Punjab Vigilance Bureau’s का भ्रष्टाचार के खिलाफ बडा प्रहार
सतर्कता ब्यूरो ने वेरका प्लांट के सहायक प्रबंधक को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा
आरोपी ने पहले कच्चे माल के नमूने पास करने के लिए 50,000 रुपये लिए थे
चंडीगढ़, 29 अप्रैल (विश्ववार्ता) मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार द्वारा भ्रष्टाचार के विरुद्ध लागू की गई जीरो सहनशीलता नीति के अंतर्गत एक बड़ी कार्रवाई करते हुए पंजाब विजिलेंस ब्यूरो ने मंगलवार को वेरका पशु आहार प्लांट, घनीये के बांगर, जिला गुरदासपुर में तैनात सहायक प्रबंधक (गुणवत्ता आश्वासन) शलिंदर कुमार को 25,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों काबू किया है।
राज्य सतर्कता ब्यूरो के एक प्रवक्ता ने आज यहां यह जानकारी देते हुए बताया कि उक्त आरोपी को अमृतसर निवासी एक व्यक्ति की शिकायत के बाद गिरफ्तार किया गया है, जिसकी पारिवारिक फर्म पिछले एक दशक से अधिक समय से उक्त वेरका प्लांट को कच्चा माल सप्लाई कर रही है।
शिकायतकर्ता ने विजिलेंस ब्यूरो को बताया कि उसका बेटा पिछले 10-12 वर्षों से वेरका कैटल फीड प्लांट को डी-ऑइल चावल और डी-ऑइल सरसों की आपूर्ति कर रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि उक्त कर्मचारी उनकी हालिया खेप को पास करने के लिए रिश्वत की मांग कर रहा है तथा धमकी दी कि ऐसा न करने पर वह निराधार आपत्तियां उठाएगा तथा भविष्य में निविदाओं के लिए पात्र होने से फर्म को काली सूची में डाल देगा।
प्रवक्ता ने बताया कि 28 मार्च, 2025 को प्लांट से प्राप्त ई-मेल डिमांड नोटिस के जवाब में शिकायतकर्ता ने कच्चे माल से भरे छह ट्रक प्लांट में भेजे थे, लेकिन आरोपी ने माल पास करने के लिए 1,00,000 रुपये की मांग की, लेकिन रिश्वत देने का सौदा 75,000 रुपये में तय हुआ, जिसे तीन किश्तों में देना था। उक्त कर्मचारी पहले ही शिकायतकर्ता से दो किस्तों में 50 हजार रुपये की रिश्वत ले चुका है और शेष 25,000 हजार रुपये की मांग कर रहा है।
उन्होंने बताया कि शिकायत की प्रारंभिक जांच के बाद सतर्कता ब्यूरो की टीम ने जाल बिछाया और आरोपी को 25 हजार रुपये की तीसरी किस्त लेते हुए दो सरकारी गवाहों की मौजूदगी में रंगे हाथों पकड़ लिया।
इस संबंध में आरोपी के खिलाफ विजिलेंस ब्यूरो रेंज अमृतसर के थाने में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मुक़दमा दर्ज किया गया है। उन्होंने कहा कि उसे कल सक्षम अदालत के समक्ष पेश किया जाएगा और इस मामले में आगे की जांच जारी है।























