सिटी ब्युटीफुल मे फर्जी नौकरी देकर महिला को ठगा, पुलिस ने गिरोह का किया पर्दाफाश
चंडीगढ़, 23 अप्रैल (विश्ववार्ता) डिजिटल दुनिया में लोगों के काम जितने आसान हुए हैं। उतने ही ठगी के मामले में भी बढ़े हैं। दरअसल, चंडीगढ़ पुलिस की साइबर सेल टीम ने एक ऐसा गिरोह पकड़ा है जो पूरे देश में लोगों को ऑनलाइन फंसाकर उन्हें फर्जी जॉब ऑफर करता था और इसके बाद उनसे ठगी करता था। साइबर सेल के हत्थे गिरोह के चार लोग चढ़े हैं। पकड़े गए आरोपियों के कब्जे से 6 मोबाइल फोन, फर्जी आधार कार्ड, एचआर सर्विसेज की खाली रसीदे बरामद की गईं हैं।
पीडि़ता ने जानकारी दी कि, उसे उनके मोबाइल नंबरों से फिर कॉल आया और उन्होंने और पैसे मांग की। जिसके बाद वह फिर से दिए गए पते पर गई तो उसे पता चला कि कार्यालय बंद हो गया है। केवल दो दिनों के लिए किराए पर लिया गया था। दूसरी तरफ जब पीडि़ता महिला मोहाली स्थित अस्पताल अपना जॉइनिंग के लिए गई तो पता चला कि वहां पर कोई वैकेंसी ही नहीं है। जिसके बाद पीडि़ता को पता चला कि उसके साथ धोखाधड़ी हो गई है। जिसकी शिकायत थाना साइबर सेल पुलिस को दी।
आरोपी चण्डीगढ़, दिल्ली, मुंबई, रांची, अहमदाबाद, जयपुर, जोधपुर, सूरत, इंदौर, भुवनेश्वर, कोलकता में एक्टिव होकर ठगी का जाल बिछाते थे। चारों आरोपियों में एक की पहचान बिहार के रहने वाले 28 वर्षीय मोहमद दानिश कमर के रूप में हुई है। जो कि मैकेनिकल इंजीनियर है और पैरामाउंट एचआर सर्विसेज जॉब प्लेसमेंट गिरोह में एचआर बनकर नौकरी के लिए आवेदन करने वाले व्यक्ति का डेटा प्राप्त कर बाद में उन्हें इंटरव्यू के लिए चयन करता था और धोखाधड़ी से की गई रकम को मैनेज करता था।
वहीं मामले में पकड़े गए दूसरे आरोपी की पहचान सेक्टर 44 नोएडा के रहने वाले अविनाश कुमार के रूप में हुई है। यह एमएफए मास्टर इन फाइन आट्र्स था और गिरोह में पार्टनर था और लोगों को इंटरव्यू के लिए बुलाता था। तीसरे आरोपी की पहचान दिल्ली के सुनील सिंह के रूप में हुई है। इसने एम.कॉम कर रखा है और यह गिरोह में एचआर मैनेजर के रूप में कार्य करता था। उम्मीदवारों का इंटरव्यू लेता था और बाद में नौकरी के अनुसार पैसे की मांग करता था। वहीं चौथे आरोपी की पहचान दिल्ली के सुमित के रूप में हुई है। यह 12वीं पास लोगों को कॉलिंग करने के लिए सिम कार्ड का इस्तेमाल करता था। बताया जाता है कि, दिल्ली करोल बाग पुलिस ने हाल ही में आरोपी दानिश कमर, अविनाश कुमार को गिरफ्तार भी किया था।
जानकारी के मुताबिक, थाना साइबर सेल पुलिस को गुप्त सूचना और टेक्निकल तकनीक के जरिए 18 अप्रैल 2024 को सूचना मिली थी कि लोगों से फर्जी प्लेसमेंट सर्विसेज देने के मामले में धोखाधड़ी करने वाले आरोपी मोहम्मद दानिश कमर और अन्य आरोपी जयपुर राजस्थान में सक्रिय हैं। जिसके बाद एसपी साइबर केतन बंसल के दिशा निर्देशों के चलते डीएसपी साइबर ए वेंकटेश की सुपरविजन में थाना साइबर के एक्टिव इंस्पेक्टर रंजीत सिंह की टीम ने आरोपियों को जयपुर राजस्थान, दिल्ली से गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस जॉच पड़ताल के दौरान पता चला की पकड़े गए शातिर आरोपी नौकरी डॉट कॉम और अलग-अलग वेबसाइटों से लोगों का डेटा लेकर उन्हें ऑनलाइन तरीके से फर्जी जॉब ऑफर कर उन्हें ठगी का शिकार बना रहे थे। चंडीगढ़ पुलिस ने इनपर तब कार्रवाई की जब इनहोने चंडीगढ़ की एक महिला के साथ जॉब देने के नाम पर ठगी कर ली। दरअसल चंडीगढ़ की रहने वाली एक महिला ने पुलिस को शिकायत में बताया था कि उसने नौकरी डॉट कॉम वेबसाइट पर अपना बायोडाटा अपलोड किया था। इसके बाद उसे 2 नवंबर 2023 को इंटरव्यू के लिए सेक्टर 17 स्थित के लिए एक ईमेल प्राप्त हुआ।
जब पीडि़ता महिला इंटरव्यू के लिए दिए गए पते पर गई तो वहां उसे तीन युवकों और एक लडकी से मुलाकात हुई। उन्होने बताया की पीडि़ता महिला का चयन हॉस्पिटल मोहाली में हो गया है और उन्होने पैरामाउंट एचआर सर्विसेज के नाम से नियुक्ति का पत्र दिया और पत्र पर ईमेल आईडी लिखा हुआ था। पीडि़ता ने बताया कि उन्होने उसे लैपटॉप, बैग देने को कहा और 21 हजार 500 रूपए मांगे। उन्होंने उसे एक स्कैनर दिया और जिसके बाद उसने 21 हजार 500 रुपये स्कैन कर दिए। इसके बाद पीडि़ता को रसीद दे दी गई।