पंजाब के इस जिले मे प्रशासन ने जारी की सख्त हिदायते
डिप्टी कमिश्नर डॉ. हिमांशु अग्रवाल ने दिये कडे निर्देश, पढिये क्या है पूरी खबर
चंडीगढ, 2 जुलाई (विश्ववार्ता) पंजाब के जालंधर जिले में बरसात की शुरुआत के साथ ही डेंगू, मलेरिया जैसी बीमारियों का खतरा तेजी से बढ़ रहा है। इसी खतरे को भांपते हुए जालंधर के डिप्टी कमिश्नर डॉ. हिमांशु अग्रवाल ने एक अहम कदम उठाते हुए सभी खाली प्लॉट मालिकों को 10 दिनों के भीतर सफाई करवाने का अल्टीमेटम दे दिया है। आदेश के अनुसार, 10 जुलाई तक सफाई नहीं होने पर संबंधित मालिकों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
बरसात में पानी भरने और गंदगी जमा होने से मच्छरों और बैक्टीरिया का तेजी से फैलाव होता है। इससे डेंगू, मलेरिया, चिकनगुनिया जैसी बीमारियों की आशंका कई गुना बढ़ जाती है। डॉ. अग्रवाल ने कहा कि यह केवल स्वच्छता का मामला नहीं, बल्कि जनस्वास्थ्य से जुड़ा गंभीर विषय है।
डिप्टी कमिश्नर ने बीएनएस अधिनियम की धारा 163 के तहत आदेश जारी करते हुए स्पष्ट किया कि अब खाली प्लॉटों की सफाई महज एक जिम्मेदारी नहीं, बल्कि कानूनी अनिवार्यता है। तय समय सीमा तक सफाई न होने पर न केवल प्रशासन खुद सफाई करवाएगा, बल्कि इसका खर्च संबंधित मालिक से वसूला जाएगा। साथ ही अतिरिक्त जुर्माना और कानूनी कार्रवाई भी होगी।
यह निर्देश केवल निजी प्लॉट मालिकों तक सीमित नहीं हैं। सभी सरकारी विभागों को भी अपनी परिसंपत्तियों की सफाई सुनिश्चित करनी होगी। जिला प्रशासन ने विशेष निगरानी के लिए एडीसी और नगर निगम अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी है।
डॉ. अग्रवाल ने कहा, “यह कदम किसी को परेशान करने के लिए नहीं, बल्कि नागरिकों के स्वास्थ्य की सुरक्षा के लिए उठाया गया है। स्वच्छता केवल प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है। यदि समय रहते ध्यान नहीं दिया गया, तो आने वाले दिनों में स्थिति नियंत्रण से बाहर हो सकती है।”
यदि 10 जुलाई तक संबंधित प्लॉटों की सफाई नहीं होती है, तो प्रशासन खुद सफाई अभियान चलाएगा और उसकी लागत सीधे प्लॉट मालिकों से वसूली जाएगी। इसके अलावा, गंभीर मामलों में कड़ी कानूनी कार्रवाई भी की जा सकती है।
























