देश में एग्जिट पोल सर्वे द्वारा फिर नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में एनडीए की सरकार बनती हुई
क्या एग्जिट पोल के दावे हो जाएंगे फेल?
जानिये कब कब गलत साबित हुआ एग्जिट पोल
चंडीगढ़, 3 जून (विश्ववार्ता): 18वीं लोकसभा चुनाव 2024 मे किसकी सरकार आयेगी इसका पता कल 4 जून को पता चल जायेगा। इसके बाद विभिन्न सर्वे एजेंसियों ने एग्जिट पोल के आंकड़े जारी कर दिए हैं। न्यूज18 के एग्जिट पोल की मानें, तो देश में इस बार फिर नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में एनडीए की सरकार बनती दिख रही है।
इंडिया टुडे-एक्सिस मॉय इंडिया’ ने अपने एग्जिट पोल में एनडीए को 361-401 सीट मिलने की संभावना जताई है। उसका अनुमान है कि ‘इंडिया’ गठबंधन को 131-166 सीट से संतोष करना पड़ेगा। वहीं, इंडी गठबंधन ने दावा किया है कि वह 295 सीटों से अधिक जीतने जा रहे हैं।
इंडिया गठबंधन को एक भी सीट नहीं मिल रही है। वहीं राजस्थान की 25 सीटों में से भाजपा को 18 से 23 और इंडिया गठबंधन को 2 से 7 सीटें मिल सकती हैं।न्यूज18 के एग्जिट पोल के नतीजों के मुताबिक, महाराष्ट्र में एनडीए को 32 से 35 सीटें और इंडिया गठबंधन को 15 से 18 सीटें मिल सकती हैं।
कई सर्वेक्षणकर्ताओं ने कहा कि एनडीए 2019 की अपनी 353 सीटों की संख्या को पार कर सकता है। ‘रिपब्लिक टीवी-पी मार्क’ के सर्वेक्षण में दावा किया गया है कि 543 सदस्यीय लोकसभा में सत्तारूढ़ गठबंधन 359 सीट तक जीत हासिल करेगा और विपक्षी ‘इंडिया’ गठबंधन को 154 सीट मिलेंगी। ‘रिपब्लिक टीवी-मैट्रिज़’ के एग्जिट पोल में एनडीए को 353-368 सीट और विपक्ष को 118-133 सीट मिलने का अनुमान जताया गया है।
‘जन की बात’ के एग्जिट पोल में सत्तारूढ़ एनडीए को 362-392 सीट और विपक्षी गठबंधन को 141-161 सीट दी गई हैं। ‘इंडिया टीवी-सीएनएक्स’ ने अपने अनुमान में एनडीए को 371-401 और ‘इंडिया’ गठबंधन को 109-139 सीटें दीं, जबकि ‘न्यूज नेशन’ द्वारा अनुमान जताया गया है कि एनडीए को 342-378 और ‘इंडिया’ गठबंधन को 153-169 सीट मिल सकती हैं। वर्ष 2019 के चुनाव में भाजपा ने 303 सीट जीती थी, जबकि एनडीए की संख्या 353 थी। कांग्रेस को 53 सीट और उसके सहयोगियों को 38 सीट मिली थीं। इस लोकसभा चुनाव में भाजपा से मुकाबला करने के लिए विपक्षी दलों द्वारा ‘इंडिया’ गठबंधन का गठन किया गया।
लोकसभा चुनाव के अंतिम चरण का मतदान संपन्न होने के बाद एग्जिट पोल के आंकड़े जारी किए गए. ज्यादातर एग्जिट पोल (चुनाव बाद सर्वेक्षण) में भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन को प्रचंड बहुमत मिलने का अनुमान लगाया गया है. हालांकि विपक्ष ने एग्जिट पोल को मानने से इनकार करते हुए इसे फर्जी करार दिया है।
‘रिपब्लिक टीवी-पी मार्क’ के सर्वेक्षण में दावा किया गया है कि 543 सदस्यीय लोकसभा में सत्तारूढ़ गठबंधन 359 सीट तक जीत हासिल करेगा और विपक्षी ‘इंडिया’ गठबंधन को 154 सीट मिलेंगी. ‘रिपब्लिक टीवी-मैट्रिज़’ के एग्जिट पोल में राजग को 353-368 सीट और विपक्ष को 118-133 सीट मिलने का अनुमान जताया गया है.
‘जन की बात’ के सर्वेक्षण में एनडीए को 362-392 सीट और विपक्षी गठबंधन को 141-161 सीट दी गई हैं. ‘इंडिया टीवी-सीएनएक्स’ ने अपने अनुमान में एनडीए को 371-401 और इंडिया गठबंधन को 109-139 सीटें दीं. ‘टुडेज़ चाणक्य’ ने एनडीए को 385-415, इंडिया को 96-118 सीटें मिलने की भविष्यवाणी की है.
कब-कब गलत साबित हुए पोल?
एग्जिट पोल को अंतिम सच नहीं मान सकते हैं. पहले भी कई बार एग्जिट पोल के आंकड़े गलत साबित हुए हैं. इसका सबसे बड़ा उदाहरण 2004 का लोकसभा चुनाव रहा था. 2004 में ज्यादातर एग्जिट पोल में अटल बिहारी वाजपेयी के गठबंधन को 240-280 सीटें दी जा रही थीं जबकि कांग्रेस के गठबंधन को 180-190 सीटें दी जा रही थीं.
हालांकि 2004 में सभी एग्जिट पोल्स जनता का मूड भापंने में असफल रहे थे. चुनाव नतीजों में बीजेपी का गठबंधन 181 सीटों पर ही जीत हासिल कर पाया था. जबकि कांग्रेस के गठबंधन को 208 सीटें मिलने के साथ मनमनोहन सिंह की सरकार बनी थी.
जनता का मूड भापंने में असफल रहे थे. सभी एग्जिट पोल्स अटल बिहारी वाजपेयी के गठबंधन को तो जीत दिला रहे थे, लेकिन नतीजे बिल्कुल उलट आए थे. बीजेपी का गठबंधन 181 सीटों पर सिमट गया था और कांग्रेस के गठबंधन को 208 सीटें मिलने के साथ मनमनोहन सिंह की सरकार बनी थी।
2009 में भी फेल हो गए थे पोल
इसके बाद 2009 के लोकसभा चुनाव में एग्जिट पोल्स में बीजेपी और कांग्रेस गठबंधन के बीच कांटे की टक्कर का अनुमान लगाया गया था, लेकिन नतीजों में कांग्रेस गठबंधन को 262 सीटें मिली और एक बार फिर डॉ मनमोहन सिंह की सरकार बनी. बीजेपी को 159 सीटें मिली थीं. एक्जिट पोल फिर एक बार गलत साबित हुए।
2014 में नहीं भांप पाए मोदी लहर
वहीं, 2014 के लोकसभा चुनाव में भी एग्जिट पोल्स कुछ हद तक गलत साबित हो गए थे. तब ज्यादातर एग्जिट पोल्स में बीजेपी नीत एनडीए गठबंधन को 270 से 280 सीटें दी गई थीं, लेकिन नतीजों के दिन मोदी लहर का असर दिखा और एनडीए ने 336 सीटें हासिल की थीं. कांग्रेस केवल 66 तक सिमट गई थी. 2014 में केवल चाणक्य के एक्जिट पोल नतीजों के काफी करीब रहे थे. उन्होंने एनडीए को 340 सीटें दी थीं।
2019 में फिर दिखा काफी अंतर
2019 के लोकसभा चुनाव के एग्जिट पोल में भी काफी अंतर देखने को मिला था. तब एग्जिट पोल्स में बीजेपी गठबंधन को 280 से 300 तक सीटें दी गई थीं, लेकिन नतीजों में बीजेपी को 352 सीटें मिली थीं और नरेंद्र मोदी एक बार फिर से प्रधानमंत्री बने थे. बहरहाल अब इस बार क्या होता है ये तो 4 जून को नतीजों के दिन पता चलेगा.























