Delhi से चार रूट पर चलेगी Bullet train ! इन बड़े शहरों के लिए भी होगा रूट
– अमृतसर की दूरी सिर्फ़ होगी 2 घंटे में पूरी
चंडीगढ, 9 जुलाई, 2026 (विश्ववार्ता) : मुंबई-अहमदाबाद से नई दिल्ली के लिए भी बुलेट ट्रेन चलाने की कोशिशें तेज़ हो गई हैं। दिल्ली से चार रूट पर बुलेट ट्रेन चलेंगी। इस साल के बजट में हाई-स्पीड रेल नेटवर्क के लिए सात रूट की पहचान की गई है। इन सात में से चार रूट दिल्ली से जुड़े हैं। इनमें दिल्ली-वाराणसी, दिल्ली-अमृतसर-जम्मू और दिल्ली-अहमदाबाद शामिल हैं। दिल्ली-वाराणसी-सिलीगुड़ी को चौथे रूट के तौर पर माना जा रहा है। इनमें सबसे अहम रूट दिल्ली-वाराणसी-सिलीगुड़ी है, क्योंकि यह रूट उत्तर प्रदेश और बिहार को भी कवर करेगा, जहां बड़ी संख्या में यात्री ट्रेन से सफ़र करते हैं। दिल्ली-वाराणसी-सिलीगुड़ी कॉरिडोर: इस रूट पर बुलेट ट्रेन चलने से दिल्ली और पटना के बीच 15-16 घंटे का सफर घटकर सिर्फ पांच घंटे का रह जाएगा। नई दिल्ली से पटना की दूरी करीब 1,000 km है। बुलेट ट्रेन की शुरुआती स्पीड 230 kmph रहने की उम्मीद है। इस स्पीड से ट्रेन सिर्फ चार घंटे तीस मिनट में पटना पहुंच जाएगी। हालांकि, अगर कुछ जगहों पर रुकने और दूसरी वजहों से ट्रेन की स्पीड धीमी भी हो जाती है, तो भी ट्रेन पांच घंटे में दिल्ली से पटना पहुंच सकती है। इसी तरह, सिलीगुड़ी का सफर भी 24 घंटे से घटकर सिर्फ 12 घंटे का रह जाएगा।
दिल्ली-अमृतसर-जम्मू कॉरिडोर: दिल्ली-अमृतसर कॉरिडोर रोहतक, जींद, कैथल, चंडीगढ़, मोहाली, लुधियाना और जालंधर से होकर गुजरेगा और फिर अमृतसर पहुंचेगा। भविष्य में इसे जालंधर से जम्मू और कटरा होते हुए पठानकोट तक बढ़ाया जा सकता है, जिससे वैष्णो देवी मंदिर तक हाई-स्पीड कनेक्टिविटी मिल सकेगी। प्रस्तावित दिल्ली-अमृतसर कॉरिडोर लगभग 450-500 km लंबा होगा और इसमें 10-12 स्टेशन होंगे। इस कॉरिडोर के बनने से दिल्ली और अमृतसर के बीच यात्रा का समय लगभग दो घंटे कम हो जाएगा। यह प्रोजेक्ट अभी शुरुआती सर्वे और रूट अलाइनमेंट स्टेज में है।
दिल्ली-लखनऊ-वाराणसी कॉरिडोर: प्रस्तावित दिल्ली-लखनऊ-वाराणसी बुलेट ट्रेन कॉरिडोर उत्तर प्रदेश के धार्मिक, राजनीतिक और औद्योगिक शहरों के बीच बेहतर कनेक्टिविटी देगा। यह रूट नोएडा, जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट, मथुरा, आगरा, फिरोजाबाद, इटावा, कन्नौज, लखनऊ, रायबरेली, प्रयागराज, नवी भदोही और वाराणसी से होकर गुजरने का प्रस्ताव है। इसके अलावा, लखनऊ से अयोध्या तक लगभग 124 से 135 km लंबी एक अलग हाई-स्पीड रेल लाइन की योजना बनाई गई है। यह कॉरिडोर लगभग 813 से 865 km लंबा होगा और इसमें 13 से 15 स्टेशन होंगे।
दिल्ली-जयपुर-उदयपुर-अहमदाबाद कॉरिडोर: दिल्ली को जयपुर, उदयपुर और अहमदाबाद के रास्ते राजस्थान और गुजरात से जोड़ने का भी प्लान है। इस प्लान के तहत यह एक और प्रपोज़्ड कॉरिडोर है। इन लाइनों को मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन से जोड़ा जा सकता है, जिससे दिल्ली से मुंबई तक बिना किसी रुकावट के हाई-स्पीड ट्रैवल हो सकेगा। इस कॉरिडोर में द्वारका, बिजवासन, गुरुग्राम, मानेसर, रेवाड़ी, बहरोड़ (नीमराना), शाहपुरा, जयपुर, किशनगढ़ (अजमेर), विजय नगर, भीलवाड़ा, चित्तौड़गढ़, उदयपुर, डूंगरपुर, हिम्मतनगर और साबरमती (अहमदाबाद) के स्टेशन शामिल हो सकते हैं।
यह कॉरिडोर करीब 886 km लंबा होगा और इसमें 14-15 स्टेशन होंगे। यह दिल्ली, राजस्थान और गुजरात की राजधानियों को जोड़ेगा। हालांकि इस बुलेट ट्रेन कॉरिडोर की डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR) तैयार हो चुकी है, लेकिन केंद्र और संबंधित राज्य सरकारों से फाइनल फाइनेंशियल अप्रूवल का अभी भी इंतज़ार है।
और खबरें पढ़ने के लिए दिए गए लिंक पर क्लिक करें: https://wishavwarta.in/























