
Punjab: पंजाब पुलिस को आज मिलेगा Anti drone system
Bhagwant Mann and Kejriwal करेंगे शुभारंभ
तरनतारन, चंडीगढ़, 9 अगस्त: (विश्ववार्ता) – Punjab में नशीले पदार्थों और हथियारों की तस्करी पर पूरी तरह से नकेल कसने के लिए आज आम आदमी पार्टी सरकार एक और बड़ा कदम उठाने जा रही है। अब पंजाब पुलिस को आधुनिक ड्रोन रोधी सिस्टम से लैस किया जा रहा है। इसका औपचारिक उद्घाटन आम आदमी पार्टी सुप्रीमो अरविंद केजरीवाल और मुख्यमंत्री भगवंत मान तरनतारन में करेंगे।
Punjab
पंजाब सरकार ने 51.41 करोड़ रुपये की लागत से 9 उच्च तकनीक वाले ड्रोन रोधी सिस्टम खरीदे हैं। ये सिस्टम सीमा पार से ड्रोन के ज़रिए तस्करी रोकने में “गेम-चेंजर” साबित होंगे। इनकी खासियत यह है कि ये न केवल ड्रोन और उसके नियंत्रण केंद्र की सटीक लोकेशन का पता लगा सकते हैं, बल्कि रियल-टाइम मैप पर खतरे की सूचना और स्वचालित चेतावनी भी जारी कर सकते हैं।
पुलिस कर्मियों को विशेष प्रशिक्षण दिया गया है, जिसमें इन सिस्टम के संचालन की बारीकियाँ और क्षेत्र में इनके प्रभावी उपयोग शामिल हैं। इस तकनीक के आने से पंजाब को नशीले पदार्थों और हथियारों की तस्करी के खिलाफ एक मज़बूत सुरक्षा कवच मिलेगा।
पंजाब पुलिस ने हाल के वर्षों में ड्रोन के ज़रिए तस्करी पर कई बड़े छापे मारे हैं। 2022 से 15 जुलाई 2025 तक 591 ड्रोन बरामद किए गए, जिनमें 932 किलोग्राम हेरोइन, 263 पिस्तौल, 14 एके-47 राइफल, 66 हथगोले और 15 किलोग्राम आरडीएक्स बरामद किया गया। इसके अलावा, 22,000 से ज़्यादा तस्करों को गिरफ्तार किया गया है।
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा, “हमारी सरकार पंजाब की युवा पीढ़ी को नशीले पदार्थों के जाल से बचाने और सीमा सुरक्षा को मज़बूत करने में कोई कसर नहीं छोड़ेगी। यह ड्रोन-रोधी प्रणाली न केवल तस्करी रोकने में मदद करेगी, बल्कि आतंकवाद के खिलाफ हमारी लड़ाई को भी मज़बूत करेगी।”
सीमावर्ती क्षेत्रों में सुरक्षा को और मज़बूत करने के लिए, पंजाब सरकार ने 596 गाँवों में स्थानीय लोगों, सेवानिवृत्त सैनिकों और पुलिस कर्मियों को जोड़कर एक मज़बूत निगरानी नेटवर्क बनाया है। डिजिटल मैपिंग, बीट बुक रिकॉर्ड और व्हाट्सएप के माध्यम से त्वरित सूचना प्रणाली ने इस प्रणाली को और अधिक प्रभावी बना दिया है।
बीएसएफ के साथ समन्वय में, पंजाब पुलिस आधुनिक तकनीक, फोरेंसिक जाँच और संचार विश्लेषण के माध्यम से सीमा पर उड़ने वाले प्रत्येक ड्रोन पर नज़र रख रही है। सरकार का मानना है कि इस नई तकनीक के इस्तेमाल से तस्करी के नेटवर्क को ध्वस्त करने में काफ़ी मदद मिलेगी।























