
New Rules From 1st October: कल यानि की 1 अक्तूबर से जानिये क्या क्या हो रहे है बदलाव ?
बैंक नियम हों या LPG, चालान पर भी ढीली होगी जेब
चंडीगढ 30 सिंतबर, 2026 (विश्ववार्ता) हर महीना अपने साथ कुछ नए बदलाव लेकर आता है। इस तरह से 1 अक्टूबर से भी कई सारे नियम बदलने जा रहे हैं, जिनका आम आदमी की जिंदगी और जेब पर भारी असर पड़ेगा। इन नियमों में LPG से लेकर UPI पेमेंट तक कई सारी चीजें शामिल हैं. तो चलिए जानते हैं कि 1 अक्टूबर से क्या-क्या बदलने जा रहा है और आपको किन-किन बातों का ध्यान रखना होगा।
रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के निर्देशों के अनुसार, 1 अक्टूबर से बैंकों को एक ही तारीख पर जमा की गई समान राशि के लिए सभी ब्रांच और ग्राहकों को एक जैसी ब्याज दरें देनी होंगी।
RBI के नियमों के तहत, सभी स्मॉल फाइनेंस बैंकों को अब हर दिन सुबह 10:00 बजे तक अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) की ब्याज दरों की लिस्ट अपडेट करनी होगी। इस कदम का मकसद पारदर्शिता लाना और समान जमा राशि पर ग्राहकों के साथ ब्याज दरों के मामले में होने वाले भेदभाव को रोकना है। rule changes lpg ekyc deadline uniform rates
1 अक्तूबर 2026 से LPG सब्सिडी को लेकर नया नियम लागू होगा
सब्सिडी वाले सिलिंडर के लिए बायोमेट्रिक आधार ऑथेंटिकेशन यानी BAA जरूरी होगा
जिन ग्राहकों ने अभी तक BAA नहीं कराया है, उन्हें यह प्रक्रिया पूरी करनी होगी
हालांकि, ध्यान दें कि बिना ऑथेंटिकेशन के भी LPG सिलिंडर की सप्लाई बंद नहीं होगी यानी अगर आप केवाईसी नहीं करवाते हैं तो आपको गैस का सिलिंडर मिलता रहेगा।
लेकिन ऐसे ग्राहकों को सिलिंडर मौजूदा बाजार भाव पर खरीदना पड़ सकता है यानी उन्हें मिलने वाली LPG सब्सिडी का लाभ नहीं मिलेगा।
- भारतीय रिजर्व बैंक यानी आरबीआई ने बल्क डिपॉजिट को लेकर नए नियम जारी किए हैं।
- इसकी वजह से अब 3 करोड़ रुपये या उससे ज्यादा की एफडी बल्क डिपॉजिट मानी जाएगी जबकि, इससे पहले इसकी सीमा 2 करोड़ रुपये थी।
- बैंक बल्क एफडी पर अपनी जरूरत के हिसाब से अलग ब्याज दर तय कर सकेंगे।
- 1 अक्तूबर से ब्याज दरों को लेकर भी नया नियम लागू होगा।
- बैंकों को हर वर्किंग डे सुबह 10 बजे तक दरें वेबसाइट पर अपडेट करनी होंगी।
इसके लिए आरबीआई ने 10 मिनट का ग्रेस पीरियड दिया है यानी सुबह 10 बजकर 10 मिनट तक नई दर वेबसाइट पर दिखनी जरूरी होगी।
एक ही तारीख की समान राशि और अवधि वाली एफडी पर सभी शाखाओं में एक जैसी दर होगी।
इससे ग्राहकों को ब्याज दरों में पारदर्शिता मिलेगी और शाखाओं के बीच अंतर कम होगा। - जन्म एवं मृत्यु पंजीकरण (संशोधन) अधिनियम, 2026 के प्रावधान 1 अक्तूबर 2026 से लागू होंगे।
- नए नियमों में जन्म या मृत्यु के देर से रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया पहले के मुकाबले सख्त की गई है।
- 2 साल से ज्यादा देरी से रजिस्ट्रेशन कराने पर प्रथम श्रेणी के न्यायिक मजिस्ट्रेट का आदेश जरूरी होगा।
- भारत के रजिस्ट्रार जनरल मृत्युंजय कुमार नारायण ने गजट अधिसूचना के जरिए इसकी जानकारी दी है
- संशोधन कानून संसद के दोनों सदनों से पारित होने और राष्ट्रपति की मंजूरी मिलने के बाद कानून बना है।
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