Punjab News: यूरिया स्कैम केस: अब SIT करेगी केस की जांच
खन्ना, 2 जुलाई (वर्ल्ड न्यूज़): खन्ना SSP डॉ. दर्पण अहलूवालिया ने यूरिया स्कैम केस की जांच अब स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) को सौंप दी है। यह SIT केस से जुड़े सभी पहलुओं की अच्छी तरह से जांच करेगी और जिम्मेदार लोगों की भूमिका की भी जांच करेगी। SIT सबूतों और डॉक्यूमेंट्स की जांच के बाद अपनी रिपोर्ट तैयार करेगी। Punjab News: Urea scam case: Now SIT will investigate the case
आपको बता दें कि केस की जांच के लिए 5 सदस्यों की स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) बनाई गई है। टीम में एक SP, 3 DSP और एक SHO शामिल हैं। पुलिस टीमें आरोपियों की तलाश में लगातार रेड कर रही हैं। यह कार्रवाई एक एग्रीकल्चर डेवलपमेंट ऑफिसर की शिकायत पर FIR दर्ज होने के बाद शुरू की गई। यह मामला भट्टियां (खन्ना) में पंजाब स्टेट कोऑपरेटिव मिल्क प्रोड्यूसर्स फेडरेशन (VERKA) के पशु आहार प्लांट में इस्तेमाल होने वाले यूरिया से जुड़ा है।
पुलिस ने इस मामले में फर्टिलाइजर्स (कंट्रोल) ऑर्डर, 1985 के सेक्शन 318(4) और 61(2), एसेंशियल कमोडिटीज एक्ट, 1955, और इंडियन पीनल कोड (IPC), 2023 समेत दूसरी संबंधित धाराओं के तहत केस दर्ज किया है। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, बनाई गई SIT यूरिया की खरीद, टेंडर प्रोसेस, सप्लाई चेन, डॉक्यूमेंट्स और फाइनेंशियल ट्रांजैक्शन समेत सभी पहलुओं से पूरे मामले की जांच करेगी। इस मामले में खन्ना कैटल फीड प्लांट के जनरल मैनेजर सुरजीत सिंह भदौड़ के साथ कई दूसरे अधिकारियों को नामजद किया गया है।
जांच में गंभीर गड़बड़ियां सामने आने के बाद मार्कफेड और मिल्कफेड के सात अधिकारियों को चार्जशीट किया गया है और एक का ट्रांसफर कर दिया गया है। गिद्दड़बाहा में यूरिया सप्लायर इंडो ऑर्गेनिक्स कंपनी, नई दिल्ली में मनीषा ट्रेडिंग कंपनी और सोनीपत में AM केमिकल्स के मालिक संदिग्ध पाए गए हैं। जांच का दायरा पंजाब से आगे बढ़ाकर नई दिल्ली और हरियाणा तक कर दिया गया है। आरोप है कि सब्सिडी वाला नीम-कोटेड यूरिया खेती के कामों के बजाय इंडस्ट्रियल कामों (जैसे जानवरों का चारा और प्लाइवुड) के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है। इससे सरकारी खजाने को करोड़ों का नुकसान होने की संभावना है। Punjab News:
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