रंगभेद के खिलाफ जग लड़ने वाली मशहूर मॉडल सैन रेचल अब नहीं रहीं
सांवली लड़कियों को हौसला देने वाली इस मशहूर मॉडल ने की खुदखुशी, पीछे छोड़ा सुसाइड नोट
चंडीगढ, 15 जुलाई (विश्ववार्ता) रंगभेद के खिलाफ जग लड़ने वाली मशहूर मॉडल सैन रेचल अब हमारे बीच नहीं रहीं। उन्होंने सुसाइड कर लिया है। जिसके बाद देश की उन लाखों लकड़ियों में दुःख की लहर दौड़ पड़ी है, जिसके लिए मॉडल सैन रेचल एक आदर्श बनीं। मिस डार्क क्वीन कहे जाने वाली 26 साल की सैन राहेल अब इस दुनिया में नहीं रही। तमिलनाडु 2019 का खिताब जीतने वाली मॉडल ने नींद की गोलियां खाकर आत्महत्या कर ली। मॉडल की मौत के बाद एक सुसाइड नोट भी मिला है, जिसमें उन्होंने अपने इस कदम के लिए किसी को जिम्मेदार नहीं ठहराया है। उन्होंने सार्वजनिक रूप से सांवली त्वचा वाले लोगों, खासकर महिलाओं के साथ होने वाले भेदभाव के बारे में बात की थी।
पूर्व मिस पुडुचेरी और फैशन उद्योग में समावेशिता की पैरोकार सन रेचल गांधी का शनिवार को जवाहरलाल स्नातकोत्तर चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान (JIPMER) में निधन हो गया। 26 वर्षीय रेचल ने कथित तौर पर 5 जुलाई को नींद की गोलियां खाकर आत्महत्या का प्रयास किया था। इलाज के दौरान राहेल की तबीयत बिगड़ गई और उन्होंने दम तोड़ दिया।
रेचल को फैशन उद्योग में बाधाओं को तोड़ने और विविधता की पैरवी करने के लिए जाना जाता था। उन्होंने कम उम्र में ही अपनी मां को खो दिया था, उनका पालन-पोषण उनके पिता गांधी ने किया जिन्होंने मॉडलिंग में करियर बनाने के उनके सपनों का समर्थन किया। त्वचा के रंग को लेकर उद्योग के पूर्वाग्रहों को चुनौती देते हुए, रेचल रंगभेद के खिलाफ एक सशक्त आवाज बनकर उभरीं और ‘गोरी त्वचा’ के मानकों के प्रभुत्व को चुनौती देने के लिए पहचान हासिल की





















