
पंजाब के सरकारी अस्पतालों में ऑक्सीजन सप्लाई को लेकर सामने आई बड़ी लापरवाही, हाईकोर्ट हुआ सख्त
पंजाब में अस्पतालों में बंद पड़े 35 ऑक्सीजन प्लांट
चंडीगढ, 26 मार्च (विश्ववार्ता) Punjab High Court: पंजाब के सरकारी अस्पतालों में ऑक्सीजन सप्लाई सिस्टम पर गंभीर सवाल उठाते हुए पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट ने राज्य सरकार से साफ जवाब मांगा है। सुनवाई के दौरान पता चला कि राज्य भर के अलग-अलग ज़िला अस्पतालों में लगे 35 PSA (प्रेशर स्विंग एड्सॉर्प्शन) ऑक्सीजन प्लांट अभी बंद हैं, यानी बंद हैं, जिस पर कोर्ट ने कड़ी नाराज़गी जताई।
सुनवाई के दौरान पिटीशनर ने कोर्ट को बताया कि जालंधर, फाज़िल्का, कपूरथला और मोहाली समेत कई ज़िलों के अस्पतालों में ऑक्सीजन प्लांट बंद हैं। पिटीशन में यह भी कहा गया कि जालंधर में ऑक्सीजन सप्लाई में रुकावट की वजह से तीन मरीज़ों की मौत हो गई है। पिटीशनर ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार ने अपने जवाब में इन बातों को छिपाया है। राज्य सरकार ने दलील दी कि अस्पतालों में ऑक्सीजन की सप्लाई मुख्य रूप से सिलेंडर से होती है, जो 99 परसेंट प्योरिटी देते हैं, जबकि PSA प्लांट से मिलने वाली ऑक्सीजन 90-96 परसेंट प्योर होती है। Latest Punjab news in hindi,
सरकार ने यह भी कहा कि PSA प्लांट Covid-19 महामारी के दौरान इमरजेंसी में लगाए गए थे और वे मुख्य सोर्स नहीं हैं। इसके बाद कोर्ट ने सवाल किया कि जब ये प्लांट लगाए गए थे, तो अब इन्हें क्यों नहीं चलाया जा रहा है। कोर्ट ने पूछा कि क्या ऑक्सीजन सप्लाई को लेकर राज्य की कोई साफ़ नेशनल या स्टेट पॉलिसी है, और अगर है, तो उसे रिकॉर्ड में लाया जाना चाहिए।
राज्य सरकार ने कोर्ट को बताया कि अस्पतालों में ऑक्सीजन की सप्लाई मुख्य रूप से सिलेंडर से होती है, जो बहुत शुद्ध ऑक्सीजन (लगभग 99%) देते हैं। PSA प्लांट से मिलने वाली ऑक्सीजन 90 से 96 प्रतिशत शुद्ध होती है, इसलिए उन्हें मुख्य सोर्स नहीं माना जाता है।
सुनवाई के दौरान यह मुद्दा भी उठा कि अस्पतालों में इस्तेमाल होने वाले ऑक्सीजन सिलेंडर प्राइवेट एजेंसियों या सरकारी सोर्स से सप्लाई किए गए थे। कोर्ट ने संबंधित अधिकारियों को एक एफिडेविट फाइल करने का निर्देश दिया, जिसमें ऑक्सीजन के सोर्स और उसकी मॉनिटरिंग कैसे की जा रही है, यह बताया गया हो।
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