
HCS Promotion: हरियाणा में 18 HCS ऑफिसर बनेंगे IAS
इन 9 अधिकारियों को करना पड़ेगा इंतजार
इनमें 2002 बैच के मुनीष नागपाल, महेंद्र पाल, सतपाल शर्मा और सुशील कुमार तथा 2004 बैच के वर्षा खंगवाल, वीरेंद्र सहरावत, सतेंद्र दुहन, मनिता मलिक, सतबीर सिंह, अमृता सिवाच, योगेश कुमार, डॉ. वंदना दिसोदिया, डॉ. सुभिता ढाका, जयदीप कुमार, सम्वर्तक खंगवाल, अनुराग ढालिया, योगेश कुमार मेहता और नवीन कुमार आहुजा को आईएएस बनने की हरी झंडी मिल गई हैं।
इन नौ एचसीएस अधिकारियों के खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट लंबित है। कोर्ट की ओर से फैसला यदि इन एचसीएस अधिकारियों के पक्ष में आता है तो उन्हें आज की ही तारीख से आईएएस के पद पर पदोन्नति की स्वीकृति मानी जाएगी।
इन 9 अफसरों को करना होगा फिलहाल इंतजार
2002 बैच के 9 अफसरों को आईएएस बनने में कोर्ट केस खत्म होने तक इंतजार करना पड़ेगा। इनका मामला पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में लंबित है। इनमें वीना हुड्डा, सुरेंद्र सिंह, जगदीप ढांडा, डॉ. सरिता मलिक, कमलेश कुमार भादू, कुलधीर सिंह, वत्सल वशिष्ठ, जगनिवास और महाबीर प्रसाद का नाम शामिल हैं। यूपीएससी की बैठक में इन अफसरों को प्रोविजनल प्रोन्नति दी गई है। आयोग ने कहा कि कोर्ट केस खत्म होते ही इन्हें उसी बैच में प्रमोशन दे दी जाएगी।
दिल्ली में केंद्रीय लोक सेवा आयोग में हुई विभागीय पदोन्नति कमेटी (डीपीसी) की बैठक में हरियाणा की ओर से मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी, स्वास्थ्य विभाग के एसीएस सुधीर राजपाल और सामान्य प्रशासन विभाग के एसीएस विजयेंद्र कुमार शामिल हुए। यूपीएससी के मेंबर दिनेश दासा ने बैठक की अध्यक्षता की। हरियाणा सरकार ने राज्य के 27 एचसीएस अधिकारियों को आईएएस बनाने का प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजा हुआ था।
जिन अधिकारियों के विरुद्ध कोर्ट में केस चल रहा है, उनके पक्ष में भी सरकार ने दस्तावेज भेजे थे, लेकिन डीपीसी की बैठक में एक-एक केस पर विस्तार से बातचीत हुई और तय हुआ कि महावीर प्रसाद और उन आठ एचसीएस अधिकारियों को प्रोविजनली आईएएस के पद पर पदोन्नति दी जाएगी, जिनके विरुद्ध कोर्ट में केस चल रहा है।
कोर्ट के फैसले पर निर्भर करेगा कि उन्हें फुल फ्लैग आईएएस बनाया जाए अथवा नहीं। यानी नौ एचसीएस को प्रोविजनली पदोन्नति मिली है। विभागीय पदोन्नति कमेटी ने 27 में से 18 एचसीएस को जल्दी आईएएस बनाने की मंजूरी प्रदान कर दी।























