
Haryana के Panchkula में आज Dussehra के मौके पर देश और दुनिया का सबसे ऊंचा 221 फीट का Ravana का जलाया जाएगा पुतला
34 लाख लागत, 221 फीट ऊंचाई, 6 बार गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में नाम
चंडीगढ 20अक्तूबर, 2026 (विश्ववार्ता) पंचकूला। सेक्टर-5 स्थित शालीमार ग्राउंड में 221 फीट ऊंचा रावण बनकर तैयार हो गया है। विशालकाय रावण लोगों के आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। इसे देखने और इसके साथ सेल्फी लेने के लिए ट्राइसिटी सहित आसपास के क्षेत्रों से लोग पहुंच रहे हैं। कोई रावण के सामने खड़े होकर फोटो खिंचवा रहा है तो कोई इसकी भव्यता की तारीफ करता नजर आ रहा है। रावण की ऊंचाई देखकर लोग हैरान हैं। शालीमार ग्राउंड में रावण के साथ यादगार पलों को कैमरे में कैद करने की होड़ लगी है। दशहरा उत्सव से पहले ही यहां मेले जैसा माहौल बन गया है।
12 टन का रावण और चार हजार मीटर कपड़ा: तेजिंदर सिंह चौहान ने इस रावण के पुतले का वजन करीब 10-12 टन बताया. उन्होंने बताया कि रावण के जूते 40 फीट लंबे और 7 फीट ऊंचे हैं. रावण की तलवार 50 फीट ऊंची है, जबकि रावण का चेहरा (ठोडी से माथे तक) 25 फीट है. इसके अलावा मुकुट को चार भागों में तैयार किया गया है, जिसकी ऊंचाई 30 फीट है, लेकिन मुकुट के पीछे लगी रोप के साथ इसकी ऊंचाई 55 फीट है. गौर करने वाली बात ही है कि पुतले में 7 टन लोहे का इस्तेमाल किया गया है और इसके बीच में 700 बांस भी लगाए गए हैं. रावण के पुतले की पूरी पोशाक वेलवेट के लगभर चार हजार मीटर कपड़े से तैयार की गई है. उन्होंने बताया कि पुतले पर हुआ पूरा खर्च रामलीला आयोजक कमेटी और श्री माता मनसा देवी चैरिटेबल ट्रस्ट द्वारा वहन किया गया है.
अंबाला के बराड़ा के रहने वाले और रावण के सबसे अधिक ऊंचाई के पुतले बनाने में महारत हासिल कर चुके तेजिंदर सिंह चौहान का नाम गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में छह बार दर्ज हो चुका है. ईटीवी भारत से बातचीत में तेजिंदर ने बताया कि उन्होंने सबसे पहले साल 1985 में 200 फीट का रावण का पुतला बनाया था. उसके बाद से रावण के पुतले बनाने का सिलसिला शुरू हुआ, जो आज 221 फीट तक पहुंच चुका है. उन्होंने बताया कि रावण के इस पुतले को साल 2026 का विश्व का सबसे अधिक ऊंचाई वाला पुतला कहा जा सकता है. बताया कि हरियाणा के जिला पंचकूला के सेक्टर 5 और दिल्ली के द्वारका के सेक्टर 10 में, दोनों जगहों पर रावण का एकसमान 221 फीट ऊंचाई का पुतला खड़ा किया गया है.
भारी भीड़ जुटने की संभावना: आयोजकों की मानें तो दशहरा के दिन ग्राउंड में लोगों के हजारों की संख्या में पहुंचने की उम्मीद है। क्योंकि बीते वर्षों में भी सबसे ऊंचे रावण के पुतले को देखने न केवल स्थानीय लोग, बल्कि ट्राईसिटी समेत अन्य जिलों के लोग भी यहां पहुंचते रहे हैं. इसके मद्देनजर आमजन की सुरक्षा, ट्रैफिक, पार्किंग, अन्य प्रबंधों व समूची व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने पर गौर किया जाएगा. इसके लिए कमेटी द्वारा विभिन्न पदाधिकारियों को जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं।
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