
PUNJAB GOVT का वादा पूरा, संगरूर ज़िले के बाढ़ पीड़ितों की मदद के लिए 3.50 करोड़ रुपये के मुआवज़े की पहली किस्त जारी
वित्त मंत्री Harpal Singh Cheema ने धुरी से मुआवज़ा वितरण की शुरुआत की
कहा, अगर पंजाब सरकार समय पर बचाव और राहत कार्य शुरू नहीं करती, तो नुकसान बहुत ज़्यादा होता
केंद्र सरकार प्रधानमंत्री द्वारा घोषित 1600 करोड़ रुपये जल्द से जल्द जारी करे – Harpal Singh Cheema
चंडीगढ़/धूरी, 16 अक्टूबर (विश्व वार्ता):- मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार ने दिवाली से पहले (30 दिनों के भीतर) बाढ़ पीड़ितों को मुआवज़ा/राहत राशि प्रदान करने का वादा पूरा करते हुए राज्य के लिए 209 करोड़ रुपये की पहली किस्त जारी कर दी है। जिसमें से 3.50 करोड़ रुपये संगरूर ज़िले के बाढ़ पीड़ितों को वितरित किए जाएँगे। आज पंजाब के वित्त एवं योजना मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने धुरी विधानसभा क्षेत्र के 8 बाढ़ प्रभावित परिवारों को स्वीकृति पत्र वितरित करके मुआवज़ा वितरण की शुरुआत की। Harpal Singh Cheema
इस अवसर पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि आज पंजाब भर से 13 कैबिनेट मंत्री मिशन पुनर्वास के तहत राहत राशि वितरित करने के लिए बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर रहे हैं। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने हाल ही में अजनाला में 631 किसानों को 5.70 करोड़ रुपये के चेक वितरित करके मिशन पुनर्वास की शुरुआत की थी। उन्होंने कहा कि देश में पहली बार किसानों को 20,000 रुपये प्रति एकड़ का मुआवज़ा दिया गया है। पंजाब सरकार हर दुख-सुख में लोगों के साथ खड़ी है। Harpal Singh Cheema
उन्होंने कहा कि भारी बारिश और बाढ़ के कारण राज्य भर में बड़े पैमाने पर फसलों को नुकसान हुआ है। कई लोगों के घर और अन्य इमारतें ढह गईं। नुकसान की जाँच के बाद प्रत्येक प्रभावित परिवार को राहत राशि दी जाएगी। यह भी पहली बार है कि प्रत्येक क्षतिग्रस्त घर को 40 हज़ार रुपये मिलेंगे जबकि पहले केवल 4 हज़ार रुपये दिए जा रहे थे। किसानों को फसल के नुकसान के लिए 20,000 रुपये प्रति एकड़ मिलेंगे।
उन्होंने कहा कि पंजाब और पंजाबी लोग हर मुश्किल घड़ी में प्राकृतिक आपदाओं के पीड़ितों के साथ खड़े रहे हैं। लेकिन केंद्र सरकार हर क्षेत्र में पंजाब और पंजाबियों को धकेल रही है। उन्होंने केंद्र सरकार से मांग की कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा पंजाब दौरे के दौरान घोषित 1600 करोड़ रुपये जारी किए जाएँ। उन्होंने स्पष्ट किया कि केंद्र द्वारा जारी 240 करोड़ रुपये वार्षिक किश्त का हिस्सा हैं। Harpal Singh Cheema
चीमा ने दावा किया कि पंजाब सरकार ने लोगों के सहयोग से बाढ़ का पूरी ताकत से मुकाबला किया है। अगर समय पर बचाव और राहत कार्य शुरू नहीं किए जाते, तो नुकसान कहीं ज़्यादा होता। उन्होंने संगरूर ज़िला प्रशासन की पीठ थपथपाते हुए कहा कि घग्गर नदी में 747 फीट पानी होने पर बाढ़ आ जाती थी। इस बार 755 फीट पानी होने पर भी स्थिति नियंत्रण में रही।
इससे पहले, संगरूर के उपायुक्त राहुल चाबा ने संगरूर ज़िले में बाढ़ से निपटने के लिए किए गए प्रयासों की जानकारी दी और यह मुआवज़ा राशि जारी करने के लिए पंजाब सरकार का धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार से प्राप्त निर्देशों के अनुसार, आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए पहले से ही प्रबंध कर लिए गए थे। भारी बारिश के बावजूद, संगरूर जिले से होकर गुजरने वाली घग्गर नदी के 41 किलोमीटर लंबे हिस्से में एक भी दरार नहीं आने दी गई।
इस अवसर पर पंजाब राज्य खाद्य आयोग के सदस्य जसवीर सिंह सेखों, अतिरिक्त उपायुक्त अमित बांबी, एसडीएम ऋषभ बंसल, मार्केट कमेटी धूरी के अध्यक्ष राजवंत सिंह घुली, अनवर भसौर, सोनी मंडेर सहित बड़ी संख्या में लोग उपस्थित थे।























