Maharashtra में ऑटो-टैक्सी ड्राइवरों के लिए मराठी भाषा का टेस्ट ज़रूरी
– फेल होने पर लाइसेंस कैंसिल होगा
मुंबई, 9 जुलाई (विश्व वार्ता) – महाराष्ट्र में गैर-मराठी ऑटो-रिक्शा और टैक्सी ड्राइवरों के खिलाफ राज्य सरकार ने बहुत कड़ा रुख अपनाया है। बुधवार को बड़ी चेतावनी देते हुए महाराष्ट्र के ट्रांसपोर्ट मिनिस्टर प्रताप सरनाइक ने कहा कि अगर टैक्सी और ऑटो-रिक्शा ड्राइवर मराठी भाषा का टेस्ट पास नहीं कर पाए, तो 16 अगस्त से उनके ड्राइविंग लाइसेंस कैंसिल कर दिए जाएंगे।
महाराष्ट्र ट्रांसपोर्ट डिपार्टमेंट ने सभी गैर-मराठी ऑटो-रिक्शा और टैक्सी ड्राइवरों के लिए मराठी सीखने की आखिरी तारीख 15 अगस्त तय की है। विधान भवन कॉम्प्लेक्स में रिपोर्टर्स से बात करते हुए ट्रांसपोर्ट मिनिस्टर सरनाइक ने कहा कि ड्राइवरों को मराठी सिखाने के लिए करीब 450 टीचर अपॉइंट किए गए हैं और सरकार ने उन्हें भाषा सीखने के लिए 16 अगस्त तक का समय दिया है।
मोटर व्हीकल रूल्स का ज़िक्र करते हुए ट्रांसपोर्ट मिनिस्टर ने साफ किया कि महाराष्ट्र मोटर व्हीकल रूल्स, 1989 के रूल्स 4, 22 और 85 के तहत ड्राइवरों को मराठी सीखने का समय दिया गया है। इस समय के बाद सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने साफ किया कि अगर कोई ड्राइवर इस तय मराठी टेस्ट में फेल होता है, तो रीजनल ट्रांसपोर्ट ऑफिस (RTO) को ड्राइविंग लाइसेंस कैंसिल करने का पूरा अधिकार दिया गया है।
मंत्री ने बताया कि पहले नियमों का उल्लंघन करने पर 500 रुपये का जुर्माना लगाया जाता था। हालांकि, बदले हुए नियमों के तहत, मराठी भाषा का टेस्ट पास नहीं कर पाने वाले ड्राइवरों का लाइसेंस कैंसिल किया जा सकता है।
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