
सेहतनामा: दिल का रखे खास ख्याल
जानिये दिल का दौरा पडऩे के 3 शुरुआती लक्षण
समय रहते पहचानें, जान बचाएं!
चंडीगढ़, 2 अगस्त (विश्व वार्ता) आज की तनावभरी जिंदगी, तनाव, अनियमित खानपान और जीवनशैली के कारण दिल की बीमारियां तेजी से बढ़ रही हैं। खासतौर पर हार्ट अटैक (दिल का दौरा) अब सिर्फ बुजुर्गों तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि युवा भी इसकी चपेट में आ रहे हैं। एक्सपट्र्स का कहना है कि अगर हम हार्ट अटैक के शुरुआती लक्षणों को समय रहते पहचान लें, तो बड़ी अनहोनी से बचा जा सकता है। आइए जानते हैं दिल का दौरा पडऩे के 3 ऐसे प्रमुख संकेत, जिन्हें नजऱअंदाज करना जानलेवा हो सकता है।
सीने में दर्द या दबाव का एहसास
दिल का दौरा पडऩे का सबसे आम और प्रमुख लक्षण सीने में दर्द होता है। यह दर्द अक्सर सीने के बीचोंबीच होता है और कई बार इसे लोग “जलन”, “भारीपन” या “दबाव” जैसा महसूस करते हैं। एक्सपट्र्स बताते हैं कि यह दर्द बाएं हाथ, गर्दन, जबड़े, पीठ या पेट की ओर भी फैल सकता है। अगर ये दर्द 5 मिनट से ज़्यादा देर तक बना रहे या रुक-रुक कर हो, तो यह हार्ट अटैक का संकेत हो सकता है।
सांस फूलना और अत्यधिक पसीना आना
अगर बिना किसी भारी मेहनत या व्यायाम के सांस फूलने लगे और शरीर से अचानक पसीना बहने लगे, तो इसे हल्के में न लें। यह लक्षण दिल में ऑक्सीजन की कमी का संकेत हो सकता है, जो कि हार्ट अटैक से पहले देखा जाता है। कुछ मामलों में मरीज को घुटन या बेचैनी का भी एहसास हो सकता है, जैसे कि सांस अंदर नहीं जा रही हो। यह स्थिति ख़ासकर महिलाओं और बुज़ुर्गों में आम है।
अचानक थकान और चक्कर आना
अचानक से थकावट महसूस होना, बिना कारण के कमजोरी लगना या चक्कर आना भी हार्ट अटैक का संकेत हो सकता है। यह लक्षण अक्सर महिलाओं में अधिक देखे जाते हैं और इन्हें सामान्य थकान समझकर नजरअंदाज कर दिया जाता है। अगर आपको हल्कापन महसूस हो, उठने पर सिर चकराए या कभी-कभी बेहोशी जैसे संकेत दिखें, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। दिल का दौरा एक ऐसी स्थिति है, जहां हर सेकेंड मायने रखता है। अगर आप या आपके किसी परिजन को ऊपर बताए गए लक्षण दिखें, तो इसे नजऱअंदाज न करें। समय पर लिया गया फैसला ज़िंदगी बचा सकता है। सही जानकारी, सजगता और त्वरित उपचार ही इस गंभीर स्थिति से लडऩे का सबसे मजबूत हथियार है।






















