
60 करोड़ रुपये का घोटाला मामला: अभिनेत्री Shilpa Shetty से 60 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी मामले में पूछताछ
– आर्थिक अपराध शाखा (EOW) ने 4.5 घंटे पूछताछ की
– पति राज कुंद्रा समेत 5 अन्य के बयान दर्ज
मुंबई, चंडीगढ, 8 अक्तूबर (विश्ववार्ता) 60 Crore Scam Caseआर्थिक अपराध शाखा (EOW) की टीम ने 60 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी (60 करोड़ रुपये का घोटाला) मामले में शिल्पा शेट्टी से पूछताछ की। EOW की टीम ने अभिनेत्री से करीब 4.5 घंटे पूछताछ की। इसके अलावा, शिल्पा के पति राज कुंद्रा का भी बयान दर्ज किया गया।
अधिकारियों ने शिल्पा और राज कुंद्रा समेत पांच लोगों के बयान दर्ज किए, जिसमें उनके पूरे लेन-देन का विवरण दिया गया। पूछताछ शिल्पा शेट्टी के मुंबई स्थित आवास पर हुई। जाँच दल फिलहाल उस कंपनी का ब्योरा जुटा रहा है जिससे शिल्पा और राज उस समय जुड़े थे। 60 Crore Scam Case: Shilpa Shetty questioned in Rs 60 crore fraud case
60 Crore Scam Case
इसी मामले में पिछले हफ़्ते राज से पूछताछ की गई थी। पूछताछ के दौरान, उन्होंने खुलासा किया कि दीपक कोठारी द्वारा बेस्ट डील को दिया गया पैसा बिपाशा बसु, नेहा धूपिया और निर्माता एकता कपूर को पेशेवर शुल्क के रूप में दिया गया था।
क्या है पूरा मामला?
अगस्त में, मुंबई के एक व्यवसायी दीपक कोठारी ने शिल्पा शेट्टी और राज कुंद्रा के खिलाफ ₹60 करोड़ (करीब 1.6 अरब डॉलर) की धोखाधड़ी का आरोप लगाते हुए शिकायत (60 करोड़ घोटाला मामला) दर्ज कराई थी। दीपक कोठारी के अनुसार, उनकी मुलाकात शिल्पा और कुंद्रा से 2015 में एजेंट राजेश आर्य के ज़रिए हुई थी। उस समय, दोनों बेस्ट डील टीवी के निदेशक थे और शिल्पा के पास कंपनी के 87% से ज़्यादा शेयर थे।
शिकायत के अनुसार, एक बैठक में यह तय हुआ था कि दीपक शिल्पा और राज कुंद्रा की कंपनी को ऋण देंगे। कंपनी ने ₹75 करोड़ (करीब 1.75 अरब डॉलर) का ऋण मांगा, जिस पर वार्षिक ब्याज दर 12% थी।
दीपक कोठारी का आरोप (60 करोड़ घोटाला मामला) यह है कि शिल्पा और कुंद्रा ने बाद में उनसे कहा कि इस ऋण से कर संबंधी समस्याएं हो सकती हैं, इसलिए वे इसे निवेश मानेंगे और मासिक रिटर्न देंगे। अप्रैल 2015 में, कोठारी ने लगभग ₹31.95 करोड़ (करीब 3.195 अरब डॉलर) का पहला भुगतान किया। कर संबंधी मुद्दे बने रहने पर, सितंबर में दूसरा सौदा हुआ और जुलाई 2015 से मार्च 2016 के बीच, उन्होंने ₹28.54 करोड़ और हस्तांतरित कर दिए।
कुल मिलाकर, उन्होंने ₹60.48 करोड़ (60 करोड़ घोटाला मामला) का भुगतान किया, साथ ही ₹3.19 लाख स्टांप शुल्क भी दिया। कोठारी का दावा है कि शिल्पा ने अप्रैल 2016 में उन्हें व्यक्तिगत गारंटी दी थी, लेकिन उन्होंने उसी वर्ष सितंबर में कंपनी के निदेशक पद से इस्तीफा दे दिया। इसके बाद, शिल्पा की कंपनी पर ₹1.28 करोड़ का ऋण बकाया पाया गया। कोठारी को इसकी जानकारी नहीं थी। उन्होंने बार-बार अपने पैसे वापस माँगे, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। 60 Crore Scam Case
शुरुआत में जुहू पुलिस स्टेशन में धोखाधड़ी और जालसाजी के आरोपों के तहत मामला दर्ज किया गया था। चूँकि मामला ₹10 करोड़ से ज़्यादा का था, इसलिए जाँच आर्थिक अपराध शाखा (EOW) को सौंप दी गई। EOW मामले की जाँच कर रही है।
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