लोकसभा चुनाव-2024 को लेकर संसदीय क्षेत्र चंडीगढ़ के लिए मतदान कर्मियों का हुआ सफलतापूर्वक रैंडमाइजेशन
चंडीगढ, 20 मई (विश्ववार्ता) चंडीगढ़ संसदीय क्षेत्र के लिए मतदान कर्मियों का रैंडमाइजेशन दूसरे चरण में रैंडमाइजेशन सॉफ्टवेयर का उपयोग करके सफलतापूर्वक किया गया। इस प्रक्रिया की देखरेख जनरल ऑब्जर्वर एस.एस. गिल और रिटर्निंग ऑफिसर श्री विनय प्रताप सिंह ने की। इसके अलावा, माइक्रो ऑब्जर्वर और काउंटिंग स्टाफ का रैंडमाइजेशन उसी सत्र के दौरान पूरा किया गया। जिला चुनाव अधिकारी-सह-रिटर्निंग ऑफिसर श्री विनय प्रताप सिंह ने बताया कि निर्वाचन क्षेत्र में 614 मतदान केंद्र हैं और रैंडमाइजेशन प्रक्रिया में लगभग 3,200 मतदान कर्मियों ने भाग लिया। रैंडमाइजेशन सॉफ्टवेयर के उपयोग से निष्पक्ष और पारदर्शी चयन प्रक्रिया सुनिश्चित हुई।
आगामी चुनावों की तैयारी में, 85 वर्ष और उससे अधिक आयु के मतदाताओं के साथ-साथ विकलांग व्यक्तियों (क्क2ष्ठ) के लिए डाक मतपत्रों के माध्यम से घर पर मतदान की सुविधा के लिए विशेष मतदान दल बनाए गए हैं। ये टीमें पूर्व घोषित कार्यक्रम के अनुसार ऐसे मतदाताओं के घर जाएँगी और उन्हें डाक मतपत्र के माध्यम से वोट डालने में सहायता करेंगी। उम्मीदवारों को इस कार्यक्रम के बारे में सूचित कर दिया गया है, जिससे वे इस प्रक्रिया की देखरेख के लिए अपने मतदान एजेंट नियुक्त कर सकेंगे।
पूरी घरेलू मतदान प्रक्रिया पर माइक्रो ऑब्जर्वर द्वारा बारीकी से नजऱ रखी जाएगी और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए वीडियोग्राफी की जाएगी। जिन मतदाताओं ने घर पर मतदान करने का विकल्प चुना है, उन्हें फ़ोन कॉल, एसएमएस और बूथ लेवल अधिकारियों (बीएलओ) के दौरे के ज़रिए शेड्यूल की सूचनाएँ मिलेंगी। प्रत्येक घरेलू मतदान दल में दो मतदान अधिकारी होंगे और वे माइक्रो ऑब्जर्वर की देखरेख में काम करेंगे। यह पहल निर्वाचन क्षेत्र के सभी पात्र मतदाताओं के लिए मतदान प्रक्रिया को सुलभ और निष्पक्ष बनाने की हमारी प्रतिबद्धता को रेखांकित करती है।
























