Punjab: Bhagat Ravidas Ji की 650वीं जन्म शताब्दी के मौके पर Amritsar and Sri Anandpur Sahib में होंगे कार्यक्रम
– एडवोकेट धामी की लीडरशिप में शताब्दी पर Sub-committee की मीटिंग
अमृतसर, चंडीगढ, 31 अक्टूबर (विश्ववार्ता) शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी, भगत रविदास जी की 650वीं जन्म शताब्दी के मौके पर 18 फरवरी को गुरुद्वारा श्री मंजी साहिब दीवान हॉल, श्री अमृतसर में एक कार्यक्रम करेगी, जबकि मुख्य कार्यक्रम 19-20 फरवरी, 2027 को तख्त श्री केशगढ़ साहिब श्री आनंदपुर साहिब में होगा। यह फैसला आज शिरोमणि कमेटी के प्रेसिडेंट एडवोकेट हरजिंदर सिंह धामी की लीडरशिप में हुई सब-कमेटी की मीटिंग में लिया गया।
इस बारे में जानकारी देते हुए SGPC के प्रेसिडेंट एडवोकेट हरजिंदर सिंह धामी ने बताया कि शताब्दी को समर्पित अलग-अलग जगहों पर भगत रविदास जी के जीवन, फिलॉसफी और गुरबानी पर सेमिनार करने का फैसला किया गया है, जिसके तहत 12 नवंबर को बब्बर अकाली मेमोरियल खालसा कॉलेज गढ़शंकर में सेमिनार होगा। इसी तरह, 21 नवंबर को माता गुजरी खालसा कॉलेज करतारपुर (जालंधर), 26 नवंबर को गुरु नानक देव यूनिवर्सिटी अमृतसर, 5 दिसंबर को श्री गुरु ग्रंथ साहिब वर्ल्ड यूनिवर्सिटी श्री फतेहगढ़ साहिब, 12 दिसंबर को गुरु नानक कॉलेज बुडलाडा, 15 दिसंबर को पंथ रतन जत्थेदार गुरचरण सिंह टोहरा इंस्टिट्यूट ऑफ एडवांस्ड स्टडी इन सिखिज्म बहादुरगढ़ पटियाला, 4 जनवरी को गुरु नानक इंजीनियरिंग कॉलेज लुधियाना, इसी तरह दिल्ली और हरियाणा में सेमिनार होंगे। Bhagat Ravidas Ji
उन्होंने कहा कि शताब्दी को समर्पित विभिन्न स्थानों पर आयोजित किए जाने वाले गुरमत समागमों की श्रृंखला के तहत 14 नवंबर को गुरुद्वारा श्री बेर साहिब सुल्तानपुर लोधी, 21 नवंबर को गुरुद्वारा श्री गरना साहिब बोदल होशियारपुर, 28 नवंबर को गुरुद्वारा श्री चरणकंवल साहिब बंगा, 5 दिसंबर को गुरुद्वारा संग जी ढेसिया जालंधर में गुरमत समागम और कीर्तन दरबार आयोजित किए जाएंगे। इसी तरह, गुरुद्वारा शहीदां लधेवाल महलपुर, गुरुद्वारा श्री मंजी साहिब आलमगीर लुधियाना, गुरुद्वारा अंब साहिब मोहाली, गुरुद्वारा तप अस्थान बीबी प्रधान कौर जी बरनाला, तख्त श्री दमदमा साहिब तलवंडी साबो, गुरुद्वारा डेहरा साहिब सतकरतारिया बटाला, गुरुद्वारा जमनी साहिब बाजीदपुर फिरोजपुर और सकीट मंडी हिमाचल प्रदेश में भी गुरुद्वारा समागम और कीर्तन दरबार आयोजित किए जाएंगे। एडवोकेट धामी ने कहा कि 20 जनवरी 2027 को भगत रविदास जी की जन्मभूमि कांशी (वाराणसी) में गुरमत समागम करके एक बड़ा नगर कीर्तन शुरू किया जाएगा, जो श्री आनंदपुर साहिब में खत्म होगा।
उन्होंने कहा कि भगत रविदास जी के जीवन और इतिहास पर अलग-अलग भाषाओं में बुकलेट भी पब्लिश की जाएंगी और गुरमत प्रकाश मैगज़ीन का फरवरी का इश्यू भगत रविदास जी के जीवन को डेडिकेट किया जाएगा। इसी तरह, भगत रविदास जी के जीवन, बानी और फिलॉसफी पर एक स्मारिका भी पब्लिश की जाएगी। एडवोकेट धामी ने कहा कि शताब्दी समारोह को सफल बनाने के लिए जल्द ही अलग-अलग कमेटियां बनाई जाएंगी।
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