-पास के टिशू पर हमला करते हैं। अभी, ENE का पक्का पता सिर्फ़ सर्जरी से लिम्फ नोड्स को हटाकर और उनकी जांच करके ही लगाया जा सकता है। नए AI-बेस्ड टूल ने कंप्यूटेड टोमोग्राफी स्कैन से इमेजिंग डेटा को मिलाया और ENE वाले लिम्फ नोड्स की संख्या का अनुमान लगाया – यह मरीज़ के प्रोग्नोसिस और इंटेंसिव थेरेपी से फ़ायदा होने की संभावना का एक इंडिकेटर है।
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जब इस टूल का इस्तेमाल ऑरोफैरिंजियल कार्सिनोमा वाले 1,733 मरीज़ों के इमेजिंग स्कैन पर किया गया, तो यह अनकंट्रोल्ड कैंसर फैलने और मरीज़ के बचने की खराब संभावना का अनुमान लगाने में कामयाब रहा। पहले से मौजूद क्लिनिकल रिस्क प्रेडिक्टर में AI असेसमेंट जोड़ने से रिस्क स्ट्रेटिफिकेशन में सुधार हुआ, जिससे अलग-अलग मरीज़ों में बचने और कैंसर फैलने का ज़्यादा सटीक अनुमान लगाया जा सका।
कान ने कहा, “AI टूल ENE के साथ लिम्फ नोड काउंट का अनुमान लगाने में मदद करता है, जो पहले नहीं किया जा सकता था, और यह दिखाता है कि यह ऑरोफैरिंजियल कैंसर के लिए एक पावरफुल, नया प्रोग्नोस्टिक बायोमार्कर है जिसका इस्तेमाल मौजूदा स्टेजिंग स्कीम और ट्रीटमेंट प्लानिंग को बेहतर बनाने के लिए किया जा सकता है।” HEALTH & MEDICINE :
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