
Punjab News: साइबर हमलों से पंजाब को बचाने की रणनीति
मोहाली में बनेगा हाई-टेक साइबर क्राइम भवन
– 18 महीने की समय-सीमा तय
मोहाली, चंडीगढ़, 31 अक्टूबर, (सतीश कुमार पप्पी) पंजाब को साइबर हमलों से बचाने के लिए सरकार अब एक नई रणनीति पर काम कर रही है। इसमें आधुनिक सुविधाओं से लैस एक नया राज्य साइबर क्राइम भवन, एक प्रयोगशाला, एक निगरानी प्रकोष्ठ और एक नियंत्रण कक्ष के साथ-साथ कर्मचारियों के लिए सभी आवश्यक फिटनेस सुविधाएँ शामिल होंगी।
इसके लगभग 18 महीनों में पूरा होने की उम्मीद है। सरकार ने नए भवन के निर्माण को मंजूरी दे दी है। उम्मीद है कि इसी महीने यह परियोजना एक निजी कंपनी को सौंप दी जाएगी, जो निर्धारित समय के भीतर सभी काम पूरा करेगी। पुलिस इस परियोजना के लिए नोडल एजेंसी के रूप में कार्य करेगी।
Punjab Government
वर्तमान में, साइबर हमलों का खतरा पंजाब और पूरे देश में सबसे अधिक है। मई में भारत-पाकिस्तान युद्ध के दौरान सीमा पर लड़ाई के साथ-साथ साइबर हमले भी हुए थे। इसके अलावा, धोखेबाज़ रोज़ाना लोगों को अपना शिकार बना रहे हैं। परिणामस्वरूप, पंजाब सरकार इस समस्या के समाधान के लिए एक रणनीति पर काम कर रही है। इससे जनता को लाभ होगा।
इस भवन में मुख्य नियंत्रण कक्ष भी होगा, जहाँ से राज्य भर के जिलों पर नज़र रखी जाएगी। इससे पहले, पुलिस गूगल जैसी कंपनियों के साथ साझेदारी करके पंजाब पुलिस को हाई-टेक बनाने की परियोजना पर काम कर रही थी।
वर्तमान पंजाब सरकार साइबर सुरक्षा को लेकर बेहद गंभीर है। 2023-24 में, कानून-व्यवस्था सुनिश्चित करने और साइबर अपराध से निपटने के लिए 30 करोड़ रुपये आवंटित किए गए। सभी जिलों में साइबर पुलिस स्टेशन स्थापित करने के लिए एक अलग रणनीति तैयार की गई। प्रत्येक जिले में डीएसपी स्तर के अधिकारी तैनात किए गए। वहीं, इस वर्ष के बजट में साइबर सुरक्षा व्यवस्था के लिए 42.07 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं।
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