चुनाव आयोग ने बताया कितने करोड़ लोगों ने वोटिंग की
भारत ने बनाया विश्व रिकॉर्ड : सीईसी
64.2 करोड़ लोगों के मतदान करने के साथ भारत ने विश्व रिकॉर्ड बनाया-राजीव कुमार
कहा मीम बनाने वाले कह सकते हैं कि ‘लापता जेंटलमैन’ वापस आ गए हैं
चंडीगढ, 3 जून: (विश्ववार्ता): भारत ने लोकसभा चुनाव में 31.2 करोड़ महिलाओं समेत 64.2 करोड़ मतदाताओं की भागीदारी के साथ विश्व रिकॉर्ड बनाया। इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में चुनाव आयुक्तों ने देश के वोटर्स को मतदान के लिए धन्यवाद दिया है। चुनाव आयुक्तों ने कुर्सी से उठकर देश की जनता को स्टैंडिग ओवेशन दिया है। मुख्य निर्वाचन आयुक्त राजीव कुमार ने सोमवार को यह बात कही। राजीव कुमार ने यहां संवाददाताओं को संबोधित करते हुए कहा कि दुनिया की सबसे बड़ी मतदान प्रक्रिया में 68,000 से अधिक निगरानी दल और डेढ़ करोड़ से अधिक मतदान तथा सुरक्षा कर्मी शामिल रहे। कुमार ने कहा, ‘भारत ने इस साल लोकसभा चुनाव में 31.2 करोड़ महिलाओं समेत 64.2 करोड़ मतदाताओं की भागीदारी के साथ विश्व रिकॉर्ड बनाया।’ निर्वाचन आयुक्तों को सोशल मीडिया पर कुछ मीम में ‘लापता जेंटलमैन’ नाम दिए जाने के संदर्भ में मुख्य निर्वाचन आयुक्त ने कहा, ‘हम हमेशा यहीं थे, कभी नदारद नहीं रहे।’
मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार ने 4 जून को लोकसभा चुनाव के परिणाम घोषित करने के लिए अपनाई जाने वाली मतगणना प्रक्रिया के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि संपूर्ण मतगणना प्रक्रिया पूरी तरह से मजबूत है। यह घड़ी की सटीकता के समान काम करती है। सबसे पहले पोस्टल बैलेट की गिनती शुरू होगी। उसके आधे घंटे बाद ही हम EVM की गिनती शुरू कर देंगे। इसमें कोई संदेह नहीं है।
उन्होंने कहा, ‘अब मीम बनाने वाले कह सकते हैं कि ‘लापता जेंटलमैन’ वापस आ गए हैं।’ कुमार ने बताया कि लोकसभा चुनाव 2024 के लिए करीब चार लाख वाहनों, 135 विशेष ट्रेनों और 1,692 उड़ानों का इस्तेमाल किया गया। सीईसी राजीव कुमार ने बताया कि जम्मू-कश्मीर में 4 दशकों में सर्वाधिक 58.58 प्रतिशत मतदान और घाटी में 51.05 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। निर्वाचन आयोग ने चुनाव प्रक्रिया को निष्पक्ष बनाने के लिए शीर्ष नेताओं को नोटिस जारी किया, कई के खिलाफ प्राथमिकियां दर्ज कीं और शीर्ष अधिकारियों का तबादला किया। सीईसी राजीव कुमार ने 4 जून को लोकसभा चुनाव के लिए मतगणना पर कहा कि उन्होंने कहा कि संपूर्ण मतगणना प्रकिया पूरी तरह से मजबूत है। उन्होंने कहा कि भारतीय चुनावों की प्रणाली ऐसी है कि इसमें चुनाव के बाद भी जांच की गुंजाइश होती है।























