केंद्रीय वस्त्र मंत्रालय इस तारिख से 19 अगस्त तक दिल्ली में करेगा हैंडलूम एग्ज़िबिशन होस्ट
नई दिल्ली, 3 अगस्त (विश्व वार्ता) मिनिस्ट्री ऑफ़ टेक्सटाइल्स की तरफ़ से रविवार को जारी एक बयान के मुताबिक, ‘वर्ल्ड्स विदिन क्लॉथ: न्यू ऑर्डर्स ऑफ़ वोवन मेकिंग’ एग्ज़िबिशन का उद्घाटन बुधवार को यहां नेशनल क्राफ्ट्स म्यूज़ियम और हस्तकला एकेडमी के हेरिटेज हॉल में होगा। Centre to host handlooms Exhibition in Delhi
डेवलपमेंट कमिश्नर (हैंडलूम) इसका उद्घाटन करेंगे, यह 7 अगस्त को 12वें नेशनल हैंडलूम डे से पहले सेलिब्रेशन के हिस्से के तौर पर 6 से 19 अगस्त तक सुबह 11 बजे से शाम 6 बजे तक आम लोगों के लिए खुला रहेगा। बयान में कहा गया है कि आम लोगों को आज के टेक्सटाइल प्रैक्टिस और भारत की जीवित हैंडलूम परंपराओं के साथ उनके बदलते रिश्ते की इस अनोखी प्रेज़ेंटेशन का अनुभव करने के लिए बुलाया गया है। Centre to host handlooms Exhibition in Delhi
श्रेयांसी सिंह द्वारा क्यूरेट की गई यह एग्ज़िबिशन आज के टेक्सटाइल आर्टिस्ट, डिज़ाइनर और क्राफ्ट ग्रुप को एक साथ लाएगी, जिनकी प्रैक्टिस हैंडलूम की समझ को उनके फिजिकल रूप से आगे बढ़ाती है। रिसर्च पर आधारित कामों, कलाकार-शिल्पकार के सहयोग और इमर्सिव इंस्टॉलेशन के ज़रिए, यह एग्ज़िबिशन कपड़ा बनाने के सामाजिक, ऐतिहासिक और सांस्कृतिक संदर्भों की जांच करेगी, साथ ही एक्सपेरिमेंट, इंटरडिसिप्लिनरी अप्रोच और क्राफ्ट परंपराओं से जुड़ने के नए तरीके भी बताएगी।
मिनिस्ट्री ऑफ़ टेक्सटाइल्स की सेक्रेटरी, नीलम शमी राव उद्घाटन समारोह में चीफ गेस्ट होंगी, जिसमें हैंडलूम डिपार्टमेंट के सीनियर अधिकारी भी शामिल होंगे।
प्रिमिटिव हैंडवोवन, अब्राहम एंड ठाकोर, आस्था बुटेल, बोइटो, चाणक्य स्कूल, कुन्नूर एंड कंपनी, जागृति फुकन, जयता चटर्जी, कार्डो, मोरी, नीरज पटेल, पोरगई आर्टिसन एसोसिएशन, श्रद्धा कोचर, सृजन, स्टूडियो मीडियम, उज्जल डे और 23N69E के कामों को दिखाते हुए, यह एग्ज़िबिशन इनोवेशन, सहयोग और क्रिटिकल इंक्वायरी के ज़रिए भारत की हैंडलूम विरासत से जुड़ने वाले अलग-अलग आजकल के तरीकों को दिखाएगी। स्टेटमेंट के मुताबिक, हिस्सा लेने वाले कई आर्टिस्ट को बड़ी गैलरी और कल्चरल इंस्टीट्यूशन सपोर्ट कर रहे हैं, जो आज के ज़माने की कला और क्राफ़्ट के बीच बढ़ते डायलॉग को दिखाता है।
यह एग्ज़िबिशन कपड़े को ज्ञान, कल्चरल याद और क्रिएटिव एक्सप्रेशन के मीडियम के तौर पर पेश करके आज के ज़माने के टेक्सटाइल प्रैक्टिस की ज़्यादा तारीफ़ को बढ़ावा देने की कोशिश करती है। आर्टिस्ट, डिज़ाइनर, कारीगर और क्राफ़्ट ग्रुप को एक साथ लाकर, यह पहचान, सस्टेनेबिलिटी, कम्युनिटी और मटेरियल कल्चर के सवालों को सुलझाने में टेक्सटाइल की बदलती भूमिका पर मतलब की बातचीत को बढ़ावा देती है। स्टेटमेंट में आगे कहा गया कि यह एग्ज़िबिशन पारंपरिक क्राफ़्टमैनशिप और आज के ज़माने के आर्टिस्टिक प्रैक्टिस के डायनैमिक मेल को सेलिब्रेट करेगी।
























