
Kangana Case कंगना की माफ़ी पर बुज़ुर्ग माँ महिंदर कौर का बड़ा बयान, पढ़ें पूरी जानकारी
– कहा, ‘माफ़ी मांगने का समय चार साल पहले था’
– इस तारिख को होगी अगली सुनवाई
बठिंडा, 30 अक्टूबर, 2025 (विश्व समाचार): बॉलीवुड अभिनेत्री और मंडी से भाजपा सांसद कंगना रनौत (Kangana Ranaut) को किसान आंदोलन से जुड़े मानहानि के एक मामले में बठिंडा कोर्ट में पेश होना पड़ा। कंगना के कोर्ट में पेश होने के बाद, केस दर्ज कराने वाली बुज़ुर्ग किसान बेबे महिंदर कौर ने कड़ी प्रतिक्रिया दी। महिंदर कौर ने क्या कहा: “माफ़ी मांगने का समय चार साल पहले था, और अब मैं केस लड़ूँगी।” Kangana Case
मीडिया से बात करते हुए, महिंदर कौर ने कहा, “मैं कंगना की माफ़ी को अस्वीकार करती हूँ। चार साल बीत चुके हैं, माफ़ी मांगने का समय बीत चुका है। अगर उन्हें माफ़ी मांगनी होती, तो वे उसी दिन माफ़ी मांग लेतीं। उन्होंने हर संभव कोशिश की है। वह चंडीगढ़ गईं, फिर दिल्ली में कोशिश की। वहाँ वह असफल रहीं, लेकिन जब उन्हें बठिंडा आने के लिए कहा गया, तो वह आ गईं।” अब जब उनका घमंड टूट गया है और अदालत ने उन्हें फटकार लगाई है, तो वे माफ़ी क्यों मांग रही हैं? वे दिल्ली से वीडियो कॉल के ज़रिए पेश होना चाहती थीं, लेकिन अदालत ने उनकी याचिका (कंगना केस) खारिज कर दी और उन्हें बठिंडा बुला लिया।
महिंदर कौर ने आगे कहा कि कंगना (कंगना केस) ने एक बुजुर्ग महिला की छवि को नुकसान पहुँचाया है। उन्होंने कहा कि कंगना खुद आराम से बैठती थीं, लेकिन उन्हें (महिंदर कौर) चंडीगढ़ और दिल्ली आने-जाने के लिए घंटों बस के सफ़र करने पड़ते थे।
उन्होंने कंगना पर तंज कसते हुए कहा, “वह हमारी आलोचना करती थीं और सरकारों की तारीफ़ करती थीं। वह फ़िल्में करती थीं, एक बड़ी अभिनेत्री थीं, लेकिन फिर उन्हें लगता था कि वह मुझसे बड़ी हैं, उन्हें अपनी दौलत का घमंड था। कानून (कंगना केस) सबके लिए एक जैसा है, चाहे वह अमीर हो या गरीब। कानून की वजह से ही अमीर और सांसद को अदालत में पेश होना पड़ा।” महिंदर कौर ने कानून की ताकत दिखाने के लिए अदालत का शुक्रिया अदा किया।Kangana Case
अदालत के बाहर पत्रकारों से बात करते हुए, कंगना ने पूरे मामले को ग़लतफ़हमी बताया। उन्होंने कहा, “मैंने माता जी (महिंदर कौर) के पति को भी संदेश भेजा है कि मैंने कभी सपने में भी नहीं सोचा था कि यह इतना बड़ा मुद्दा बन जाएगा। हर माँ, चाहे वह हिमाचल की हो या पंजाब की, मेरे लिए सम्मानीय है।” उन्होंने दावा किया कि यह कई महिलाओं से जुड़ा एक मीम था और किसी व्यक्ति विशेष (कंगना केस) के खिलाफ कोई टिप्पणी नहीं की गई थी। उन्होंने कहा, “किसी भी गलतफहमी के लिए मुझे खेद है। अगर माँ को ठेस पहुँची है, तो मैं क्षमा चाहती हूँ।”
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दरअसल, 2021 में किसानों के विरोध प्रदर्शन के दौरान, कंगना रनौत ने धरने पर बैठी बुजुर्ग किसान महिंदर कौर को कथित तौर पर शाहीन बाग की दादी बिलकिस बानो कहा था और टिप्पणी की थी कि ये महिलाएं 100 रुपये प्रति व्यक्ति के हिसाब से धरने पर बैठी हैं। इस विवादित टिप्पणी को लेकर बेबे महिंदर कौर ने बठिंडा की एक अदालत में कंगना के खिलाफ मानहानि का मुकदमा दायर किया है।
मामले की अगली सुनवाई 24 नवंबर को है। कंगना के वकील ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए एक अर्जी दायर की है, जिसमें सभी सुनवाई में शामिल होने से छूट की मांग की गई है। यह मांग की गई है, जिस पर अदालत ने शिकायतकर्ता से जवाब मांगा है।
महिंदर कौर के वकील ने इस रियायत का विरोध करते हुए कहा कि कानून की नजर में एक आरोपी सिर्फ एक आरोपी होता है और उसे हर सुनवाई (कंगना मामला) में मौजूद रहना जरूरी है।























