इथेनॉल के मुद्दे पर सरकार ने संसद में दिया अपना जवाब
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नई दिल्ली, चंडीगढ, 20 जुलाई, 2026 (विश्ववार्ता) E20 fuel in the countryदेश में 20% इथेनॉल ब्लेंडेड पेट्रोल यानी E20 फ्यूल पर चलने वाली गाड़ियों के इंजन खराब होने या अचानक बंद होने की कोई पक्की रिपोर्ट नहीं है। सरकार ने आज यानी 20 जुलाई को राज्यसभा यानी संसद में एक सवाल के लिखित जवाब में यह जानकारी दी।
पेट्रोलियम और नेचुरल गैस राज्य मंत्री सुरेश गोपी ने कहा कि देश भर में चल रही 23 करोड़ से ज़्यादा गाड़ियों को चलाने के अनुभव और कई साइंटिफिक स्टडी के आधार पर यह नतीजा निकाला गया है। सरकार ने साफ किया है कि E20 फ्यूल से इंजन खराब होने का कोई सबूत नहीं मिला है।
मंत्री सुरेश गोपी ने राज्यसभा में कहा कि अभी देश में 20 करोड़ से ज़्यादा टू-व्हीलर और 3 करोड़ से ज़्यादा पेट्रोल कारें इथेनॉल ब्लेंडेड फ्यूल पर चल रही हैं। इनमें से बड़ी संख्या में पुरानी गाड़ियां भी हैं जो E20 सर्टिफिकेशन से पहले बनी थीं। इन सभी गाड़ियों के डेटा और सर्विस रिकॉर्ड देखने के बाद भी, इथेनॉल ब्लेंडिंग की वजह से इंजन फेल होने या गाड़ी को कोई बड़ा नुकसान होने की कोई पक्की पुष्टि नहीं हुई है। सरकार ने सदन को बताया कि देश को E20 फ्यूल की तरफ ले जाने का फैसला अचानक नहीं लिया गया। इसे पूरी तरह से फेज में और साइंटिफिक सबूतों के आधार पर किया गया है।
साल 2013-14 में, जहां पेट्रोल में इथेनॉल ब्लेंडिंग सिर्फ 1.53% थी, उसे साइंटिफिक सोच-विचार और सभी लेवल पर सभी स्टेकहोल्डर्स से बातचीत के बाद ही साल 2025-26 तक बढ़ाकर 20% (E20) कर दिया गया है।
























