Parimatch Betting Case में ED का बड़ा एक्शन
4 राज्यों में 12 जगहों पर छापे मारे
मुंबई, 2 सितंबर (विश्व वार्ता) Enforcement Directorate (ED) ने बुधवार को साइप्रस के गैर-कानूनी ऑनलाइन बेटिंग प्लेटफॉर्म Parimatch की चल रही जांच के तहत प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) के तहत महाराष्ट्र, राजस्थान, दिल्ली-NCR और गुजरात में 12 जगहों पर छापे मारे। Enforcement Directorate
Parimatch और दूसरे मामलों से जुड़े मामले में महाराष्ट्र में पांच, राजस्थान में दो, गुजरात में एक और दिल्ली-NCR में चार जगहों पर तलाशी ली गई।
जांच एजेंसी के मुताबिक, जिन जगहों पर तलाशी ली गई, उनमें वे लोग भी शामिल थे जो कथित तौर पर पेमेंट कंपनियों से जुड़े थे और कैश मैनेजमेंट सिस्टम (CMS) एजेंटों के ज़रिए बेटिंग से होने वाली कमाई को कैश कराने में शामिल थे।
तलाशी में एक चार्टर्ड अकाउंटेंट (CA) और एक कंपनी सेक्रेटरी भी शामिल थे, जिन पर कथित तौर पर धोखाधड़ी वाले ओवरसीज डायरेक्ट इन्वेस्टमेंट (ODI) ट्रांजैक्शन के ज़रिए देश से बाहर गैर-कानूनी पैसे भेजने और पैसे ट्रांसफर करने में मदद करने का आरोप था। Enforcement Directorate
बुधवार की तलाशी में जिन पेमेंट गेटवे को कवर किया गया, उनमें वे जगहें भी शामिल थीं जो कथित तौर पर Parimatch द्वारा फंड के कलेक्शन और डिस्बर्समेंट को हैंडल करती थीं, जिसमें पे-इन और पेआउट शामिल थे।
यह लेटेस्ट ऑपरेशन ED के मुंबई ज़ोनल ऑफिस द्वारा इसी जांच के सिलसिले में इस साल मई में महाराष्ट्र, राजस्थान, दिल्ली, गुजरात, दमन और उत्तर प्रदेश में 17 जगहों पर तलाशी लेने के कुछ महीने बाद हुआ है।
छापों के दौरान, एजेंसी ने लगभग 1.56 करोड़ रुपये की चल संपत्ति ज़ब्त की, जिसमें लगभग 1.2 करोड़ रुपये कैश शामिल थे। ED ने अलग-अलग बैंक अकाउंट में पड़े लगभग 3.8 करोड़ रुपये भी ज़ब्त किए। तलाशी ऑपरेशन के दौरान कई आपत्तिजनक डॉक्यूमेंट और डिजिटल डिवाइस बरामद किए गए।
ED ने Parimatch.com के खिलाफ ऑनलाइन बेटिंग ऑपरेशन के ज़रिए यूज़र्स को धोखा देने के आरोप में मुंबई के साइबर पुलिस स्टेशन द्वारा दर्ज FIR के आधार पर जांच शुरू की।
जांच करने वालों के मुताबिक, प्लेटफॉर्म ने इन्वेस्टर्स को ज़्यादा रिटर्न का वादा करके लुभाया और उस पर एक साल में 3,000 करोड़ रुपये से ज़्यादा कमाने का शक है। जांच में पता चला कि Parimatch और उसके साथी कथित तौर पर म्यूल अकाउंट्स, पेमेंट इंटरमीडियरीज़ और फाइनेंशियल इनक्लूजन चैनलों के एक कॉम्प्लेक्स नेटवर्क के ज़रिए यूज़र फंड इकट्ठा करने, लॉन्ड्र करने और ट्रांसफर करने का काम करते थे।
जांच करने वालों ने यह भी पाया कि प्लेटफॉर्म ने बड़े फास्ट-कॉमर्स एप्लिकेशन के ज़रिए विज्ञापन दिया और नए यूज़र्स को आकर्षित करने और उनसे जुड़ने के लिए ग्रोसरी डिलीवरी के साथ प्रमोशनल कंटेंट भी बांटा। ये विज्ञापन ऐप इस्तेमाल करने और ऑर्डर देने के दौरान सोच-समझकर दिखाए जाते थे। Enforcement Directorate
ED ने कहा कि उसने अब तक इस मामले में 112 करोड़ रुपये की संपत्ति ज़ब्त की है। आगे की जांच चल रही है।
और खबरें पढ़ने के लिए दिए गए लिंक पर क्लिक करें: https://wishavwarta.in/
























