DA मुद्दा: Punjab government के मंत्रियों ने की प्रेस कॉन्फ्रेंस , पढ़ें क्या कहा ?
– हरपाल चीमा, अमन अरोड़ा और बलजीत कौर ने सरकार का रखा पक्ष
चंडीगढ, 3 सिंतबर, 2026 (विश्ववार्ता) पंजाब में सरकारी कर्मचारियों के DA और एरियर को लेकर चल रहे विवाद के बीच, पंजाब सरकार के तीन मंत्रियों हरपाल सिंह चीमा, अमन अरोड़ा और डॉ. बलजीत कौर ने गुरुवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस की और सरकार का पक्ष रखा। फाइनेंस मिनिस्टर हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि पंजाब सरकार के कर्मचारी देश में सबसे ज़्यादा सैलरी पाने वाले कर्मचारियों में से हैं। उन्होंने दावा किया कि सैलरी और DA मिलाकर पंजाब के कर्मचारियों की सैलरी हरियाणा, राजस्थान, उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश जैसे राज्यों से ज़्यादा है। चीमा के मुताबिक, पंजाब के कर्मचारियों को गुजरात के कर्मचारियों से करीब 28 परसेंट ज़्यादा सैलरी मिल रही है। उन्होंने कहा कि पंजाब अपने कुल रेवेन्यू का करीब 51 परसेंट कर्मचारियों और पेंशनर्स पर खर्च करता है, जबकि दूसरे राज्यों में यह एवरेज करीब 38 परसेंट है। Punjab government ministers hold press conference, read what they said?
चीमा ने कहा कि पंजाब के कर्मचारियों की टेक-होम सैलरी देश में सबसे ज़्यादा है। उन्होंने दावा किया कि केंद्र सरकार के कर्मचारियों की तुलना में भी पंजाब के कई कैटेगरी के कर्मचारियों की सैलरी ज़्यादा है। इनमें क्लर्क, ड्राइवर, स्टेनोग्राफर, टीचर और पुलिस कर्मचारी शामिल हैं। उन्होंने कहा कि जब मौजूदा सरकार बनी थी, तब कर्मचारियों को 28 परसेंट DA मिल रहा था। इसे अक्टूबर में बढ़ाकर 34 परसेंट, दिसंबर 2023 में 38 परसेंट और नवंबर 2024 में 42 परसेंट कर दिया गया। चीमा ने विपक्षी पार्टियों पर DA के बारे में गलत फैक्ट्स पेश करने का आरोप लगाया। हरपाल चीमा ने कहा कि कर्मचारियों का करीब ₹14,191 करोड़ का एरियर 2016 से 2021 के समय का है। उन्होंने कहा कि यह वह समय था जब पंजाब में अकाली-BJP और कांग्रेस की सरकारें थीं।
वहीं, कैबिनेट मंत्री डॉ. बलजीत कौर ने कहा कि पंजाब में कर्मचारियों की सैलरी, पेंशन और DA पंजाब सिविल सर्विस रिवाइज्ड पे रूल्स, 2021 और संविधान के आर्टिकल 309 के तहत तय होते हैं। उन्होंने कहा कि इन नियमों में फिक्स्ड DA, सेंट्रल इंडेक्स, ऑटोमैटिक फॉर्मूला या केंद्र सरकार के नियमों को ज़रूरी तौर पर लागू करने का कोई नियम नहीं है। उनके मुताबिक, पंजाब सरकार अपने नियमों के हिसाब से तय करती है कि DA कितना और कब देना है।
कैबिनेट मंत्री अमन अरोड़ा ने कहा कि सरकारी कर्मचारी किसी भी सरकार की रीढ़ होते हैं। उन्होंने कहा कि कर्मचारी और चुने हुए प्रतिनिधि एक ही सिक्के के दो पहलू हैं। अमन अरोड़ा ने कहा कि उन्हें इस बात का दुख है कि कर्मचारियों को गुमराह किया जा रहा है। उनके मुताबिक, सरकार कर्मचारियों की जायज़ मांगों पर बातचीत के लिए तैयार है और मुद्दों को बैठकर सुलझाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार अभी कर्मचारियों को 42 परसेंट DA दे रही है। विपक्षी पार्टियों पर तथ्यों को तोड़-मरोड़कर पेश करने का आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि सरकार और कर्मचारी एक-दूसरे के बिना काम नहीं कर सकते।
तीनों मंत्रियों ने कहा कि सरकार बातचीत के ज़रिए कर्मचारियों की समस्याओं को हल करने के लिए कमिटेड है।
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