
Punjab Cabinet ने ‘नई दिशा’ योजना को हरी झंडी दी: महिलाओं के स्वास्थ्य के लिए बड़ा फैसला – Dr. Baljit Kaur
13.65 लाख लाभार्थी महिलाओं के लिए सैनिटरी नैपकिन की नियमित आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी – डॉ. बलजीत कौर
खरीद-वितरण प्रक्रिया और अधिक पारदर्शी और सुदृढ़ होगी – डॉ. बलजीत कौर
मोबाइल ऐप, डिजिटल डैशबोर्ड और जागरूकता अभियान से योजना को और मज़बूत बनाया गया – Dr. Baljit Kaur
चंडीगढ़, 17 नवंबर (विश्व वार्ता):- पंजाब की सामाजिक सुरक्षा, महिला एवं बाल विकास मंत्री Dr. Baljit Kaur ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में पंजाब कैबिनेट ने मुफ़्त सैनिटरी नैपकिन वितरण कार्यक्रम के पुनर्गठन को मंज़ूरी दे दी है, जिसका नाम अब ‘नई दिशा योजना’ कर दिया गया है। इस निर्णय का उद्देश्य राज्य भर में एक विश्वसनीय, सुचारू और निर्बाध कार्यान्वयन प्रणाली सुनिश्चित करना है। Dr. Baljit Kaur
संशोधित योजना के तहत, आंगनवाड़ी केंद्रों के माध्यम से ज़रूरतमंद महिलाओं को नियमित रूप से प्रति माह 9 सैनिटरी नैपकिन वितरित किए जाएँगे। प्रति आंगनवाड़ी केंद्र 50 लाभार्थियों के लक्ष्य के तहत, प्रति माह कम से कम 13,65,700 महिलाओं को कवर करने का लक्ष्य रखा गया है। मंत्री ने कहा कि पात्र लाभार्थियों की संख्या को और बढ़ाने के प्रयास भी किए जाएँगे ताकि यह सुविधा हर महिला तक पहुँच सके।
*पंजाब मंत्रिमंडल ने योजना के सुचारू कार्यान्वयन के लिए ₹53 करोड़ की राशि स्वीकृत की है।*
डॉ. बलजीत कौर ने कहा कि नए ढाँचे में खरीद, परिवहन, वितरण, निगरानी और गुणवत्ता निरीक्षण के संबंध में स्पष्ट और कड़े नियम शामिल हैं, जिनका उद्देश्य पहले सामने आई अनियमितताओं को दूर करना है। उन्होंने कहा कि योजना के जमीनी स्तर पर सुदृढ़ कार्यान्वयन के लिए आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को आवश्यक सहायता प्रदान की जाएगी।
पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाने के लिए, यह योजना मोबाइल एप्लिकेशन, डिजिटल डैशबोर्ड और अन्य आईटी उपकरणों के माध्यम से रीयल-टाइम डेटा की निगरानी और समीक्षा करेगी। इससे आपूर्ति श्रृंखला का पूरा रिकॉर्ड डिजिटल हो जाएगा और सभी स्तरों पर पारदर्शिता सुनिश्चित होगी।
उन्होंने कहा कि महिलाओं और लड़कियों को स्वस्थ मासिक धर्म संबंधी प्रथाओं, स्वच्छता और समग्र स्वास्थ्य के बारे में शिक्षित करने के लिए जागरूकता और सूचना एवं संचार (आईईसी) अभियान भी चलाए जाएँगे।
डॉ. बलजीत कौर ने कहा कि कार्यान्वयन की प्रगति का आकलन करने के लिए दो वर्ष बाद योजना की समीक्षा की जाएगी, ताकि आगे सुधार के लिए आवश्यक कदम उठाए जा सकें।






















