
Supreme Court ने CBI को दिया बड़ा आदेश
इस तरह के बढ़ते मामलों पर जताई चिंता
कहा राज्य सरकारें साइबरक्राइम सेंटर जल्दी स्थापित करें और अगर कोई रुकावट आए तो राज्य हमे बताएं
चंडीगढ, 2 दिसंबर 2025 (विश्व वार्ता): Digital Arrest Case: सुप्रीम कोर्ट ने आज सीबीआई को अहम निर्देश दिए। शीर्ष अदालत ने देश की संघीय जांच एजेंसी से कहा कि वह पहले अखिल भारतीय स्तर पर सामने आ चुके डिजिटल अरेस्ट घोटाले के मामलों की जांच करे। सुप्रीम कोर्ट ने विपक्षी राजनीतिक दलों के शासन वाले राज्यों- पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, कर्नाटक, तेलंगाना सहित अन्य राज्यों से भी डिजिटल अरेस्ट के मामलों की जांच के लिए सीबीआई को अनुमति देने को कहा।
सुप्रीम कोर्ट ने रिजर्व बैंक से कहा कि कोर्ट की मदद करें. कोर्ट ने ऐसे अकाउंट की पहचान करने और इस तरह के अपराध की कमाई को फ्रीज़ करने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस/मशीन लर्निंग जैसी कब तक लागू की जाएगी, इसके बारे में भी पूछा है. SC ने आदेश दिया है कि IT इंटरमीडियरी रूल्स 2021 के तहत अथॉरिटीज़ CBI को पूरा सहयोग देंगी। CBI
जिन राज्यों ने CBI को मंज़ूरी नहीं दी है, वे अपने अधिकार क्षेत्र में IT एक्ट 2021 की जांच के लिए मंज़ूरी दें ताकि CBI पूरे देश में बड़े पैमाने पर कार्रवाई कर सके.SC ने कहा कि CBI ज़रूरत पड़ने पर इंटरपोल अधिकारियों से मदद मांगेगी. SC ने टेलीकॉम सर्विस प्रोवाइडर्स एक ही नाम पर SIM या कई SIM जारी करने के मामले में टेलीकॉम डिपार्टमेंट से एक प्रपोज़ल जमा करने को कहा. जिससे सभी टेलीकॉम सर्विस प्रोवाइडर्स को सिम कार्ड का गलत इस्तेमाल रोकने के लिए आदेश जारी किया जा सके। Digital Arrest Case:
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि राज्य सरकारें साइबरक्राइम सेंटर जल्दी स्थापित करें और अगर कोई रुकावट आए तो राज्य SC को बताएं. IT नियमों के तहत अधिकारियों को निर्देश जाए कि वे साइबर अपराधों के लिए अलग-अलग राज्यों के FIR में बरामद सभी फोन का मोबाइल फोन डेटा स्टोर करें.SC ने सभी राज्यों और UT को निर्देश दिया है कि जहां भी IT Act 2021 के तहत FIR दर्ज की जाती है, सभी CBI को सौंपा जाए। Digital Arrest Case
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