सुप्रीम कोर्ट ने लोकसभा चुनाव-2024 के अंतिम चरण के चुनाव से पहले भाजपा को दिया बडा झटका
चंडीगढ, 28 मई (विश्ववार्ता) उच्चतम न्यायालय ने लोकसभा के चल रहे चुनाव के दौरान भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की और से आदर्श आचार संहिता की ‘अनदेखी’ कर तृणमूल कांग्रेस को निशाना बनाने वाले अपमानजनक विज्ञापन पर कलकत्ता उच्च न्यायालय के रोक लगाने के आदेश को चुनौती देने बाली केंद्र की सत्ताधारी पार्टी की याचिका सोमवार की खारिज कर दी।
उच्च न्यायालय ने भाजपा को निर्देश दिया था कि वह तृणमूल कांग्रेस को निशाना बनाने वाले किसी भी तरह के अपमानजनक विज्ञापन प्रकाशित नहीं करें। भाजपा ने उच्च न्यायालय के इस आदेश के खिलाफ शीर्ष अदालत का दरवाजा खटखटाया था।
शीर्ष अदालत के इस रुख के बाद श्री पटवालिया (भाजपा) ने याचिका वापस लेने का फैसला किया और कहा कि वह अंतरिम आदेश पारित करने वाली उच्च न्यायालय की एकल पीठ के समक्ष जवाब दाखिल करना पसंद करेंगे। न्यायमूर्ति सब्यसाची भट्टाचार्य की एकल पीठ ने 20 मई को भाजपा को अगले आदेश तक उस विज्ञापन को प्रकाशित करने से रोक दिया था, क्योंकि माना गया था कि वो विज्ञापन आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन करते हैं।
उच्च न्यायालय ने पश्चिम बंगाल में सत्तारूढ़ पार्टी को निशाना बनाने वाले भाजपा के विज्ञापनों के खिलाफ तृणमूल कांग्रेस द्वारा दायर शिकायतों का समाधान करने में “पूरी तरह विफल” होने पर चुनाव आयोग की खिंचाई की थी। तृणमूल कांग्रेस ने भाजपा को ऐसे विज्ञापन प्रकाशित करने से रोकने के लिए उच्च न्यायालय में एक दायर याचिका की थी। याचिका में ममता बनर्जी की नेतृत्व वाली तृणमूल कांग्रेस के खिलाफ कुछ समाचार पत्रों में भाजपा द्वारा प्रकाशित कुछ विज्ञापनों पर आपत्ति जताई गई थी।























